ब्लॉगसेतु

               उत्तर से प्रश्न बन गया प्रदेश अपनी रोनी सूरत लिए खड़ा है । आँखों में उसके पानी है, मुँह में वही कहानी है । वह खड़ा है चौराहे पर । उसे चुप कराने और अपना बनाने के लिए सभी में होड़ है । सभ...
                        घर में आने वालों का ताँता लगा हुआ था । किसी के हाथ में गले में डालने के लिए फूलों की माला थी, तो किसी के हाथ में थमाने के लिए पुष्पगुच्छ । कोई चमकीले कागजों से आवरणबद्ध अपनी पस...
                  दरबार-ए-आम आज बतकहियों, कहकहों, हँसी-ठहाकों से गुंजायमान है । हर वर्ग की जनता उपस्थित है । जिसे होना चाहिए, वह तो है ही; जिसका होना जरूरी नहीं, वह भी मौजूद है । सभी के दिलों में जोश व उत्साह की लहर...
               जिसे चाचा-भतीजा को घर के आंगन में देखने की आदत सी पड़ी हुई है, उसके लिए यही सलाह है कि वह अपनी इस आदत को अलविदा कह दे । पिछले लगभग पाँच साल के दौरान समय ने ऐसी करवट ली है कि ये दोनों आमने-सामने हैं । सत्ता...
                      साधो, वर्षा ऋतु आते ही हमारे यहाँ धर्म-कर्म कुछ ज्यादा ही बढ़ जाते हैं । आम जन-किसान पूजा-पाठ-हवन और यज्ञादि करने लगते हैं । प्रयोजन ऊपर वाले को रुष्ट हो...
                  हमारे एक पड़ोसी की फितरत अजीब है । जिस काम का विरोध होता है, वही काम करने में उन्हें मजा आता है । लोगों ने उनके मोहल्ला विकास दल का सदस्य बनने का विरोध किया, वह बन गए । फिर उन्होंने उस दल का मुख्यम...
                   ‘क्या हुआ कुत्ते का, मिला कि नहीं अभी तक?’ कंपनी बाग में टकराते ही एक नव-निर्मित मित्र ने पूछा । सुबह-सुबह की सैर में एक-दूसरे की खैर पूछते-पूछते हम वाकिंग फ्रेंड बन गए थे । उनका इशारा ह...
                      हमारे पड़ोसी आँधी की तरह आए और हमें उड़ाते हुए तूफान की तरह ले गए । इज्जत से बोले तो हमें लगभग घसीटते हुए ले गए । खली की तरह उनका शरीर और मैं सिंकिया पहल...
                 यकीन नहीं था कि गली के नुक्कड़ पर पहुँचते ही मुझे नुक्कड़-नाटक के दर्शन साक्षात होने लगेंगे । सौभाग्य इतना होगा कि मुझे भी उस नुक्कड़-नाटक में शामिल कर लिया जाएगा । हुआ यह कि नुक्कड़ पर पहुँचते ही म...
              सुबह-सुबह जब पड़ोसी दरवाजे पर दस्तक देता है, तो मस्तक में अजीब-अजीब से झटके गुलाटियाँ मारने लगते हैं । अब कौन-सा लफड़ा मोल लेने आया है मुझसे? मगर मैंने तो उसे उकसाने के कोई जतन नहीं किए पिछले दिनों । जरूर किसी त...