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A SONG BY ANUSHREE AND PARTH BHANREIn Youtube- STAY HOME (घर में रह जा रे ) -CORONA WILL DEFEAT (कोरोना हारेगा)You want healthy.  You stay home.If you love family. You stay home.घर से बाहर कहीं न जा ,बस घर में ही रह जा ,सबसे दूरी बनानी रेे ,परवाह तो कर जर...
( इमेज गूगल साभार )#कोरोना वायरस की रोकथाम में ,कुछ दिन तो गुजारें  अपने घर मकान में ।  मिला है मौका इस नेक काम में , कुछ दिन तो गुजारें  अपने घर जहान में ।  होती थी शिकायत सबकी जुबान में ,  घर से बाहर रहते हो हमेशा काम में ,नहीं समय घर के...
 पोस्ट लेवल : कोरोना मकान makan Corona घर ghar
#कोरोना (#Corona) के विरुद्ध लड़ाई में हम , #जनताकर्फ्यू (#JantaCurfew) का करें  समर्थन ,22 मार्च रविवार को सब करेंगे पालन ,सुबह 7 से 9 रात्रि तक बरतेंगे संयम , परिवार सहित  हम सभी सदस्य गण  ,सब रहेंगे अपने घरों  में दिनभर बंद ।60 वर्ष अधिक उम्र...
सुरक्षा एवं सावधानी से अब न कोई समझौता ,#कोरोना की लड़ाई में  हम बनेंगे  विजेता ।चाहे कोई करे न करे हम तो है तैयार ,न करेंगे संकोच न शर्म करेंगे इस बार ,लगाएंगे मास्क या लगाएंगे रुमाल बार बार,चाहे आये खांसी या आये छींक का झोंका ।आंख, नाक, मुंह में न लगेंग...
(Image Google साभार )Both hand add , नमस्ते से करें भेंट ।No handshake , कोरोना को लगाए ब्रेक ।नियमित हाथ साबुन से धोने से न करें परहेज ।साफ सफाई का ध्यान रख अपने को रखें Safe ।आंख मुंह नाक पर ना टच का बार हो अनेक  ।सावधानी ही बचाव है न हो ज्यादा Upset  ।...
जब पल पल बढ़ती है रात घनेरी सी ,तब बिछती है बिसात अंधेरों की ।लौट आते है सब अपने आशियाने को,पथिक ढूंढ़ते है ठिकाने रात बिताने को,लिये मन में आस नये सबेरे की ,बस गुजर जाएगी रात ये घनेरी सी ।पल पल बढ़ती रात घनेरी सी ,तब होती है दुनिया आबाद बेजारों  की ।सजते&nbsp...
वो दिल को बड़े ही अच्छे लगते हैं ,उनके ही ख्वाब आंखों में पलते हैं ।अब तो उनसे हाले दिल बयां करने की,कोशिश में कई लम्हे यूं ही निकलते हैं ।लगता है वो इस बात से बेखबर लगते हैंकि कोई उन पर किस कदर मरते हैं ।कुछ मुस्कुराहटों की खैरात लुटाकर ,चंद लम्हों में ही अपनी गली...
उलझ गये वो कांटों से जनाब ,जब चुन रहे थे फूल ए गुलाब ।कांटों से उलझी जब उनकी उंगली,कुछ घाव बने , कुछ खिचाव बने ,कुछ उंगली में रह गई कांटों की फांस ।खींच खींच कर जब निकली चुनरी,कुछ धागे उलझे , कुछ धागे सुलझे ,कट फट गये चुनरी के कुछ भाग ।कांटों ने यह कैसी बिछाई बिसात...
ऐ आसमां एक अहसान तो कर ,इनके लिये तुझ तक बना दे तु डगर ।जो चाहते हैं महबूब संग आसमां में रहना,चाहते हैं महबूब के लिये चांद तारों का गहना ।ऐ आसमां एक अहसान तो कर ,इनके लिये खोल दे तु अपनी बाहों का घर ।जिन्हें नहीं पसंद बंदिशों में जकड़ना ,जो चाहते हैं आज़ाद पंछी सा...