ब्लॉगसेतु

सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। करतार सिंह सराभा (अंग्रेज़ी: Kartar Singh Sarabha, जन्म- 24 मई, 1896, लुधियाना; मृत्यु- 16 नवम्बर, 1915) भारत के प्रसिद्ध क्रान्तिकारियों में से एक थे। उन्हें अपने शौर्य, साहस, त्याग एवं बलिदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। म...
नमस्कार साथियो, आज समूचा देश लोकसभा चुनाव परिणामों को जानने की चाह में किसी न किसी रूप में मीडिया से जुड़ा हुआ है. अभी तक जिस तरह से रुझान आये हैं, उनसे स्थिति एकदम साफ़ हो चुकी है. भाजपा की, NDA की धमाकेदार वापसी दिख रही है. विपक्ष और महागठबंधन जैसी स्थितियों को मतद...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम | EVM कभी हैक नहीं हो सकता, ये बात सबसे ज़्यादा बेहतर ख़ुद राजनीतिक पार्टियाँ और ... ये नेता भी जानते हैं। EVM से चुनाव की प्रक्रिया एकदम फ़ुल प्रूफ़ है, इसमें हैकिंग या इन्हें बदले जाने की सम्भावना पूरी तरह से नगण्य है। सबसे पहले चु...
नमस्कार साथियो, चुनाव के दौर से देश निकल कर परिणामों की आस के दौर में चला गया है. बहुत से लोगों को अभी से दौरा पड़ने लगे हैं. अभी तक कुछ लोग ईवीएम का हैक किया जाना चिल्लाते दिखते थे,, वे अब उसके बदले जाने की बात करने लगे हैं. ऊहापोह के इस दौर में नकारात्मकता लगभग सभ...
सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। सुमित्रानंदन पंत (अंग्रेज़ी: Sumitranandan Pant, जन्म: 20 मई 1900; मृत्यु: 28 दिसंबर, 1977) हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार स्तंभों में से एक हैं। सुमित्रानंदन पंत नये युग के प्रवर्तक के रूप में आधुनिक हिन्दी साहित्य में उ...
मिली तो थी हमें स्वतंत्रता,लेकिन हमेंकिसी न किसी तरह पिंजड़े में रहना भाया !उसकी तीलियों पर चोंच मारते हुएहम खुद को पराक्रमी मानने लगे,और वहम पाल लियाकि हमारे अंदर स्वतंत्रता की चाह है... !लेकिन,पिजड़े से बाहर निकलकरकोई उड़ने की चाह नहीं होती,हम कोई नया पिंजड़ा तल...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम | अरुणा शानबाग ... हम मे से बहुतों ने 2015 में पहली बार इस नाम और इस नाम से जुड़ी शख़्सियत के बारे मे जाना था | पर अफ़सोस कि इस जान पहचान के पीछे कोई भी सुखद कारण नहीं था | 2015 की खबरों की सुर्खियों मे जगह बनाने वाली अरुणा शान...
सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार। विश्व दूरसंचार दिवस (अंग्रेज़ी: World Telecom Day) प्रत्येक वर्ष '17 मई' को मनाया जाता है। आधुनिक युग में फोन, मोबाइल और इंटरनेट लोगों की प्रथम आवश्यकता बन गये हैं। इसके बिना जीवन की कल्पना करना बहुत ही मुश्किल हो चुका है। आज यह...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम |आज का ज्ञान: आप चाहे कितने ही काबिल बन जाओ लेकिन अगर सब्जी वाले से धनिया मुफ्त नहीं ला सकते तो घर वालों की नज़र में आपसे ज्यादा नाकाबिल इंसान कोई नहीं है।सादर आपकाशिवम् मिश्रा ~~~~~~~~~~~~~~~~~पञ्चचामर छन्दमुकम्मल अधूरेपन की एक अतृप्त सच...
सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को नमस्कार।सुखदेव (अंग्रेज़ी:Sukhdev, जन्म- 15 मई, 1907, पंजाब; शहादत- 23 मार्च, 1931, सेंट्रल जेल, लाहौर) को भारत के उन प्रसिद्ध क्रांतिकारियों और शहीदों में गिना जाता है, जिन्होंने अल्पायु में ही देश के लिए शहादत दी। सुखदेव का पूरा नाम 'सुखदेव...