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बरुण सखाजीबेशक एक रेपिस्ट को सजा से रेप नहीं रुकते। एक एनकाउंटर से रेप नहीं रुकते। एक रेपिस्ट को सरेआम फांसी पर लटकाने से रेप नहीं रुकते। एक रेपिस्ट को सार्वजनिक रूप से शैतान की तरह कंकड़-कंकड़ मारने से रेप नहीं रुकते। संसद में चीख-पुकार से रेप नहीं रुकते। पुलिस की...
अदर लीडर्स विद बेयर ग्रिल्स इन जंगल.... स्क्रिप्ट बाइः बरुण सखाजी श्रीवास्तव सीन-1- (बेयर द्वारा वेलकम)कैरेक्टर- (बेयर और अखिलेश यादव)सिचुएशन- जंगल में साइकल से अखिलेश उतरेंगे। बेयर ग्रिल्स हवा भरने के पंप के साथ वेलकम करेंगे। डायलॉग स्टार्ट....बेयर- वॉव, योर वेलकम...
अपना काम बनता...बरुण सखाजीये व्यवस्था जुदा है&#24...
अर्ध सौजन्यः गूगल से चित्र निकालकर स्वयं द्वारा कंपोज्ड।बरुण सखाजीस्कूलों में प्रार्थना के साथ संविधान का वाचन बेशक एक अच्छा कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम के दूरगामी अच्छे नतीजे हो सकते हैं। हालांकि यह अपर्याप्त जैसा है, किंतु इसलिए अभी इसकी आलोचना का वक्त न...
लघुत्तम: ओ माय गॉड...रात 1:30 बजे पेज फाइनल करते समय &#...
गूगल से साभारः चित्र विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि को पेश करने के मकसद से यह चुना गया, बजाए विरोध, उपद्रव के।बरुण सखाजीजेएनयू के नाम से ही देश में बंटवारा हो जाता है। एक पक्ष उद्वेलित होकर समर्थन में उतर पड़ता है, दूसरा विरोध में। दरअसल इसकी वजह है विश्वविद्यालय प...
अगर बौद्धिक एकाकीपन महसूस होने लगे तो समझिए &#234...
Courtesy by Google Image.बरुण सखाजीशिवसेना की आलोचना या प्रशंसा से पूर्व यह समझिए कि भाजपा उसके लिए कितना बड़ा सरदर्र बन चुकी है। हालाल ये हैं कि शतरंज में आपके प्यादे लगातार पिट रहे हों और आपका रजा घर चुका हो। वजीर देकर भी शह, घेराव का खेल चल रहा है। किसी भी वक्त...
गूगल से साभार।बरुण सखाजीराम जन्मभूमि विवाद पर देश ने परिपक्वता दिखाई है। समाज ने अपने से तय किया और प्रशासन को जरा सा भी तकल्लुफ नहीं उठाना पड़ा। यहां तक कि देशभर में कहीं कोई एक घटना भी रिपोर्ट नहीं हुई जहां झगड़े या कोई कानूनी भाषा में फैसले के आधार पर मनमुटाव का...