ब्लॉगसेतु

#YugalVaniअब भी वो दरवाजा उतना ही खुला है हल्का सा धुँआ जहाँ से कभी कभी निकलकर मेरी आखो से टकराता था, उतनी ही जगह से बच्चे कभी कभी बच्चे अपनी खोई हुयी गेंद ले आते थे, शर्दियो की शाम को कभी कभी खासने की आवाज से लगता था, हाँ वहां कोई तो है कोई तो है... जो रहता ह...
बीते वर्ष बिहार में राजग गठबंधन का टूटना अफसोसजनक रहा. अहंकार राज्यहित पर भारी पड़ा. बिहार का भविष्य नीच बिहारी नेताओं ने बर्बाद किया है. शिव प्रकाश राय जी ने बतौर One Man Army राज्य में कई घोटालों का उद्भेदन किया और एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता की भांति अनवरत जूझते...
पी के सिर्फ एक फिल्‍म का नाम भर नहीं है बल्कि समाज में फैली हुई कुरीतियों पर तीखी और गहरी चोट करती है और चोट ऐसी जो समाज के खोट को उजागर करता चलता है। धर्मगुरूओं के तथाकथित भगवानों और उन्‍हें अपने शिंकजे में कसे हुए उनके मैनेजरों के आम भोली पब्लिक से धन वसूलने के ध...
‘दहशत अंकल’, हाँ यही तो कहा था पेशावर में स्कूली बच्चों के नरसंहार के बाद उस दस साल की मासूम बच्ची ने दहशतगर्दों के लिए क्योंकि उसे तो बचपन से यही सिखाया गया है कि अपने पिता की उम्र के सभी पुरुषों को अंकल जैसे सम्मानजनक संबोधन के साथ पुकारना है और दहशत शब्द उसके लि...
व्‍यंग्‍य भूषणशब्‍दों का आभूषणकल्पना नहीं परिकल्पना कीसच्‍चाई हैसपना नहीं सच हैमिल रहा है भूटान मेंदेश के शब्‍दपा रहे सम्‍मानविदेश में विचारभा रहे पाठकों कोचाह बने लेखकों कीराह बने फैन्स कीअब पसंद भूटान कीचलो भूटानचलें भूटानकाठमांडू पहुंचनासच न हो सकाभूटान पहुंचनार...
 पोस्ट लेवल : 19 May 2014 Teesmarkhan Marriage Annivesary
#‪#‎gone‬प्रिय मित्र नहीं रहे। एकदम अविश्‍वसनीय। अभी 30 बरस पहले उनकी कविताओं का पहला संग्रह "उगता अंकुर" आया और कविताओं का नया हालिया कविता सग्रह "चिमनी पर टंगा चा्द"। विश्‍वास नहीं हो रहा है कि "‍चांद चिमनी पर टंगा" रहेगा। भाई सुरेश यादव यूं सहसा साहित्यिक जगत...
#‪#‎gone‬प्रिय मित्र नहीं रहे। एकदम अविश्‍वसनीय। अभी 30 बरस पहले उनकी कविताओं का पहला संग्रह "उगता अंकुर" आया और कविताओं का नया हालिया कविता सग्रह "चिमनी पर टंगा चा्द"। विश्‍वास नहीं हो रहा है कि "‍चांद चिमनी पर टंगा" रहेगा। भाई सुरेश यादव यूं सहसा साहित्यिक जगत...
#‪#‎gone‬प्रिय मित्र नहीं रहे। एकदम अविश्‍वसनीय। अभी 30 बरस पहले उनकी कविताओं का पहला संग्रह "उगता अंकुर" आया और कविताओं का नया हालिया कविता सग्रह "चिमनी पर टंगा चा्द"। विश्‍वास नहीं हो रहा है कि "‍चांद चिमनी पर टंगा" रहेगा। भाई सुरेश यादव यूं सहसा साहित्यिक जगत...
#‪#a‎gnisanskar‬ सभी के मित्र श्री सुरेश यादव का अग्निसंस्‍कार 2 दिसम्‍बर 2014 के बदले 3 दिसम्‍बर 2014 को प्रात- 10.30 बजे venue ‪#‎cgo‬ complex, new delhi में किया जाएगा। अभी पिछले सप्‍ताह ही वह मेरे आवास पर आए थे। उसके बाद मेरी 30 दिसम्‍बर 2014 को मुंबई से वापस...