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जिला के खिलाडिय़ों ने मार्शल आर्ट् में जीते 24 मेडल-उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने दी खिलाडिय़ों को बधाईफतेहाबाद, 7 नवंबर।Govt Girls School, Dhangerजिला के खिलाडिय़ों ने मार्शल आर्ट् चाइक्वांडों प्रतियोगिता में 24 मेडल जीतकर जिला का नाम रोशन किया है। मेडल प्राप्त खिलाड़ी...
 जिला पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के जवानों ने आज फ्लैग मार्च निकाला, जो जिला के सभी मुख्य बाजारों, रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरा। इसके अलावा जिला के विभिन्न गांवों में भी फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान उपायुक्त हरदीप सिंह व पुलिस अधीक्षक कुलद...
फतेहाबाद : रतिया के गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल में स्कूल खेलकूद प्रतियोगितारतिया के गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल में स्कूल खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में गांव धांगड़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की अंडर 19 लड़कियों की बेसबॉल व सॉफ्टबॉल की खि...
1857 के बगावती क्षेत्रों पर अंग्रेजों की खास नजरपहली जंग-ए-आजादी के दौरान हांसी और हिसार के क्षेत्रों से अंग्रेजी राज के सफाई में फतेहाबाद इलाके के लोगों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका थी। हिसार की मुक्ति का ऐलान करके शासन कायम करने वाला महान देशभक्त शहजादा मोहम्मद आजम...
11अगस्त 1908 को प्रातः काल 6 बजे मुजफ्फरपुर जेल में भारत के लाडले सपूत खुदीराम बोस को अँग्रेजी सरकार ने फांसी पर लटका दिया। फांसी के समय खुदीराम बोस की आयु 19 वर्ष से भी कम थी।खुदीराम बोस व उनके मित्र प्रफुल्ल चाकी ने जालिम अँग्रेज जज किग्सफोड पर 30 अप्रैल 1908 को...
फतेहबाद। गांव जांडली कलां की लड़की संतोष कुमारी ने अमेरिका में जाकर लहराया तिरंगा। उसने 800 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीता। अमेरिका में हो रही इस रेस में पूरे विश्व की पुलिस और अन्य सशस्त्र बल की  लड़कियां हिस्सा ले रही है। प्रमुख बात यह है कि रेस मुकाबले में प...
जीओ और जीने दो यह एक सिद्धांतकिसी हद तक ठीकहै किन्तु जीव दया पालनी केमुकाबले में काफीबौना पड़ जाता है स्वयं भी जीवेंऔर दूसरे को मारें मत इससे आप किसी को मारतेहुए को छूड़ा नहीं सकोगे और न ही पालन-पोषणही कर सकोगे किन्तु जीव दया पालनी में तो नआप स्वयं ही किसी को मारें...
स्किनर एस्टेट के मातहत गांव धांगड़ के हालात‌अंग्रेजों के आगमन से पूर्व कृषि भूमि पर किसानों से निर्धारित कर लिया जाता था। अकाल तथा दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के समय शासकों (खासकर मुगल शासन के दौरान) द्वारा पीड़ित जनता का मालिया माफ करके जनता को राहत इमदाद दी जाती थी। कि...
हरियाणा में बगावत का असरदेश की पहली आजादी की लड़ाई में हरियाणा की जनता का आबादी के लिहाज से बेमिसाल योगदान और बलिदान था। इस युद्ध में अकेले हरियाणा के शहीदों की संख्या 26 हजार से ज्यादा थी, जिसमें पुराने हिसार जिले के लोगों का बड़ा हिस्सा था। अकेले मंगाली गांव के 5...
पहली जंग-ए-आजादी 1857 का दमन‌जैसा की देशभक्तों की धरती गांव धांगड़ का इतिहास -पार्ट 2 में बताया गया था 1757 की प्लासी की लड़ाई की सफलता के बाद अंग्रेजों ने 'फौज और फूट' के बल पर देश पर आधिपत्य जमाना शुरू किया तो अलग-अलग स्थानों पर लोगों द्वारा 100 से ज्यादा असफल बगा...