ब्लॉगसेतु

- शुभम साहू अजीब'काल्पनिक भगवान' को मानने वाले प्रिय आस्तिकों,इसी महीने पारिवारिक सदस्यों की जिद पर उनके साथ शिर्डी और शनि शिंगणापुर गए थे, दोनो जगहों पर मेरा पूरा ध्यान 'गलत और सही' पर रहा, दोनों जगहों पर आपकी गाड़ी पहुंचते ही, कुछ दलाल आपकी गाड़ी के पास आते हैं औ...
 पोस्ट लेवल : सीधी बात
- मिथुन कुमारडियर डार्लिंग,सच तो ये है कि तुम सच में बिना मेकअप के ही खूबसूरत लगती हो। मैं अपनी बात की सत्यता का प्रमाण तो नहीं दे सकता। लेकिन तुम चाहो तो मुझे परख सकती हो। इस परखने में बस यह मत कहना चलो अंगारे पर चलकर दिखाओ कि तुम सच कह रहे हो। वो जमाना और था जब स...
 पोस्ट लेवल : दिल की बात
30 सितम्बर, 1930 को भगत सिंह के पिता सरदार किशन सिंह ने ट्रिब्यूनल को अर्जी देकर बचाव पक्ष के लिए अवसर देने की मांग की थी। पिता की अर्जी से भगत सिंह की भावनाओं को भी चोट लगी थी, लेकिन अपनी भावनाओं पर काबू कर सिद्धान्तों पर जोर देते हुए उन्होंने 4 अक्तूबर, 1930 को य...
 पोस्ट लेवल : भगत सिंह
इंकलाब के दौरान यतीन्द्रनाथ दास 63 दिन की भूख हड़ताल के बाद शहीद हुए। उस समय 'माडर्न रिव्यू’ पत्रिका के सम्पादक रामानन्द चट्टोपाध्याय ने यतीन्द्रनाथ दास की शहादत, जनता की तरफ से शहीद के सम्मान और भगत सिंह के ‘इन्कलाब जिन्दाबाद’ के नारे की आलोचना की। इसका जवाब ...
 पोस्ट लेवल : भगत सिंह
भगत सिंह लाहौर के नेशनल कॉलेज के छात्र थे। एक सुंदर-सी लड़की आते-जाते उन्हें देखकर मुस्कुरा देती थी और सिर्फ भगत सिंह की वजह से वह भी क्रांतिकारी दल के करीब आ गई। जब असेंबली में बम फेंकने की योजना बन रही थी तो भगत सिंह को दल की जरूरत बताकर साथियों ने उन्हें यह जिम्...
 पोस्ट लेवल : भगत सिंह
-आशुतोष तिवारीडियर देशभक्तों, यह आप के लिए है क्योंकि आप हर दिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिये देश तोड़ने वालों के खिलाफ लिखते हैं। लेकिन आप लोगो को देश तोड़ने वाले लोग ट्रोल करते हैं, गाली देते हैं, तो आप कमजोर पड़ जाते हैं।आप कमजोर और निराश मत होइए। वह द...
 पोस्ट लेवल : सीधी बात
बेटा अमेरिका में जॉब करता है, उसके मां-बाप गांव में रहते हैं। बुजुर्ग हैं, बीमार हैं, लाचार हैं। बेटा कुछ सहायता करने की बजाय पिता जी को एक पत्र लिखता है। कृपया ध्यान से पढ़ें और विचार करें। अब यह फैसला हर मां-बाप को करना है कि अपना पेट काट काट कर, दुनिया की हर तकली...
 पोस्ट लेवल : दिल की बात
- असित नाथ तिवारीआदरणीय निर्मला सीतारमण जी,देश का वित्त मंत्री होने के नाते 5 जुलाई को आपने देश का जो बजट पेश किया उसमें मीडिया में विदेशी पूंजी निवेश का जिक्र भी था। मीडिया में विदेशी पूंजी निवेश के लिए पहला दरवाजा स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में खुला। 26...
 पोस्ट लेवल : अवाम का पैगाम
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़े की घोषणा 3 जुलाई 2019 को सार्वजनिक कर दी. राहुल ने इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए एक चिट्ठी भी ट्वीट किया है. इस चिट्ठी में राहुल गांधी ने कहा है कि दूसरों की जवाबदेही तय करने से पहले अपनी जवाबदेही ज़रूरी थी. पढ़िए राहु...
 पोस्ट लेवल : दिल की बात
- सुजाताआदरणीय श्रीधरन जी,दिल्ली सरकार द्वारा मेट्रो और बसों में महिलाओं के लिए स्वेच्छा से टिकट लेने के प्रस्ताव पर अपनी ताज़ा चिट्ठी में आपने कहा है कि 'सब जानते हैं कि यह इलेक्शन गिमिक है' यह सच है कि सब जानते हैं। फिर क्या आपके 'सब' में स्त्रियां शामिल नहीं हैं?...
 पोस्ट लेवल : अवाम का पैगाम