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प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम | राजेन्द्रनाथ लाहिड़ीराजेन्द्रनाथ लाहिड़ी (अंग्रेजी:Rajendra Nath Lahiri, बाँग्ला:রাজেন্দ্র নাথ লাহিড়ী, जन्म:२३ जून १९०१ - मृत्यु:१७ दिसम्बर १९२७) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानी थे। युवा क्रान्तिकारी लाह...
जब आदमी साइंस पढ़ता है त अपने आप को एतना बुद्धिमान समझने लगता है कि उसको बुझाता है जइसे दुनिया का सब सवाल का जवाब उसके पास है. लेकिन ऊ भुला जाता है कि पेड़ के ऊपर चढ़ा हुआ आदमी को दूर से आता हुआ रेलगाड़ी देखाई देता है, मगर पेड़ के नीचे खड़ा आदमी नहीं देख पाता है. इस...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम |अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (अंग्रेज़ी: International Yoga Day) को प्रतिवर्ष '21 जून' को मनाने का निर्णय संयुक्त राष्ट्र द्वारा लिया गया है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर संयुक्त राष्ट्र ने '21 जून' को 'विश्व योग दिवस' घोषि...
नमस्कार साथियो, ये साहब हैं आनन्द दत्ता. एक बेहतरीन पत्रकार, फोटोग्राफर, रांची में रहते हैं. बिहार के कुख्यात चमकी बुखार के खिलाफ जागरुकता अभियान में जमकर लगे हुए हैं. रांची से चले, सुबह मुजफ्फरपुर पहुंचे. अस्पताल में कैम्प किया. पब्लिक फंडिंग से प्राप्त पैसों से प...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम | "हर एक लकीर, एक तजुर्बा है जनाब, झुर्रियां चेहरों पर, यूँ ही आया नही करती।" - अज्ञातसादर आपकाशिवम् मिश्रा  ~~~~~~~~~~~~~कोशिश का मूल्यांकनमैं भाग रही हूँ तुमसे दूरसंतुष्ट है भारतकच्चे केले का चोखाभजन-कीर्तन भी दिनचर्या की औप...
नमस्कार साथियो, आज, 18 जून को रानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथि है. उनका जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था. उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु पुकारा जाता था. झाँसी के राजा गंगाधर राव से उनका विवाह हुआ. सन 1851 में उनको पुत्र रत्न की प्राप...
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम |जब ऑफिस की पुरानी मैडम ने चपरासी को "ओए" कह के बुलाया,तो नई मैडम को उसपर तरस आया और बोली, "लोग जाने कहाँ से पढ कर आ जाते हैं, भला 'ओए' कहकर किसी को कभी बुलाते हैं?" "सुनो, मैं शिष्टाचार निभाऊंगी, तुम्हें तुम्हारे नाम से ही बुलाऊंगी।"...
माँ को आँगन बनाते हुए,हर कमरे का फर्श बनाते हुए,ईश्वर ने पिता की मजबूत दीवारें खड़ी कीं,,दहलीज बनाया,माँ को नम,पिता को सुरक्षा स्तम्भ बनाया ।ऐसा करते हुए,उसने न पुरुष को ज्यादा बनायाना स्त्री को कम ।धरती बनी माँ की क्षमता अद्भुत,तो आकाशीय विस्तार देनेवाले पिता का गौ...
शायद कोई -सा ही बचपन ऐसा गुजरा हो जिसने परियों की कहानी न सुनी हो. बचपन ही क्यों, बड़ों को भी लुभाने वाली लोककथाएं या धर्मकथाओं में भी अप्सराओं की कथाएं कही /सुनी/ पढ़ी जाती रहीं हैं. अधिकांश किसी श्राप वश धरती लोक पर आतीं और मोह के बंधन में बँध कर भी फिर लौट जातीं अ...
 पोस्ट लेवल : ब्लॉग बुलेटिन 15-06-2019
नमस्कार साथियो,आज विश्व रक्तदान दिवस है. खून की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से तथा रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 14 जून को यह दिन मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व रक्तदान दिवस का आरम्भ वर्ष 2004 से किया गया. आज ही के दिन ABO ब्लड ग्रुप स...