ब्लॉगसेतु

हंसने रोने की कविता कभी जोर जोर से हंसती है और कभी उससे भी जोर से रो पड़ती है दया भाभी की तरह। पर कितना भी वह रो या हंस जाए तारक मेहता का चश्‍मा उल्‍टा ही रहता है। इस उल्‍टे चश्‍मे की एक झलक देखने के लिए और खुद को छिपाने के लिएबोल बच्‍चन से लेकर सलमान खान और चोटी...
#‪#‎Today‬आज तो आज हैकल कलकल बीता भी हो सकता हैऔर आने वाला भीपरंतु आज कोआज में जीनाजीवन के सत्‍यकी सीढ़ी हैआओ मित्रों, दुश्‍मनोंऔर स्‍वजनोंचढ़ जाओ इसजीने पर।पर अगर मिल जाएचढ़ने के लिए लिफ्टतो इसे किस्‍मत सेचुम्‍बन यानी किसकहते हैं ।आप क्‍या चाहते हैंसीढ़ी चढ़नापगडं...
 पोस्ट लेवल : Avinash Vachaspati KISS STAIRES
आत्‍मकथा नहीं परमात्‍मकथाजिसे हम आत्‍मकथा कहते हैं दरअसल वह परमात्‍मकथा है। दोनों के अंत में मा आता है यानी मां। अपने कंट्रोल में कुछ नहीं है, कुछ भी तो नहीं है। सब कुछ या तो मां के गर्भ में है अथवा परमात्‍मा के कंट्रोल में। इस कंट्रोल में रोल जरूर मां का है पर वह...
##31सवींवैवाहिकएनीवर्सीपिछले बरस तीसमारखां बनने के भव्य समारोह के बाद एक बरस और जीवन मिला। मोबाइल 8750321868/9560981946/9213501292 landline 01141707686 email nukkadh@gmail.com
##Feverबुखार ने बोल दिया हमला कल रातबुखार ने मेरे कमजोर शरीर से की बातबुखार ने भी दिखलाई कल मेरे शरीर पर अपनी औकातमौका देख पत्‍नी और पुत्र भी हावी हो गए मुझ परकरते नहीं हो आराम इसलिए हुए हैं तुम्‍हारे यह हालातबुखार ने मौका देख कर मारी है तुम्‍हारे लातआराम कराे आराम...
 पोस्ट लेवल : Avinash Vachaspati Hepititis C Fever
#‪#‎स्‬‍वस्‍थमेरा ठीक होना रास नहीं आया स्‍वजनों कोउनकी मनमानी जाती रहीमनमर्जी चल न सकेगी अबबड़ा बेटा, पुत्रवधू, धर्मपत्‍नी कोआश्‍चर्य की बात हैकलयुग में ऐसा भी होता हैवैसे यह अब हत्‍यारा युग हैकभी भी कुछ भी हो सकता है।
 पोस्ट लेवल : Diabities munnabhai Hepatitis C
#‪#‎TruthHepCआज तक सोशल मीडिया पर अपने अनुभव और संवेदनाएं जाहिर की हैं, वो कड़वे करेले के माफिक एकदम सच हैं और जहां पर उन्‍हें बतलाया गया है कि ऐसा कुछ नहीं है, वह सब सामाजिक दबाव के तहत मुझसे परिजनों ने लिखवाया है। इसी रोग के कारण मुझे सरकारी सेवा से स्‍वैच्छ...
 पोस्ट लेवल : #‪#‎TruthHepC Avinash Vachaspati munnabhai
इंसान को मानवपशु स्‍वीकार किया गया हैा इस स्थिति में दो राज्‍यों में पशुभषण क्‍यों त्‍याज्‍य होा एक सुप्रसद्धि हिन्‍दी कवि ने कहा भी है :मानवक्षुधा की एक बूंद तन का दुबलापन खोती है इसलिए तुम्‍हें समझाता हूं आराम करो, आराम करो कवि जो कह लिख जाते हैा जमाने से लेकर जम...
इन दिनों छोटे परदे पर प्रसारित हो रही दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली एक निजी कम्पनी की विज्ञापन श्रृंखला टीवी के साथ साथ सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है. रचनात्मक दृष्टि से उत्तम इस विज्ञापन श्रृंखला में उस कम्पनी की मोबाइल इंटरनेट सेवा को किसी विश्वविद्यालय या आईआईए...
I am not mad (Main Paagal hun kya  ?)MERI EKLAUTI POTI Ravya  KE PITA  yun to mera bada beta hai par usne mujhhe paagal maan liya hai.  9 April 2015 ko Batra Hospital ke ICU me admit kiye jaane par Doctor Sharad Malhotra ki salaah par mujhhse mi...
 पोस्ट लेवल : aviash vacaspati munnabhai