ब्लॉगसेतु

चूहे देखने में छोटन लगें ज्‍यों नाविक के तीर पर किसी से डरते नहीं हैं चूहे। वे चूहे ही क्‍या जो नेताओं से पीछे रहें। चूहे न नेताओं से पीछे रहते हैं और न ही उनके पीछे लगते हैं। माना कि नेताओं की तूती वब जगह बोलती है पर एक चूहे ने उत्‍तम प्रदेश के मुख्‍यमंत्री की प्र...
इस तरह की पोस्‍टों को पसंद करना टिप्‍पणी करना अनिवार्य है वरना अविनाश वाचस्‍पति की आत्‍मा आपको तंग करेगी आत्‍मा की शांति के लिए पोस्‍ट को लाइक करना और उस पर कमेंट डालना बनता है पता नहीं संता कहां है पता चला है कि अपना कमेंट ई वी एस के जरिए डालने गया है आप भी डाल सक...
एक किलो मीठी मिठाईपांच किलो नमकीन कवितामें से क्‍या खरीदोगेकविता पांच सौ किलोनमकीन या मीठीकैसी भी होबिना पैसे खर्च किएमिलेगी तो खरीद लोगेपर क्‍या गारंटी कि गारंटी इस बात की मांगोगेकि खरीदकर भी नहीं पढ़ी तोक्‍या बिगाड़ लोगे कविया कविता के सौदागरसौदागिरी में काम आने...
दीपावली से आशय दीपों की पंक्ति से नहीं, करेंसी नोटों की गड्डियों से है। गड्डियां सदा से ही मीठी भाती रही हैं। अब मीठी से अर्थ गन्‍ने की गं‍डेरियों से नहीं है। दीपमाला से नहीं है, गंडेरी से नहीं है फिर क्‍या है अर्थ – अर्थ तो है ही और वह है काले नोटों से। नोट लिए और...
 पोस्ट लेवल : Mithas Deepawali most connected. Avinash Vachaspati
Home » :ब्लॉगोत्सव-२०१४ » अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन » चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय परिकल्पना ब्लॉगोत्सव भूटान में 15 से 18 जनवरी 2015 तकचतुर्थ अंतरराष्ट्रीय परिकल्पना ब्लॉगोत्सव भूटान में 15 से 18 जनवरी 2015 तकलखनऊ से प्रकाशित"परिकल्पना सम...
 पोस्ट लेवल : parikalpnaa bhutan ravindra prabhat
बैंग बैंग का धमाका करके,  धमाका जो फिल्‍म के नाम का भी है और मुख्‍य किरदार ऋतिक रोशन का भी। जबकि सब परिचित हैं कि धूम के नाम पर कई बार उधम मचाकर फिल्‍म जगत को रोशन कर चुके ऋतिक ने खूब हंगामा किया है। इस बार उनका यह हंगामा बैंग बैंग नाम से है। जबकि उनकी फिल्‍मो...
पागल आदमीतुमने मुझे आदमी मानासुकूं है मुझेपागल ही सहीपर कुत्‍ता तो नहीं कहापागल कुत्‍ते सेडरते हैं सबआदमी पागल होतो उसे ले जाते हैंपागलखाने में पागलखिलानेपागल खाना खिलानाबराबर हैपान खाने अथवा खिलाने केऐसा मैंने कहा नहीं हैसुना है मैंने पर ऐसा ही। हां, मैं पागल हूंम...
रात के तीन बजे हैं। एकाएक महसूस होता है कि मेरा एक मित्र गिरधारीलाल शर्मा मेरे सिरहाने की ओर से अपने एक सा‍थी के साथ निकला है। वह बाहर दरवाजे की ओर नहीं गया है। मैं उठकर ड्राईंग रूम की तरफ उठकर जाता हूं पर वह दिखाई नहीं देता। सब दरवाजे बंद हैं। सीसीटीवी के कैमरे मे...
बराक वैली एक्सप्रेस के चालक ने जैसे ही हरी झंडी दिखाते हुए सिलचर रेलवे स्टेशन से अपनी ट्रेन आगे बढ़ाई, मानो वक्त ने मिनटों में ही लगभग दो सदी का फ़ासला तय कर लिया. हर कोई इस पल को अपनी धरोहर बनाने के लिए बेताब था. यात्रा के दौरान शायद बिना टिकट चलने वाले लोगों ने भी...