ब्लॉगसेतु

प्यार, प्रेम, इश्क ऐसे शब्द हैं जिन पर कहीं न कहीं चर्चा देखने-सुनने को मिल जाती है. कोमल भावनाओं को अपने में समेटे इन शब्दों के साथ समाज बहुत ही कठोरता से अपना व्यवहार करता है. प्यार को लेकर आये दिन हमें स्वयं हमारे कुछ मित्रों की तरफ से अनेक सवालों से दो-चार होना...
आज अचानक ही कुछ बीती बातें पलट रहे थे तो तमाम बातें आँखों के सामने से गुजर गईं. पिछले चार दशकों से अधिक की जीवन-यात्रा जैसे एक पल में गुजर गई. इसे दिमाग की संरचना ही कहेंगे कि एक-एक छोटी घटना, एक-एक पल ऐसे याद रहता है जैसे अभी-अभी गुजरा हो. अपनी इस आदत के चलते समस्...
 पोस्ट लेवल : दोस्त दोस्ती समाज
मोबाइल के तेज अलार्म को खामोश करके हम आराम से चादर तानकर लेटे रहे। कुछ देर बाद दरवाजे पर आहट हुई। लगा कि दोस्त घूम-टहल कर वापस आ गया है, सो लेटे-लेटे ही सवाल दागा। उधर से कोई जवाब नहीं मिला मगर पलंग पर किसी के बैठने का एहसास हुआ। चादर के कोने से उस तरफ मुँह घुमाते...
 पोस्ट लेवल : कहानी साहित्य
लिखने को बहुत कुछ है मगर अक्सर होता है कि जैसे ही लिखने के लिए बैठा जाए वैसे ही सब गायब हो जाता है. सब कुछ याद रहने के बाद भी कुछ समझ नहीं आता कि क्या लिखा जाये. इसी उधेड़बुन में समय निकल जाता है. लिखने और न लिखने के बीच की स्थिति इतनी विचित्र है कि समझ नहीं आता कि...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक
आज की पोस्ट रिश्तों पर लिखने की सोच रहे थे मगर लगा कि रिश्तों की परिभाषा है क्या? जो हम आपसी संबंधों के द्वारा निश्चित कर देते हैं, क्या वही रिश्ते कहलाते हैं? क्या रिश्तों के लिए आपस में किसी तरह का सम्बन्ध होना आवश्यक है? दो व्यक्तियों के बीच की दोस्ती को क्या कह...
उरई के इंदिरा स्टेडियम में बुन्देलखण्ड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन का आज शुभारम्भ हुआ. पहले दी ही अनेक मैच हुए. उन मैचों सहित पूरे टूर्नामेंट की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी हमारे ऊपर थी. ऐसे में एक-एक मैच को देखा जा रहा था, उनके परिणामों पर, खिलाड़ियों के प्रदर्शन...
जिस जेएनयू मारपीट विवाद को सरकार, शासन, प्रशासन, मीडिया शांत नहीं कर पा रहे थे उसे एक झटके में फिल्म अभिनेत्री दीपिका ने खामोश कर दिया. जेएनयू में हुए मारपीट सम्बन्धी विवाद के बाद दीपिका कथित टुकड़े गैंग से मिलने विश्वविद्यालय पहुँच गईं. दीपिका का वहाँ पहुँचना हुआ न...
चुनाव की तिथियाँ घोषित होने के आसार पहले से ही थे और उसी के हेरफेर में आखिरकार उत्पाती गैंग, लोटा गैंग ने अपना कारनामा दिखा दिया. जेएनयू में पंजीकरण के नाम पर उत्पात किया गया उसके बाद उन्हीं उत्पातियों को अपनी तरह से दूसरे गैंग ने सबक भी सिखाया. पंजीकरण रोकने को मच...
अपनी उम्र के चार दशक गुजारने के बाद आत्मकथा लिखना हुआ. इसमें अपने जीवन के चालीस वर्षों की वह कहानी प्रस्तुत की गई जिसे हमने अपनी दृष्टि से देखा और महसूस किया. कुछ सच्ची कुछ झूठी के रूप में आत्मकथा कम अपनी जीवन-दृष्टि ही सामने आई. व्यावसायिक रूप से, प्रकाशन की आर्थि...
लोगों का उत्साह, लोगों की उमंग, लोगों की आकुलता देखकर लग रहा है जैसे उन सभी लोगों के लिए जाने वाला साल सकारात्मक रहा होगा या फिर उनके द्वारा अपने आपसे सोचे गए कार्य अधिकतम रूप में सफलता को प्राप्त किये होंगे. यदि ऐसा नहीं है तो फिर नए साल के स्वागत के लिए, उसके आने...