ब्लॉगसेतु

करोना से पहले की तश्वीर ऊपर है , कोरोना की नीचे ! पहले बाहर का मजा, अब घर में ही हलवाई बनने का अवसर !मासूम सवाल: इन सज्जन को क्या परेशानी है भाई?जवाब: इनको कोरोना हुआ है!कुछ लोग कोरोना को करोना बोल रहे हैं. करोना देश से निकले न निकले, देश करोना से&nb...
बहुत नौटंकी है यहाँ भाई.कहते हैं, स्वर्ग भी मर कर ही मिलता है.कहते हैं, सच बोलना कठिन है. बोले तो, बिकिनी में भी सभ्यता है, और पूरी साड़ी में ढक कर भी, वेश्या।ज्योतिषियों में भी राजनीतिज्ञों जैसी प्रतिस्पर्धा क्यों है? कोई वक्री , नीच के ग्रहों से डरा रहा है तो...
मनीष भाई ने एक जबरदस्त किताब लिखी है. किताब का नाम है; "ट्रेडिंग आर्मर विथ अ फ्लावर-राइज ऑफ़ न्यू मैस्कुलिन" . जाहिर है किताब का नाम अंग्रेजी में है तो किताब भी अंग्रेजी में ही है. और हम हैं कि इसकी 'समालोचना' लिख रहे हैं रिव्यु नहीं. हमने...
डिस्क्लेमर : यह रेडियो  मिर्ची का नावेद वाला मुर्गा है. यहाँ किसी पशु -पक्षी के साथ कोई क्रुएल्टी नहीं हुई है. यह मुर्गा भी एनिमेटेड है। पिछले हफ्ते ही मैं एक रिक्रूटमेंट मैनेजर से बात कर रहा था. साहब अच्छे इंसान हैं. पुणे में रहते हैं. अरिन्दम चौधरी की स...
क्या संतों, सन्यासियों पर प्रारब्ध लागू नहीं होता?जब आपकी कुंडली में डबल दरिद्र योग हो? ज्योतिषी भी जिन दुर्योगों से डरते हैं, हम उन्हें अपनी आस्तीन और गले में लिए फिरते हैं.जब जीवन का मतलब नहीं समझ आने लगे, बार बार गहरे कष्टों से गुजरने लगें, तब लगता है कर्मा या प...
कॉर्पोरेट के ल्युटियन्स लीब्रण्डू आपको बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काफी मिलेंगे. यहां दो तरह के लोग हैं! एक तो वे जो कबीले के वासी हैं. मंगलौर ग्रुप, मलयाली ग्रुप, बंगाली ग्रुप, इत्यादि. ये काफी संगठित तरीके से काम करते हैं. इनके अपने कायदे हैं और टेरीटोरियल भी हैं य...
अद्भुत हिंदी में  एक कहावत है; जब कुँए में ही भांग पड़ी हो ! भारतेंदु ने कहा था ; आवहु सब मिल रोवहु भाई , हा हा , भारत दुर्दशा देखि नहीं जाई! आज मुझे HR के बारे में यही कहने में कोई संकोच नहीं है.किसी ने सही कहा है ; ";ज़िन्दगी लम्बी नहीं, बड़ी होनी चाह...
अमेज़न प्राइम वीडियोस का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ! कल-परसों ही दो फ़िल्में देख ली।  "मित्रों " और "शुद्ध देशी रोमांस ". मिलनिएल्स के लिए और उनके समझ, सोच और ठरक पर बानी हैं ये फ़िल्में ! भाई ठरक दो प्रकार के होते हैं, जैसा की सद्गुरु ने कहा है; एक जो आपको...
पल-पल , तिल-तिल मरता मैं. खुद पे रोता , खुद पे हँसता , गिरता और सम्हलता मैं.सब कुर्बानियाँ व्यर्थ गयीं , सब प्रयास निरर्थक से.हर साँस थकी है, आँखें भी नम , प्रभु, आपसे भी अब हतप्रभ हम.गिनती नहीं मेरे साँसों की, रात कटी है, जेलों सी , अब बस है तो ख़ामोशी , अब दर्द नह...
तो यह होता है इंटरव्यू (साक्षात्कार)?यह बीच का व्यू है! फिल्म की इंटरवल की तरह इंटर-व्यू ! पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!कर दिया आपने, प्रस्तावना, प्रतिवेदन और उल्लेख ! समझ गए आप! जी हाँ, मैं आपके रिज्यूमे या बायो डाटा की बात कर रहा हूँ.व्यक्ति और व्यक्ति...