ब्लॉगसेतु

मैं भी चाहती हूँईश्वर के साथलूडो खेलनामेरी प्रबल इच्छा हैउनके साथड्यूएट गाना,मेरी लिस्टविशालकाय हैऔर मेरी क़िस्मतका कद अजन्मा,मेरी तलाश जारी हैमेरे लिए ईश्वर अभीमरीचिका हैजो अपने होने का भ्रमपैदा करता है,पर मेरे ग्रीवा को तर नही करता____
मेरी हर इकसांस एक नईकविता गढ़ेगी,वह कविताजिसमें ईश्वरमुझे देख सिटीमारेगाबुद्ध मेरी रसोई मेंचपाती बेलेगाजहाँ मैं रावण के साथपुष्पक विमान मेंडेट पर जाऊंगीजहाँ भूत मेरे जुड़े मेंसितारों को टाँकेगाजहाँ चिता की अग्नि परप्रेत मुझेचाय बनापिलायेगा___
न जगी हूँन सोई हूँमैं बीचभवँर मेंखोई हूँहे ईश्वरमेरे तारण हारधूप, अगरबत्तियोंका नशा त्यागअब होश में आमुझे मोक्ष दिलामैं भ्रमजाल मेंउलझी हूँ____
बुद्ध तुम्हारे हाथों काझुनझुना नही ,जिसे तुम जब चाहोजैसा चाहो बजाकरनृत्य करने लगोगे, औरनाही ईश्वर तुम्हाराखरीदा हुआ दासजिससे तुम अपने मनमुताबिक ब्रह्मांड कानिर्माण कराओ.सुनो तुम्हारी देह कोईआकर्षण का केंद नहीजिसे तुम सुनहरी कालीनपर बिछामात्र चुम्बनों से&n...
प्रेम तुम्हारे लिए..ठंडी हवाओं के संगनर्म मु&#235...
मुरली वाले तू सुनले पुकारनैया मेरी, फंस गई मज&#23...
वह बेज़ान पड़ी घूर रही हैघर की दीवारों कोकभी छत को कभी उस छत सेलटक रहे पंखे कोउसकी नजरें तलाश रहीं है आज उन नजरों में परवाह जरा सीअपने लिएजिनकी परवाह को वहखुदको बिसार गईवो ढूंढ रही है उनकी बातों मेंज़िक्र जरा सी अपने लिएजिनकी फ़िक्र कर वहदिन रात मरती रही,अंतःकुछ न...
मासूम सा प्रेम मेरा परिपक्य हो गया वक़्त के थपेड़ो से सख्त हो गया किया न गया तुमसेकदर इस दिल कीआंखे देखों मेरी सुखकर बंजर हो गयाकहा न गया तुमसेलफ्ज़ दो प्यार भरे दर्द देखो मेरा पिघलकरसमंदर हो गयातुम्हे सोच खुश होता है दिल व...
मैं छोड़ चली हूँ अब तुम्हें हृदय में तुम्हारी &#23...