ब्लॉगसेतु

तूने कभी मुझे चाहा ही नहींपर तूने मुझे प्यार के भ्रमजाल में भरमाया तो सहीतेरी बातें कच्चे रंग सी धुल के निकलीतेरे वादे बिन पानी वाले बादलों से हल्के निकले सच्चे प्यार में तूने वफ़ा की आजमाइश की और तूने बेवफ़ाइ की हद पार की मैने तो अख़िरि सांस तक...
आज मैने आँसू की एक बूंद में बहुत सारे अक्श हैं देखेवो तेरी मेरी उसकी आँख का पानीसबकी अलग है कहानीबचपन के मासूम मोती जब आँखों में भर आएँमाँ कुछ देर भी गरआँखों से ओझल हो जाएकिशोरों की आँखेंअचानक से कब भर आएँव्याकुल मन का पंछीपिंजरा तोड़ने को झटपटाएयुवा मन औ...
मै कौन हूँ और क्या हूँक्या तुम मुझे हो जानतेबस चंद है मेरी ज़रूरतें किताब की दुकान देख रुक जाती हूँ अच्छे और सुंदर सफे लिए बिना रह नहीं पाती हूँसुंदर कलम तलाशती आँखेंसांसारिक रंग ढ़ंग कुछ नहीं आता बस कुछ लिख़ने के लिए एकांत मुझे है भाता सुकून मि...
कंकड़ सा मैं मोती सी तुम आकार भले ही समान हो प्रकार है लेकिन भिन्न कंकड़ मैं बदसूरत न चमक न कोई रंग ढंग का मोती तुम सफ़ेद झक्क है चमक और है ख्याती तुम्हारे अंग काकंकड़ मैं नाकारा सा कही भी मिल जाऊं मुंह उठाकरमोती तुम उत्कृष्ठ सी ...
तेरे जाने के बाद से न आया वैसा सावनजब गिरता था सूखी धरती पर वो बारिश का पहला पानीसारे अरमानों को जगा देती थीमिट्टी की सौंधी खुशबू दिल की किताब के जब पलटते हैं पन्ने उस बारिश की एक बूंदअब भी आँखों में कहीं अटकी हुई है वो बारिश में भीगनें की उम्र&...
पिता शब्द का अहसास याद दिलाता है हमेंकी कोइ बरगद है हमारे आस -पासजिसकी शीतल छाया मेंहम बेफ़िक्र हो कर सो सकेंजीवन में गर आए कोइ दुख तो उन विशाल कंधों परसर रख करजी भर कर रो सकेंवो ऐसा मार्गदर्शक है जो पहले खुद उन रास्तों परचल कर अंदाज़ा लगाता हैकी अगर...
उस दिन बहुत कोशिश की हमने तुम्हें पहचानने कीपर दृष्टि धुँधलाती रही याददाश्त के पृष्टों कोपर हम पहचान गए थे तुम्हें तुम हमसे किसी मोड़ पर टकराए थे सोचा होगा तुमने कि अगली मंज़िल तक शायद ?हम तुम्हारे कदमों के साथ कदम मिला लेगेंपर रास्ते...
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मेरा रूप माँ बहन बेटी या गृहणि का रहता हैपर मेरा मन हर दिन नई कविता कह लेता हैशंखनाद हो जाता हैसुबह के सूरज की लालिमा सेउद्गम हो जाता है सरिता काबहने लगते हैं शब्द कईउन्हें मैं चुनती जाती हूँपहल करती हूँ ईश्वर की पूजा सेबच्चों की मासूमियत सेआँगन की रांगोली से ...
सब रंग भर दिए पर तस्वीर अभी अधूरी है बातें बहुत कही और सुनी हमनें पर मुलाकात अब भी अधूरी हैमंजिल तक जाना मजबूरी थीपर सफ़र अब भी अधूरा हैअधूरी तस्वीर पूरी करदोरेत पर बनी है तस्वीरइसे पानी के रंग से भर दोमुलाकात अब पूरी कर दोकहानी जो अधूरी थीउसे मुझे सुनने...