ब्लॉगसेतु

गर बेटियों का कत्ल यूँ ही कोख में होता रहेगा!शर्तिया इन्सान अपनी पहचान भी खोता रहेगा!!मर जायेंगे अहसास सारे खोखली होगी हँसी,साँस लेती देह बस ये आदमी ढोता रहेगा!!स्वर्ग जाने के लिए बेटे की सीढी ढूँढ कर,नर्क भोगेगा सदा ये आदमी रोता रहेगा...
स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल सेलुट गये सिंगार सभी बाग़ के बबूल सेऔर हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे।कारवाँ गुज़र गया गुबार देखते रहे।नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गईपाँव जब तलक उठे कि ज़िन्दगी फिसल गईपात-पात झर गए कि शाख़-शाख़ जल गईचाह तो निकल सकी न पर उमर निकल गई...
 पोस्ट लेवल : गोपालदास "नीरज"
प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो,बदल रहे अणु, कण-कण देखो|तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो |भाग्य वाद पर अड़े हुए हो|छोड़ो मित्र ! पुरानी डफली,जीवन में परिवर्तन लाओ |परंपरा से ऊंचे उठ कर,कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ |जब तक घर मे धन संपति हो,बने रहो प्रिय आज्ञाकारी |पढो, लिखो, शादी...
 पोस्ट लेवल : काका हाथरसी
शैल चतुर्वेदी29 जून 1936 -29 अक्टूबर 2007आप हिंदी के प्रसिद्ध हास्य कवि, गीतकारऔर बॉलीवुड के चरित्र अभिनेता थे। प्रस्तुत है उनकी एक व्यंग्य कविताहमनें एक बेरोज़गार मित्र को पकड़ाऔर कहा, "एक नया व्यंग्य लिखा है, सुनोगे?"तो बोला, "पहले खाना खिलाओ।"खाना खिलाया तो...
 पोस्ट लेवल : शैल चतुर्वेदी
बेसन की सोंधी रोटी परखट्‍टी चटनी-जैसी माँयाद आती है चौका-बासनचिमटा, फुकनी-जैसी माँबान की खुरीं खाट के ऊपरहर आहट पर कान धरेआधी सोई आधी जागीथक‍ी दोपहरी-जैसी माँचिडि़यों की चहकार में गूँज़ेराधा-मोहन, अली-अलीमुर्गे की आवाज़ से खुलतीघर की कुण्डी-जैसी माँबीवी, बेटी, बहन,...
एक सेठ  से लक्ष्मी  जी  रूठ गई ।जाते वक्त  बोली मैं जा रही  हूँ...और... मेरी जगह  नुकसान आ रहा है ।तैयार  हो जाओ।लेकिन  मै तुम्हे अंतिम भेट जरूर देना चाहती हूँ।मांगो जो भी इच्छा  हो।सेठ बहुत समझदार  था।उसने विनती&nb...
नाम से भी मेरे नफ़रत है उसेमुझसे इस दर्जा मुहब्बत है उसेमुझको जीने भी नहीं देता वोमेरे मरने की भी हसरत है उसेरूठ जाऊँ तो मानता है बहुतफिर भी तड़पाने की आदत है उसेउसको देखूँ मैं बंद आँखों सेगैरमुमकिन सी ये चाहत है उसेजब भी चाहे वो सता लेता हैज़ुल्म ढाने की इजाज़त है उसे...
 पोस्ट लेवल : मनु भारद्वाज 'मनु'
आता नहीं क़रार दिले-बेक़रार मेंइक दिल है वो भी अपने कहाँ इख़्तियार मेंवो मुब्तला है ग़म में, ख़ुशी में या प्यार मेंइक दिल है वो भी अपने कहाँ इख़्तियार मेंजाया करेंगे वक़्त नहीं इंतज़ार मेंधोखे मिले है हमको बहुत ऐतबार मेंहोता है अगर खेल कभी प्यार-प्यार मेंफिर जीत में कहाँ ह...
 पोस्ट लेवल : अंसार कम्बरी
तौक़ीर ओ ऐतबार ओ इस्मत हो या हो 'माँ का प्यार'ये वो दौलत है , जो फिर ना मिले उम्र भर कमाने सेए दिल चल के ढूंढें नया और कोई ज़ख़्म  ज़माने में उकताहट सी हो गयी है मुझे अब  इक ही फ़साने सेअब तो वो याद भी नही के जलाए दिल ओ जाँ मेरी  फितरती दर्...
 पोस्ट लेवल : VenuS "ज़ोया"
तेज धड़कनों का सचसमय के साथ बदल जाता हैकभी देखते हीया स्पर्श भर सेस्वमेव तेज रुधिर धारबता देती थीहृदय के अलिंद निलय के बीचलाल-श्वेत रक्त कोशिकाएं भीकरने लगती थी प्रेमालापवजह होती थीं 'तुम'इन दिनों उम्र के साथधड़कनों ने फिर सेशुरू की है तेज़ी दिखानीवजह बेशकदिल द मामला...