ब्लॉगसेतु

पेट्रोल प्राइजिंग का खेल किस तरह आपकी, मेरी, हम सबकी जेब जला रहा है, इस पर कल की पोस्ट को ही आगे बढ़ा रहा हूं. पहले आप ये जान लीजिए कि हमारे देश में कच्चा तेल ही आयात किया जाता है. बाकी कच्चे तेल को रिफाइन करने से लेकर विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल, डीजल, एल...
2009 में शाहिद कपूर की एक फिल्म आई थी ‘कमीने’...उसी फिल्म के एक गाने के बोल थे- आजा आजा दिल निचोड़े,रात की मटकी फोड़े, कोई गुडलक निकाले, आज गुल्लक तो फोड़े,है दिल दिलदारा मेरा तेली का तेल,  कौड़ी कौड़ी पैसा पैसा पैसे का खेल,चल चल सड़कों पे होगी ठैन ठैन डैन टड़...
बुलेट ट्रेन का बड़ा हल्ला है...सरकार कह रही है कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच 2022 से बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी...आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे...जापान इस प्रोजेक्ट में साथ दे रहा है तो उम्मीद ह...
रोहिंग्या शरणार्थियों पर भारत सरकार की बोली बाक़ी दुनिया से अलग क्यों? इस मुद्दे पर आने से पहले से बता दूं कि रोहिंग्या पर पहले दो पोस्ट विस्तार से लिख चुका हूं. जिन्होंने उन पोस्ट को नहीं पढ़ा, उनकी सुविधा के लिए लिंक ये हैं-.रोहिंग्या मुसलमानों का क्या किया...
कौन हैं रोहिंग्या?कहा जाता है कि म्यांमार (बर्मा) के रोहिंग्या दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़ुल्म का सामने करने वाले अल्पसंख्यक हैं. म्यांमार की 90 फीसदी आबादी बौद्ध हैं. एक अनुमान के मुताबिक़ म्यांमार में रोहिंग्या की संख्या 11 से 13 लाख है जो कमोवेश सारे के सारे पश्च...
कुछ कहना शुरू करूं उससे पहले चलिए थोड़ा अतीत में चलते हैं...1971 से पहले की स्थिति में...उस वक्त बांग्लादेश अस्तित्व में नहीं आया था...तब ये क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना जाता था...उस वक्त पाकिस्तान की फौज इस क्षेत्र के मूल बाशिंदों (बांग्लाभाषियों) पर ऐ...
राष्ट्रीय बहस का मुद्दा क्या होना चाहिए? गोरखपुर, फर्रूखाबाद के अस्पतालों में बच्चों की बड़ी संख्या में मौतें (ऑक्सीजन की कमी नहीं होने का सरकारी तर्क मान भी लिया जाए तो भी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली तो है), मुंबई में बारिश के दौरान खुले मेनहोल में गिरने से नामचीन...
17 अगस्त 2009 को शुरू हुए ‘देशनामा’ ने आज 8 साल 15 दिन में 1000 पोस्ट का सफ़र तय कर लिया है...इस मकाम तक पहुंचना आपके स्नेह और प्रोत्साहन के बिना संभव नहीं था...ये सच है कि ब्लॉगिंग को लेकर जो पहले जुनून था, वो अब नहीं रहा...ऐसा मेरे साथ ही नहीं करीब करीब...
सफलता = खुशीअधिकतर लोग ऐसा ही समझते हैं...लेकिन वो ग़लत हैं...विज्ञान हमें बताता है कि सही इसका उलट है...यानिखुशी =  सफलतासफलता आपके हाथ में नहीं होती...पूरे प्रयास करने के बाद ये आपको मिल सकती है और नहीं भी मिल सकती...लेकिन खुशी आपके हाथ में होती है...बस आस-प...
डेरा सच्चा सौदा के मुखिया को ‘राम रहीम’ के नाम से बुलाना अब कितना जायज़ है...क्या सिर्फ गुरमीत कहना सही नहीं होगा...रोहतक की जेल में सोमवार को अस्थायी तौर पर लगाई गई सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत को दो साध्वियों से रेप के लिए 20 साल की सज़ा सुनाई तो उसकी हालत देख...