ब्लॉगसेतु

लाखों ऐसे लोग यहाँ पर, जिनका कहीं मकान नहीं हैकब कोई कारों के नीचे, शहर का उनपर ध्यान नहीं है ।इस धरा पर मिलता सबको, कष्टों का अंबार यहाँ परजहाँ केवल खुशियाँ ही मिलती ऐसी कोई दुकान नहीं है ।आदमी ही आदमी का दुश्मन, हजारों फंदे-जाल बिछाएफिर भी अच्छे इंसानों से धरती अ...
Courtesy - www.shutterstock.com   साधो, उन सारी शक्तियों का साधुवाद कीजिए, जिनके सामूहिक प्रयासों के बदौलत मधुशाला की ओर जाते मार्ग प्रशस्त हो गए । खुल गए वे सारे मार्ग, जो मधुशाला की ओर बढ़ते थे । राह में पड़े सारे कंकड़-पत्थर, कंटक आदि साफ हो गए । कल तक...
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सेठ मालवाले प्रसन्न हैं, गद्गद् हैं । उनका दिल खुशी के अतिरेक में बल्लियों उछल रहा है, क्योंकि देश पर संकट आन पड़ा है । लोग घरों में दुबके हुए हैं, मगर पेट दुबकने को तैयार नहीं । हर तरफ लॉकडाउन है, पर पेट पर ताला लगाए नहीं लगता । कुछ ही समय में ताला टूट-टूट जात...
   ‘मम्मी जी, मैं जानती हूँ कि यह पत्र यानि लेटर आपको पसन्द नहीं आएगा । अंग्रेजी में यह आपके हेड पर एटम बम की तरह एक्सप्लोड होगा । रियली आई डोंन्ट नो, आपका हेड हिरोशिमा या नागासाकी बनेगा कि नहीं । बट लेटर का अटैक होते ही आपके फेस पर सुनामी नॉक करने लगेगा...
 पोस्ट लेवल : teer-a-nazar teer-a-nazar.blogspot.com
साभार-hazrat-ji-md-shakeel-bin-hanifएक गधा जिद कर बैठाजीवन में कुछ करना है,जो भी हो, उपाय करोउसको टॉपर ही बनना है ।                                    मैंने उसको लाख मनाया&nbs...
            साभार-hindustantimes   चोरों की महासभा का आयोजन किया गया था । इसमें हर वो बंदा आमंत्रित था, जो कर्म से चोर हो, लेकिन उसकी आत्मा उसे चोर कतई न मानती हो । हर तरह के चोर बुलाए गए थे । नामी चोर भी-बेनामी चोर भी,...
बिन पढ़-लिख जो पास हो गयाधाकड़ उसको कहते हैं,रिजल्ट आने पर जो जेल गयाटॉपर उसको कहते हैं ।                                मसि-कागज को कभी न छूता           ...
            साभार - oneindia.com   जो कभी अभूतपूर्व हुआ करते थे, वे अब भूतपूर्व हो चुके हैं । जिस समाजवादी स्टाइल में वे मोदक-मेवा के मनमोहक रसभोग उड़ाया करते थे, उस पर अब मुसीबतों की मार-ही-मार है । वे भी क्या दिन थे, ज...
चित्र साभार- Cosmo Times   आज रोज जैसा नजारा नहीं है किले के बाहर । हमेशा मंथर गति से चलने वाला निकटतम आस-पास का परिवेश आज कुछ गतिमान है । न केवल कुछ ज्यादा लोग चले आए हैं, बल्कि अभी भी चले आ रहे हैं । दोपहर होते-होते अर्द्ध-निद्रा को प्राप्त हो जाने वाले...