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 कहते हैं किसी भी देश का इतिहास उसका गौरव होता है। हमारे देश का इतिहास भी हमारा गौरव है। आज़ादी के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं भारत का गौरवशाली इतिहास एक नए अंदाज में  क्योंकि ये है भारत की वो कहानी जो अबतक के अंग्रेजों द्व...
बंगाल चुनाव देश की राजनीति की दिशा तय करेगा। बंगाल एक बार फिर चर्चा में है। गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, औरोबिंदो घोष, बंकिमचन्द्र चैटर्जी जैसी महान विभूतियों के जीवन चरित्र की विरासत को अपनी भूमि में समेटे यह धरती आज अपनी सांस्कृति...
 महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। जिस प्रकार से बीएमसी ने अवैध बताते हुए नोटिस देने के 24 घंटो के भीतर ही एक अभिनेत्री के दफ्तर पर बुलडोजर चलाया और अपने इस कारनामे के लिए कोर्ट में मुंह की भी खाई उससे राज्य सरकार के लिए भी एक असहज स्थिति उत्...
किसने सोचा था ऐसा दौर भी आएगा।“मानव ही मानव का दुश्मन बन जाएगाकिसने सोचा था ऐसा दौर भी आएगा।जो धर्म मनुष्य को मानवता की राह दिखाता थाउसकी आड़ में ही मनुष्य को हैवान बनाया जाएगा।इंसानियत को शर्मशार करने खुद इन्सान ही आगे आएगाकिसने सोचा था कि वक्त इतना बदल जाएगा”शक्ति...
बेनकाब होते वैश्विक संघठन आज पूरा विश्व संकट के दौर से गुज़र रहा है। कोरोना नामक महामारी से दुनिया भर के विकसित कहे जाने वाले देशों तक में होने वाले त्राहिमाम को देखकर आशंका होती है कि कहीं ये एक युग के अंत की शुरुआत तो नहीं। क्योंकि जैसी वर्तमान...
सबकी सुख समृद्धि के लिए होता है। नवसंवत्सरजो सभ्यता अपने इतिहास पर गर्व करती है, अपनी संस्कृति को सहेज कर रखती है और अपनी परंपराओं का श्रद्धा से पालन करके पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाती है वो गुज़रते वक्त के साथ बिखरती नहीं बल्कि और ज्यादा निखरती जाती है। जब चैत्र...
कोरोना एक अद्र्श्य सेना के खिलाफ लड़ाई हैकोरोना से विश्व पर क्या असर हुआ है इसकी बानगी अमरीकी राष्ट्रपति का यह बयान है कि, "विश्व कोरोना वायरस की एक अदृश्य सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।" चीन के वुहान से शुरू होने वाली कोरोना नामक यह बीमारी जो अब महामारी का रूप...
समाज महिलाओं की प्रतिभा को उचित सम्मान देसमय निरंतर बदलता रहता है, उसके साथ समाज भी बदलता है और सभ्यता भी विकसित होती है।लेकिन समय की इस यात्रा में अगर उस समाज की सोच नहीं बदलती तो वक्त ठहर सा जाता है। 1901 में जब नोबल पुरस्कारों की शुरुआत होती है और...
ट्रिपल तलक  आस्था नही, अधिकारों की लड़ाई है ।ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने का बिल लोकसभा से तीसरी बार पारित होने के बाद  एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में ही इसे असंवैधानिक करार दे दिया था लेकिन इसे एक कानून का रूप लेने के लिए...
आखिर साध्वी से परहेज़ क्यों है ?साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से भाजपा द्वारा अपना उम्मीदवार घोषित करते ही देश में जैसे एक राजनैतिक भूचाल आता है जिसका कंपन कश्मीर तक महसूस किया जाता है।  भाजपा के इस कदम के विरुद्ध में देश भर से आवाज़ें उठने लगती हैं। यहां तक...