ब्लॉगसेतु

सीमा 'सदा' - एक शांत,सरस नदी सी ब्लॉगर, जिसने बिना कुछ चाहे खुद को गुलमोहर, देवदार जैसा बना लिया।  यूँ तो ज़िन्दगी के सारे अभिन्न रंग उनके ब्लॉग पर मिल जाते हैं, लेकिन माँ"और पिता"की छवि हर रंग का सारांश है। चलते हैं इस लिंक पर -माँ, तुलसी और गुलमोहर ...ht...
My Expression: डोलिया में उठाये के कहार डॉक्टर निशा महाराणा जी की एक भावप्रवण रचना। डोलिया में उठाये के कहार ले चल किसी विधि मुझे उस पार जहाँ निराशा की ओट में आशा का सबेरा हो तम संग मचलता उजालों का घेरा हो जहाँ मतलबी नहीं अपनों का...
प्रीति अज्ञात, अज्ञात की खोज में एक ज्ञात नाम।  भावों-शब्दों के साथ एक ऐसा रिश्ता है, जिसके साथ अज्ञात भी एक जुड़ाव महसूस करता है।  आज उनकी कलम की बारी,यूँ होता....तो क्या होता !: बाबा की बेंत बाबा की चमचमाती, सुन्दर, गोल घुण्डीनुमा बेंत जाने कितने ही...
एम वर्मा ने कहा,  जब कभी मैं दिल के गहराई में कुछ महसूस करता हूँ तो उसे कविता के रूप में पिरो देता हूँ। उन गहराइयों से आज हम एक बार फिर रूबरू होते हैं -एक चिड़िया मरी पड़ी थी - जज़्बात बलखाती थीवह हर सुबहधूप से बतियाती थीफिर कुमुदिनी-सीखिल जाती थीगुन...
  मैं और मेरा मन" रोहित श्रीवास्तव का मन से जुड़ा एक कदम है, ब्लॉग की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का।  जिसकी आँखों में उमड़ते-घुमड़ते बादलों से सपने होते हैं, वे हकीकत बन बरसते ही हैं, बन जाते हैं झील, पानी की पगडंडियां, नदी, समन्दर -  ... कभी बच्चों को...
उपासना सियाग की नयी दुनिया गहन विचारों का कुंड है, ब्लॉग रत्न की खोज में हम उनके ब्लॉग को देखते हैं और उनकी उस रचना को, जिस पर उनका संतुलन-विश्वास गंभीर रूप से है। छोटी लकीर-बड़ी लकीर - नयी दुनिया+      दिसम्बर  के छोटे-छोटे दिन।...
"भावों को वाणी मिलने से अक्षरों की संधि एवं मन मंथन उपरांत शब्द सृजन से निकसा सुधारस मेरी कविता है।" लिखने का शौक तो बचपन से था, ब्लॉग ने मेरी भावनाओं को आप तक पहुचाने की राह आसान कर दी. काफी भावुक और संवेदनशील हूँ. कभी अपने भीतर तो कभी अपने आस-पास जो घटित होते देख...
ऑरकुट के पन्ने से ब्लॉग की दुनिया में 2008 में मुकेश कुमार सिन्हा ने प्रवेश लिया था।  छोटी छोटी बातों में उलझा उसका मन शब्दों के अरण्य में भटक रहा था, और अंततः उसे रास्ते मिले।  वह अनकहे को लिखने लगा, और आज उसकी वह पहचान है, जिसके लिए वह न कभी घबराया...
हाइकु,कविता,कहानी,लघुकथा - हर विधा में ऋता शेखर ने अपनी एक जबरदस्त पहचान बनाई है, मौसम,उत्तरदायित्व,सपने,हकीकत उनकी लेखनी में एक उम्र जीते हैं, हौसला परछाईं बन चलता है।  इस गरिमामई ब्लॉगर से भी आपसब परिचित होंगे ही, आज इस प्रतियोगिता मंच पर वे उपस्थित हैं, पढ़ि...
कुछ लम्हे दिल के...अर्चना तिवारी का धड़कता ब्लॉग ! कभी मन अनमना लगे, शाम खाली खाली हो, दिल के इन लम्हों से रिश्ता जोड़ लीजियेगा, यकीनन सुकून मिलेगा। प्रतियोगिता के इस शानदार इक्कीसवें दिन को अर्थ दिया जाए, कुछ लम्हे दिल के साथ वक़्त गुजारा जाए।  -जनतंत्र - क...