ब्लॉगसेतु

     पत्रकार-वार्ता में इस वक्त जबर्दस्त भीड़ है । पत्रकारों की संख्या तो उंगलियों पर गिनने लायक है, किन्तु मंत्रियों-सभासदों की ढेर लगी हुई है । वही पत्रकार बुलाए गए हैं, जो प्रश्न पूछते समय दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा न करते हों । गड़े मुर्दे उखा...
केश  तुम्हारे  उड़े  हुए  हैंजैसे बदली छिटके अम्बर में,किस नीर को दौड़े जाते  होइस  भरे  हुए  सागर  में ।                   &...
विचित्र सी बाना पहनेकिस पथ के तुम राही हो,हमें बताओ जरा ठहर केकिस मंजिल के राही हो ।                    कदम तेज से चलते जाते                    धूल  लपेटे ...