ब्लॉगसेतु

फिल्म शोले में डाकू सांभा का किरदार निभाने वाले अभिनेता मैक मोहन का सोमवार को निधन हो गया। 71 वर्षीय मैक मोहन ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह कैंसर से पीड़ित थे। मैक मोहन ने अपना फिल्मी करियर 1964 में आई हकीकत से शुरू किया था। करीब पांच दशक...
बेटा बहू गुस्से से पागल हो मां को धिक्कार रहे थे क्योंकि उनका छ: माह का बेटा रोते-रोते पलंग से गिर पड़ा था और मां उसका रोना नहीं सुन पाई थी॥ ग्लानि से भरी मेरी मां सब बर्दाश्त कर रही थी, क्योंकि उसे लगा था कि यह बहू का मोबाइल बज रहा है। अभी कल ही बहू ने उसके हड़बड़...
नोबेल पुरस्कार प्राप्त गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शब्दों का जादू एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित करने वाला है। निर्देशक ऋतुपर्णो घोष की टैगोर की चार प्रेमियों की कहानी पर आधारित फिल्म नौकाडूबी इस साल प्रदर्शित होने वाली है। नौ मई को गुरुदेव टैगोर की 150वीं वर्षग...
मेरी माँ -- अम्मा !!मिलिए श्रीमति अनिला मिश्रा से --मेरी माँ से !! आज के दिन जब पूरी दुनिया में हर कोई अपनी माँ के लिए गीत कविता या कोई ना कोई छंद लिख या कह रहा है ..............मैं सिर्फ़ और सिर्फ़ यह कहना चाहता हूँ ..................वन्दे मातरम !!
हर जवानी को एक दिन बुढ़ापे में कदम रखना ही पड़ता है। बुढ़ापा कोई बीमारी नहीं है, जो गिने-चुने लोगों को ही होती है। इसके बावजूद हममें से कुछ लोग ही जिंदगी के इस पड़ाव के लिए पहले से तैयार होते हैं। ऐसा नहीं है कि केवल प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों को ही र...
जेटाबाइट्स को डिजिटल माप की सबसे बड़ी इकाई घोषित किया गया है। इससे पहले पेटाबाइट्स को सबसे बड़ी इकाई माना जाता था। डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक एक जेटाबाइट्स, एक मिलियन पेटाबाइट्स [एक के बाद 21 शून्य] के बराबर होगी। डिजिटल सामग्री की यह नया माप उतनी सूचन...
आज कल ब्लॉग्गिंग जगत में एक प्रचालन हो गया है कि "आप मुझे गाली दो मैं आपको गाली देता हूँ" !! एसा करने वाले इसको "गाली गाली" खेलना कहते है | बात एक दुसरे तक रहे तब तक तो ठीक है, कि भाई दो लोग है आपस में 'गाली गाली' खेल रहे है .........अपना क्या खेलने दो !! पर नहीं स...
पैर छू कर प्रणाम करना एक अदब एक इज्जत होती थी। जिसे संस्कार के रूप में भी आंका जाता था पर अब ये नमस्ते, हाय हेलो तक सीमित होकर रह गई है। कार्तिक के दादाजी घर आए तो वह दादू-दादू कहकर चिपक गया। तो दादू ने भी उसे प्यार से ढेर सारा दे डाला। लेकिन फिर पापा ने उसे डांट...
वैसे तो मैं कोई शायर या कवि हूँ नहीं पर अभी अभी यह चार लाइन लिख बैठा हूँ सोचा आप सब से भी पता करू कैसा लगा यह 'शेर' ??कभी कभी उदासी भी मुस्कुराती है !!हाँ हाँ......... उदासी मुस्कुराती है !!जब जब तन्हाई में तेरी याद आती है,मेरी उदासी हर बार मुस्कुराती है !!
उपचार से बेहतर है बचाव। इसी वाक्य से प्रेरित होकर बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए विभिन्न टीके (वैक्सीन्स) उपलब्ध है। बी.सी.जी., डी.पी.टी., पोलियो ड्रॉप्स, खसरा व हिपेटाइटिस बी. जैसे सामान्य टीके सभी मुख्य अस्पतालों व क्लीनिक्स पर उपलब्ध है। वैक्सीन को सही तापमान...