ब्लॉगसेतु

मानसरोवर से चली वोछिपकिला से भारत आयीखाब में मिली स्पीति जिससेबसपा कड़छम में मिलने आयीसाँप सी बलखातीहुँकार भी कभी करती है उसी सीपहाड़ों की मज़बूती आज़मातीकाटती है ये आसानी से उन्हें भीऔर ये सुन्दर किन्नर प्रदेशदो भागों में बाँटती है इसे भीठीक कहा था चन्दन नेये नदी अब म...
हाँजी साइकिल वाले भाई साहबआज कल सन्नाटा छाया हुआ है ब्लॉग परन कोई नयी पोस्ट न फेसबुक न इंस्टाकहाँ खो गए हो, कैसे चलेगा ऐसेऔर लगाम लगाएगा कौन, इस दुनिया की होड़ परमेरे रहनुमा आज मेरे सारे बहाने ख़त्म हो गएसोच रहा था करियर बना लूँ पहलेफिर करता मैं, पोस्ट ब्लॉग परअपने स...
स्मार्टफोन आज हर किसी की प्राथमिक ज़रूरत बन चुका है | आजकल किसी के पास कुछ हो न हो स्मार्टफ़ोन जरूर है | घुमन्तु जीवों के लिए मोबाइल फ़ोन न केवल बात करने का साधन है बल्कि रास्ता पता लगाना, होटल ढूँढ़ना, फ़ोटो खींचना, टोर्च, घड़ी, कम्पास आदि सभी जन्त्रों का काम इससे लिया...
हमरे वंश रीत ईम आईशीश देत पर धर्म न जाईयही कहा था छोटे साहिबज़ादों ने एक स्वर में, बुलंद आवाज़ में, भरे दरबार में जब वज़ीर खान ने उन्हें जान बचाने के लिए अपना सिख धर्म छोड़ इस्लाम कबूल करने को कहा था | 26 दिसम्बर 1705 के दिन उन्होंने भी अपने दादा जी के नक़्शे कदम प...
 पोस्ट लेवल : FATEHGARH SAHIB Sikh history revolution 2017 cycle ride
अपनी पूरी सेवा देकरसेवानिवृत होकरअब वह चला रहा है साइकिलउन सभी की याद में जो सेवानिवृत न हो सकेवो चला रहा है साइकिलपर्वत पठार मैदान मेंहर उस दोस्त की याद मेंजो माँ की रक्षा करते हुएवीरगति को प्राप्त हुआताकि कह सके वो खुद सेमेरे दोस्त मैं तुझे भूला नहींवो चला र...
दसवीं और ग्याहरवीं सदी के मध्य में कुल्लू, काँगड़ा और सुकेत के सीमावर्ती दूरदराज क्षेत्र में मण्डी नामक छोटे से कसबे का जन्म हुआ | सोहलवीं सदी तक आते आते ये एक शक्तिशाली राज्य के रूप में विकसित हुआ | राजा अजबर सेन ने ब्यास नदी के दूसरी तरफ के इलाके जीत कर वहाँ...
मण्डी की शिवरात्रि, सुनते ही दिलोदिमाग में पालकियों पर झूमते देवताओं की एक छवि सी बन जाती है | पारम्परिक वाद्य यंत्रों के स्वर स्वतः ही दिमाग में गूँजने लगते हैं | इसी सांस्कृतिक देव मिलन को देखने मैं भी चंडीगढ़ से पहुँच गया मण्डी, सीधा गुरूजी के घर में | आज पहला दि...
 पोस्ट लेवल : himachal festivals shivratri mandi shivratri 2017 mandi
देवते के वाद्य वादक या बजंतरी, ये कौम उतनी ही पुरानी है जितना पुराना मण्डी की शिवरात्रि का इतिहास है | देवते की धुनों को सहेज के रखना, देवते के आगे वाद्य वजाते हुए चलना ताकि देवते के आगमन की ख़बर सबको पहले ही लग जाए, निःस्वार्थ भाव से देवते की सेवा करना और वो भ...
मैं तो बहुत व्यस्त हूँसांसारिक क्रियाकलापों में मस्त हूँ और आप तो हर जगहफिर काहे आपको ढूंढनेनिकलूँ हर जगहबहुत मज़ा मुझको है आ रहा फिर भी जाने क्यों मन तेरी है सुन पा रहाथोड़ी देर के लिए सहीजैसे पहले ग़ुम थेवैसे ही हो जाओ ऐ मन माया में लिप्त हो जाओ&...
निकलता हूँ यात्रा परतब एक लक्ष्यसामने होता हैपाने को जिसकोनिरंतर प्रयास होता हैवही दिखता है वैसेअर्जुन को आँख जैसेऔर उस तक पहुँचने कोउत्सुक ये मन होता हैअगर मैं कहूँकी लक्ष्य ही प्रेरणा हैतो लक्ष्य पर पहुँच करलौट के आता कैसेअगर मुसाफ़िर बन येकहूँ की चलना मेरा कामतो...
 पोस्ट लेवल : revolution 2017