ब्लॉगसेतु

राजस्थान के एक हिस्से में बाढ़ का कहर है और लोग आपदा से घिरे हैं। प्रशासनिक अमला इतना असहाय नजर आ रहा है। आपदाएं हमेशा आती है और सरकारी तंत्र लाचार नजर आता है। क्यों? प्रश्न सभी का यही है। मेरा भी। परन्तु जवाब नहीं मिलता। मेरा एक अनुभव है जो आज लम्बे समय बाद ब्लॉग...
प्रदीप है नित कर्म पथ परफिर अंधेरों से क्यों डरें!हम हैं जिसने अंधेरे काकाफिला रोका सदा,राह चलते आपदा काजलजला रोका सदा,जब जुगत करते रहे हमदीप-बाती के लिए,जलते रहे विपद क्षण मेंसंकट सब अनदेखा किए|प्रदीप हम हैं जोतम से सदा लड़ते रहे,हम पुजारी, प्रिय हमें हैज...
 पोस्ट लेवल : उजाला poem कविता दीवाली kavita
मैं सुबह से देख ही रहा था - तमाम आये हुए संदेशों को ,वाट्सअप और फेसबुक पर -तमाम दूसरे लोगों और समूहों को फॉरवर्ड कर हम समारोहपूर्वक मदर्स डे मना रहेथे। ये हमारे फॉरवर्ड होने की निशानी भी कही जा सकती है। पर ऐसा करने में कोईबुराई भी नहीं है। -- यहाँ  मेरा सवाल द...
एक 6 साल का छोटा सा बच्चा अक्सर भगवान से मिलने की जिद किया करता था। उसे भगवान् के बारे में कुछ भी पता नही था पर मिलने की तमन्ना, भरपूर थी।उसकी चाहत थी की एक समय की रोटी वो भगवान के सांथ खाये।1 दिन उसने 1 थैले में 5 ,6 रोटियां रखीं और परमात्मा को को ढूंढने निकल पड़ा।...
 पोस्ट लेवल : motivational stories
जोरजी चंपावत कसारी गांव के थे,जो जायल से 10 किमी खाटू सान्जू रोड़ पर है। जहां जौरजी की छतरी भी है।एक दिन की बात है जोधपुर के महाराजा नें विदेश से एक बन्दूक मंगाई और दरबार मे उसका बढ चढ कर वर्णन कर रहे थे। संयोग से जोरजी भी दरबार मे मौजूद थे।दरबार ने जोरजी से कहा-'...
 बीते दो दिन में बड़ा नाटक चला। राम नाम की नाव में सवार पार्टी इन दिनों अम्बेडकर के चरणों में ‘फूल’ चढ़ा रही थी। दूसरी ओर कभी पार्टी से बाहर करके बाद में बाबा साहब के अनुयायी रामजी को हाथ जोड़ते नजर आए। फिर कौन कह रहा है कि भारत असहिष्णु है। बाबा साहब तो राम,...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य टिप्पणी comments
http://www.patrika.com/news/raipur/raigarh-jindal-group-tortures-tribal-woman-to-acquire-her-lands-in-chhattisgarh-1266650/http://www.patrika.com/news/raipur/raigarh-jindal-group-tortures-tribal-woman-to-acquire-her-lands-in-chhattisgarh-1266650/जिन्दल तुम तो मर ह...
मुस्कुराहट... सपने में परियां आई इसलिए बेटी मुस्कुराई ये स्वप्न जब बड़े होंगे अपने पांव पर खड़े होंगे जब भावना की गोद से नीचे उतरकर पृथ्वी पर चलना सीखेंगे चांद तारों सी उंचाइयों के लिए रूठना मचलना सीखेंगे रोशनी के लिए ललचाएंगे हर दीए से उंगली जलाएंगे जब ये स्वप्न...
जो शहीद हुए वतन पर लिए बिना कोई मोलआंसू से लिख, कलम आज उनकी जय बोलमुम्बई लहुलूहान हुई थी इसलिए 26 नवम्बर 2008 भुलाए नहीं भूलता। पर कसाब को फांसी दिए जाने के बाद उन्हें और अन्य शहीदों को भुला दिया जाना कितना जायज? शहीद अशोक काम्टे, विजय सालस्कर, हेमन्त करकरे, mej...
पाली। पाली शहर की औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण की मात्रा इतनी अधिक है कि अपराधियों को पकड़ने वाले प्रशिक्षित डॉग की घ्राणशक्ति भी जवाब दे जाती है। ऎसे में यहां काम करने वाले मजदूरों की हालत कैसी होती होगी अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। औद्योगिक इकाइयों में होने वाली...