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मुझे विश्वास है यह लेख पढ़कर आपको अपने बचपन का शहर याद आएगा . एक दिन दुनिया इन दिनों पत्रिका के संपादक सुविख्यात कवि डॉ सुधीर सक्सेना मेरे घर आये और मुझसे मेरे जन्म के शहर बैतूल के बारे में ढेर सारी बातें कीं . उन्हींकी कलम से शहर बैतूल की यह दास्तान पढ़िए .............
बिलासपुर । प्रगतिशील लेखक संघ एवं बिलासपुर प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकार कवि नथमल शर्मा के काव्य संग्रह "उसकी आंखों में समुद्र ढूंढता रहा है" पर एकाग्र संगोष्ठी का आयोजन आज यहां किया गया ।काव्यपाठ करते हुए नथमल शर्मा   कार्यक्रम के प्रारंभ म...
ईश्वर  चन्द्र  विद्यासागर     का नाम आपने सुना होगा  | उनका मूल नाम ईश्वरचंद्र बंदोपाध्याय था  बंगाल के पुनर्जागरण के काल में जिन व्यक्तियों का नाम प्रसिद्ध हुआ उनमे ईश्वरचंद्र का भी नाम था । इनका जन्म 26 सितम्बर 1820 को &nbs...
आईये पड़ोस को अपना विश्व बनायेंदेह का अंतिम हश्र यही होता  है आज मेरे पिता स्मृतिशेष जगमोहन का स्मृति दिवस है । माता स्मृतिशेष शीला देवी का निधन 8 अगस्त 2001 को हुआ था और पिता का ठीक उनसे  दो वर्ष बाद 28 अगस्त 2003 को । तेरह वर्ष हो गए पिता को गुज़रे ह...
13 वें "रामचन्द्र देशमुख बहुमत सम्मान का आमंत्रण जब बहुमत पत्रिका के सम्पादक विनोद मिश्र जी ने भेजा तो सबसे पहले यह जानने की उत्सुकता हुई कि इस बार यह सम्मान किसे दिया जा रहा है । कार्ड खोलकर देखा तो एक नितांत अपरिचित नाम .. सुमिन बाई बिसेन । मुझे याद ही नहीं आया क...
जगमोहन कोकास व शीला कोकास      आज मेरे दिवंगत पिता , मेरे बाबूजी  जगमोहन कोकास का जन्मदिन है । बचपन में हम लोग त्योहार मनाते थे और त्योहारों की तरह हमारे जन्मदिन भी मनाये जाते थे । लेकिन माता - पिता को कभी हमने उनका जन्मदिन मनाते नहीं &nbsp...
इधर पिछले कुछ दिनों से ब्लॉग पर सक्रियता कुछ कम हो गई है । सोच ही रहा था कि लिखने की रेल फिरसे पटरी पर आ जाए कि अचानक फिर ज़रूरी कामों में उलझ गया और लिखना कुछ दिनों के लिए टल गया ।सितम्बर माह प्रारम्भ होते ही ख्याल आता है कि इस माह में कुछ “ महान “ लोगों का जन्मदिन...
          आज कवयित्री व उपन्यास लेखिका पुष्पा तिवारी का जन्मदिन है        उस दिन सुबह सुबह पुष्पा दीदी का फ़ोन आया … “ शरद शाम को आना है , मेरे उपन्यास ‘ राधेबाबू आनेवाले हैं ‘ का विमोचन है...
विगत दिनों नागपुर जाना हुआ था , छोटी बहन की ननद की बेटी के विवाह में । विवाह समारोह दिन में सम्पन्न हुआ । मंत्र पढ़े गये और  ‘कुर्यात सदा मंगलम...’ की ध्वनि के साथ ममता रिधोरकर व सारंग पेंढारकर एक दूजे के साथ परिणय सूत्र में आबद्ध हो गये । तत्पश्चात भोजन सम्प...
                                    इस ब्लॉग की डिज़ाइन का निर्माण करते हुए अचानक ख्याल आया कि...