ब्लॉगसेतु

मिथकीय चरित्रों की जब भी कभी बात आती है तो सनातन धर्म में आस्था रखने वालों के बीच भगवान श्री राम, पहली पंक्ति में प्रमुखता से खड़े दिखाई देते हैं। बदलते समय के साथ अनेक लेखकों ने इस कथा पर अपने विवेक एवं श्रद्धानुसार कलम चलाई और अपनी सोच, समझ एवं समर्थता के...
मैं सीमा का इक फ़ौजी हूँ, आज हृदय को खोल रहा हूँमातृभूमि ही माता मेरी, सच्चे मन से बोल रहा हूँ.धर्म है मेरा देश की रक्षा, चाहे जान चली जाए.लेकिन मेरी माँ दुश्मन के हाथों नहीं छली जाए.मेरे देश के लोग चैन से सोएं, बस ये चाहत है ।हरदम मेरी माँ मुस्काए,जिससे मुझे महब्बत...
'लोहिया' तेरे मिशन को ये कौन खा रहा है अब तो ''समाजवादी'' बग्घी पे आ रहा हैलूटो गरीब को पर बातें गरीब की हों ये मुल्क पूंजी-पूंजी अब खुल के गा रहा है.जो लोग थे 'मुलायम' दिखते 'कठोर' कैसे 'आजम' का आज 'जाजम' अब इनको भा रहा हैसारे विचार अच्छे बेकार हो गए हैं ये दौर...
         भ्रष्टाचार और काला धन दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं . दोनों एक-दूजे के लिए ही बने हैं और एक-दूजे के फलने-फूलने के लिए ज़मीन तैयार करते रहते हैं . यह कहना भी गलत नहीं होगा कि दोनों एकदम सगे मौसेरे भाई हैं. भ्रष्टाचार...
एक थप्पड़ दिल्ली में ऐसा पड़ा कि अब इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रही है। सुनाई पड़नी भी चाहिए। आखिर यह आम आदमी का थप्पड़ है, इसकी गूंज तो दूर तलक जानी ही चाहिए। कहते हैं कि जब आम आदमी तस्त्र होकर आप खोता है तो ऐसा ही होता है। आखिर कब तक आम जनों को ये नेता बेवकूफ...
 पोस्ट लेवल : महंगाई
आज अपने देश की राजनीति पूरी तरह से धंधेबाजों का खेल बनकर रह गई है। यह बात हम हवा में नहीं कह रहे हैं। आज अपने राज्य और देश का विकास चाहने वाले राजनेताओं की जरूरत नहीं रह गई है। अच्छे राजनेता राजनीति से किनारा कर गए हैं। अपने राज्य छत्तीसगढ़ के पूर्व वित्त मंत्री डॉ....
 पोस्ट लेवल : राजनीति
                                 ( चौथी दुनिया में प्रकाशित   यह आलेख राज भाटिया के ब्लॉग &nb...