ब्लॉगसेतु

ठहरे हुये पानी मेंवो अग लगा देते हैंबहती हुयी लहरों काअंजाम भला क्या होगाझुकती हुयी नजरों सेवो कयामत बुला लेते हैऊठती हुयी निगाहो काअंदाज भला क्या होगाउलझी हुयी जुल्फो सेवो सुबह को शाम करते है भीगे हुए गेसुओं सेमौसम भला क्या होगाहल्की सी एक झलक सेवो तारों को र...
 पोस्ट लेवल : love
निगाहों को पढने दो निगाहों की गुफ्तगूदखलंदाजी जुबान कीहर जगह अच्छी नहीघुलने दो इश्क को सांसों में इश्क की बेताबियां हुस्न कीहर जगह अच्छी नहीसुनने दो खामोशी कोखामोशियों की कहीगुस्ताखियां निगाह कीहर जगह अच्छी नहीमचलने दो इशारो को इशारों की गिरफ्त मेंनिगेबानियां तहजीब...
 पोस्ट लेवल : love never dies
सोचती हूँ, अब मान ही लूँकि मै ही, हाँ सिर्फ मै ही हूँजिम्मेदारमेरे आस पासघटती हर उन दुर्घटनाओं काजिनको भले ही कोई उगायेखरपतवार मै ही हूँसच ही तो हैंआखिर कहाँ है दोषी वो नजरें जो किसी एक्स-रे मशीन से कमतर नहीमशीन का तो काम ही है – काममुझे खुद ही ओढनी चाहियेसिर से पा...
 पोस्ट लेवल : justice
माना कि है एक बरसात, आंखों में तेरीमगर हर किसी आंगन बरसा नही करतेसुना है बाजार में उतरी है, चीजें कई नईमगर हर किसी को जरूरी कहा नही करतेआयेगें कई तुमसे कुछ सुनने की आस मेंमगर हर कही हाले दिल, बयां नही करतेउसने दे तो दिये कांधे तुझे सहारे के लियेमगर हर इक ठौर पलाश ठ...
 पोस्ट लेवल : life
वक्त काफी गुजरता है उनके ख्यालों मेंकोई साथ रहने लगा, शहर-ए-ख्यालों मेंजाने क्या बदलने लगा है मेरा आजकलवो जवाब बन आने लगा, मेरे सवालों मेंजिक्र करना भी है, औ छुपाना भी सबसेबेसबब नही तेरा आना, मेरी मिसालों मेंचंद रोज की हैं मुलाकातें, उनकी अपनी महसूस हुआ, जो होता नह...
 पोस्ट लेवल : Dreaming
नवजीवन का आगमन, कई प्रश्न भी लेकर आया हैकुछ दुविधा में मन मेरा, क्या छोडूं और क्या बांधूक्या छोडूं उस चिडियां को, जो फुदकती आंगन मेंया छोडूं अल्लहडपन को, जो बरसता था सावन मेंक्या कुछ काम के ये होंगे, या कर्कट साबित होगेया बरसों बक्सों मे बन्द, बस आभासी साथी होंगेंन...
 पोस्ट लेवल : memories
******************            १     ***************मै स्त्री हूँसजीव कल्पना कीपरिधि काकेन्द्र बिन्दु******************            २&nbs...
 पोस्ट लेवल : life women power
कभी सोचा नही था, जीवन मेरे लिये इस कदर दुष्कर हो जायगा। मेरे जैसे आत्मसंतुष्ट व्यक्ति के जीवन की परिणित आत्महत्या तक पहुँच जायगी। सामान्यतयः लोग अपने सुसाइड नोट में लिखते हैं कि अपनी मॄत्यु के लिये वह स्वयं उत्तरदायी हैं, उनके बाद किसी और को आरोपित न किया जाय वगैरह...
 पोस्ट लेवल : Pulitzer Prize Kevin Carter गिद्ध
मधुर अपने विघालय का एक सीधा सादा, होनहार छात्र और माता पिता का आज्ञाकारी बेटा था, इसी वर्ष उसके पिता अपने परिवार सहित गाँव से शहर नौकरी के लिये आये थे। जब उसके पिता को अपने साथ काम करने वाले लोगो से पता चला कि सिटी मॉन्टेसरी लखनऊ के चुनिंदा विघालयों में से है तो उन...
 पोस्ट लेवल : attempt try
जीवन की आपाधापी मेंबरसों के आने जाने मेंबहुत कुछ बदलता है लेकिनजो नही बदलता, वो बचपन है बदल जाते है, रंग खुशी केबदल जाते है, संग सभी के  बदल जाते है, चेहरे मोहरेबदल जाते है, मन भी थोडेमौसम के आने जाने मेंजमानों के गुजर जाने मेंदिन रात बदलते है लेकिन जो नही बदल...
 पोस्ट लेवल : childhood memories