ब्लॉगसेतु

गँवारा है न इन आँखों को, तुम्हारा दूर हो जाना, मचलना धड़कनों का और सांसों का बहक जाना. तेरी चाहत में मेरा हाल कुछ ऐसा हुआ हमदम,न देखूं तो परेशानी, मिलो तो आये शरमाना. तुम आओ आ भी जाओ अब, न मुझको सताओ अब, भरो बांहों में तुम अपनी, गले अपने लगाओ अब. तेरी चाहत में मेरा...
 पोस्ट लेवल : गीत
सड़क पर आते ही उसे लगा कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. उसने कंधे पर झूलते अपने बैग को संभाला और साथ चल रही बिटिया की कलाई को मजबूती से पकड़ कर क़दमों की रफ़्तार बढ़ा दी. उसने महसूस किया कि पीछा करने वालों ने भी अपनी गति और तेज कर दी. कुछ दूर लगभग दौड़ने की स्थिति में चल...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
मृग मारीचिका का शिकार हैं नेता जी डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर++++++++++++++++++++++नेता जी भटकाव की स्थिति में हैं या कहें कि दिग्भ्रमित से हैं. कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं कि करना क्या है? कैसे करना है? कब करना है? दिग्भ्रम की स्थिति इतनी विकट है कि करना कुछ चाहते...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य छीछालेदर रस
अब काहे के अच्छे दिन +++++++++++++++++'अच्छे दिन आने वाले हैं' गीत सुन-सुन कर हम बड़े खुश थे कि चलो हमारे अच्छे दिन और भी अच्छे होने वाले हैं। इस गीत को सुनते-गाते पूरा एक साल बीत गया किन्तु अच्छे दिन हमारे अच्छे दिनों से बदतर निकले। अब साहब! अपने एक साल पहले के...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य छीछालेदर रस
नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु पर आज तक संदेह बना हुआ है और विद्रूपता ये कि अद्यतन सरकारों द्वारा किसी तरह की ठोस सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है. इसको प्रसारित करने और एक तरह की सरकारी मान्यता देने कि नेता जी की मृत्यु १८ अगस्त १९४५ को एक विमान दुर्घटना में...
 पोस्ट लेवल : आलेख
‘कमीनापंथी’.....‘कमीने’.... ये शब्द देखकर चौंक गये होंगे आप? किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है इन शब्दों पर क्योंकि ये शब्द एक गाली के रूप में प्रयोग किये जाते हैं। अभी तक ऐसी स्थिति आई नहीं थी कि इन शब्दों को भद्रजनों की भाषा-शैली में शामिल किया जाये क्योंकि माना...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य छीछालेदर रस
विश्वकप क्रिकेट के दौरान तो जैसे एकाएक कारनामा हो गया, हमारे खिलाडी पाकिस्तान के खिलाफ मैच क्या जीते, समूचा मीडिया कह उठा कि ऐसा लगा मानो देवता खेल रहे हों. मीडिया ने कहा तो समूची जनता को भी कहना, मानना पड़ा और देखते ही देखते इंसानी खिलाड़ी भगवान हो गए. हार के पास प...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य छीछालेदर रस
गणतंत्र विकास हेतु प्रत्येक नागरिक रहे जागरूक डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर++++++++++++++++हमारा स्वतंत्र देश भारत, विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक राष्ट्रों में शामिल इस देश को की अद्भुत संरचना है। पंद्रह अगस्त को स्वतंत्रता के पश्चात् इस देश में गणतांत्रिक प्रक्रिया...
 पोस्ट लेवल : आलेख
प्रसिद्धि से फिर रहे वंचित +++++++++++++++++पिछले कुछ दिनों से कोई काम पूरी तन्मयता से करो फिर भी कोई चर्चा नहीं. इधर दूसरों को देख रहे हैं कि कुछ न भी करें तो भी प्रसिद्धि पाए जा रहे हैं. ऐसा लगता है जैसे प्रसिद्धि इन अकेले के लिए ही फुर्सत में बैठी रहती है. वे...
 पोस्ट लेवल : व्यंग्य छीछालेदर रस
साहित्यकारों के बीच, असाहित्यकारों के बीच अब साहित्य चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ असाहित्यकारों को इस बात का दुःख होने लगा है कि यदि साहित्यकार भूखा रहेगा तो खायेगा क्या? ये चिंता राजनीति से प्रेरित भी दिखाई देती है और राजनीति को प्रेरित करती भी लगती है. ये साहित...
 पोस्ट लेवल : आलेख