ब्लॉगसेतु

नवरात्र चल रहे हैं. गुरुवार 28 सितंबर को अष्टमी पर कन्या पूजन होना है. लेकिन बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शनिवार रात को पुलिस के ‘पुरूष शूरवीरों’ ने एक अलग तरह का ही ‘कन्या पूजन’ किया, छात्राओं पर लाठियां बरसा कर. विडंबना देखिए, एक तरफ हज़ारों किलोमीटर दूर संयुक्...
स्वच्छता और खुले में शौच की समस्या पर पिछली दो पोस्ट पर विस्तार से लिख चुका हूं. आज उसी विषय की ये तीसरी और अंतिम कड़ी है. कुछ लिखूं, इससे पहले पिछली पोस्ट पर आई एक टिप्पणी का ज़िक्र करना चाहूंगा. भाई चौहान अजय ने ये टिप्पणी भेजी-मेरे गाँव मे समस्या ये है की पीने क...
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2019 तक देश को ‘खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जैसे जैसे डेडलाइन निकट आ रही है, वैसे वैसे कुछ राज्यों में अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसी भी सूरत में जाने को तैयार हैं. पिछली ‘Shittin...
‘खुले में शौच’ लिखना-पढ़ना आंखों को बड़ा खटकता है.खास तौर पर हम शहरों, वो भी मेट्रो में रहने वाले लोगों के लिए. हां, अगर इसके लिए ‘Shitting Outside’ का इस्तेमाल किया जाए तो ये ‘सम्मानजनक’ भी हो जाएगा और ‘स्वीकार्य’ भी. अब क्या करें अंग्रेज़ी की महत्ता ही कुछ ऐसी है...
पेट्रोल प्राइजिंग का खेल किस तरह आपकी, मेरी, हम सबकी जेब जला रहा है, इस पर कल की पोस्ट को ही आगे बढ़ा रहा हूं. पहले आप ये जान लीजिए कि हमारे देश में कच्चा तेल ही आयात किया जाता है. बाकी कच्चे तेल को रिफाइन करने से लेकर विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल, डीजल, एल...
2009 में शाहिद कपूर की एक फिल्म आई थी ‘कमीने’...उसी फिल्म के एक गाने के बोल थे- आजा आजा दिल निचोड़े,रात की मटकी फोड़े, कोई गुडलक निकाले, आज गुल्लक तो फोड़े,है दिल दिलदारा मेरा तेली का तेल,  कौड़ी कौड़ी पैसा पैसा पैसे का खेल,चल चल सड़कों पे होगी ठैन ठैन डैन टड़...
बुलेट ट्रेन का बड़ा हल्ला है...सरकार कह रही है कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच 2022 से बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी...आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे...जापान इस प्रोजेक्ट में साथ दे रहा है तो उम्मीद ह...
रोहिंग्या शरणार्थियों पर भारत सरकार की बोली बाक़ी दुनिया से अलग क्यों? इस मुद्दे पर आने से पहले से बता दूं कि रोहिंग्या पर पहले दो पोस्ट विस्तार से लिख चुका हूं. जिन्होंने उन पोस्ट को नहीं पढ़ा, उनकी सुविधा के लिए लिंक ये हैं-.रोहिंग्या मुसलमानों का क्या किया...
कौन हैं रोहिंग्या?कहा जाता है कि म्यांमार (बर्मा) के रोहिंग्या दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़ुल्म का सामने करने वाले अल्पसंख्यक हैं. म्यांमार की 90 फीसदी आबादी बौद्ध हैं. एक अनुमान के मुताबिक़ म्यांमार में रोहिंग्या की संख्या 11 से 13 लाख है जो कमोवेश सारे के सारे पश्च...
कुछ कहना शुरू करूं उससे पहले चलिए थोड़ा अतीत में चलते हैं...1971 से पहले की स्थिति में...उस वक्त बांग्लादेश अस्तित्व में नहीं आया था...तब ये क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना जाता था...उस वक्त पाकिस्तान की फौज इस क्षेत्र के मूल बाशिंदों (बांग्लाभाषियों) पर ऐ...