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यह दुनिया विविधताओं से भरी है। यहां फूल हैं तो कांटे भी , प्रेम है तो घृणा भी , मीठास है तो कडुवाहट भी , गर्मी है तो सर्दी भी , आग है तो पानी भी और किसी का भी खात्मा कर पाना असंभव है। हमने फूलों के सुगंध को भी महसूस की और कांटे को भी बाड लगाने में प्रयुक्त किया।...
यह मेरा पाँचवाँ उपन्यास है, जो कश्मीर के सामाजिक तानेबाने को समय के साथ ध्वस्त होने की कहानी बयान करता है। साथ ही कश्मीर के शर्मनाक और दहशतनाक ऐतिहासिक पहलूओं की गहन पड़ताल भी करता है। किस्सागोई शैली में लिखा गया यह उपन्यास आम पाठक के लिए काफी रोचक और पठनीय है। कश्...
लखनऊ (25 अगस्त) :  हिन्दी भाषा की विविधता, सौन्दर्य, डिजिटल और अंतराष्ट्रीय स्वरुप को विगत 14 वर्षों से वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठापित करती आ रही लखनऊ की संस्था परिकल्पना के 13वीं वार्षिक महासभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे लखनऊ परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्र...
 वाएं से विश्व हिन्दी सचिवालय के महासचिव प्रो. विनोद कुमार मिश्र, मॉरीशस के सांसद श्री विकास ओरी, भारतीय उच्चायुक्त श्री अभय ठाकुर, हिन्दी प्रचारिणी सभा मॉरीशस के प्रधान श्री यन्तु देव बुद्धू, मंत्री श्री धनराज शंभू और सभा को संबोधित करते परिकल्पना समय के प्र...
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1मुझे जिसकी इक-इक गली जानती है वो बस्ती मुझे अजनबी जानती हैकला हम भी पुश्ते बनाने की सीखें जमीं काटना गर नदी जानती हैगिरी ओस लेकिन न अधरों से फूटी कली कैसी जालिम हँसी जानती हैअँधेरे हों, कोहरा हो, बन हो, भँवर हो बिताना समय जिदगी जानती हैलपट-सी उठी और नजरों से ग़ायबअ...
अंतराग्नि आईआईटी कानपुर का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव है। यह अपने प्रकार के कार्यक्रमों में संपूर्ण एशिया में सबसे उत्कृष्ट महोत्सवों की श्रेणी में आता है। अंतराग्नि ने विगत वर्षों में अपनी एक अलग पहचान कायम की है, और अपने 52 वें संस्करण में, इसकी भव्यता पहले से कह...
संस्मरणनई दिल्ली (भारत), लखनऊ (भारत), काठमांडू (नेपाल), थिंपु (भूटान), कोलंबो (श्री लंका) और बैंकॉक (थाईलैंड) के बाद परिकल्पना, गोपियो और भारतीय विद्या भवन न्यूजीलैंड के द्वारा संयुक्त रूप से सातवाँ अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन दिनांक 23 दिसंबर 2016 से 01 जनवरी 20...