ब्लॉगसेतु

 मेरी सलवार पर पड़ी वो खून की छींटे मानो मुझे बतला रही थी,कुछ भी पहले जैसा रहा नहीं।एहसास मुझे करा रही थी। अंदर ही अंदर घबरा रही थी। बहुत तेज़ थी पीड़ा,मेरे भीतर जो सहि ना जा रही थी। रोना मैं जोरो से चाहती थी,माँ मुझे चुप करा रही थी। चुप...
 पोस्ट लेवल : #Mensturation Taboo of Indian Culture
 जैसे सोच की कंघी में सेएक दंदा टूट गयाजैसे समझ के कुर्ते काएक चीथड़ा उड़ गयाजैसे आस्था की आँखों मेंएक तिनका चुभ गयानींद ने जैसे अपने हाथों मेंसपने का जलता कोयला पकड़ लियानया साल कुझ ऐसे आया...जैसे दिल के फ़िक़रे सेएक अक्षर बुझ गयाजैसे विश्वास के काग़ज़ परसिया...
 यदि देश की सुरक्षा यही होती हैकि बिना ज़मीर होना ज़िन्दगी के लिए शर्त बन जाएआँख की पुतली में 'हाँ' के सिवाय कोई भी शब्दअश्लील होऔर मन बदकार पलों के सामने दण्डवत झुका रहेतो हमें देश की सुरक्षा से ख़तरा हैहम तो देश को समझे थे घर-जैसी पवित्र चीज़जिसमें उमस नहीं...
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में सरकार ने सितम्बर के माह में रातों-रात संशोधन कर दिया। जिसके परिणाम स्वरुप करोडो लोग बेरोजगार हो गए। संस्थाएँ जो बड़ी संस्थाओ से दान की राशि को प्राप्त कर स्थानीय लोगो को उनके ही गांव -शहर में रोज़गार देते थे, सरकार के आदेश के अनुसा...
 पोस्ट लेवल : # Unemployment_Corona
 शहर के बीचो -बीच बना हॉल लोगों से भरा हुआ है, कुछ वक्ता  थे और  कुछ सुनने वाले ।  आलम यह था कि हर किसी को बोलना था लॉकडाउन में बहुत दिनों तक नहीं सुने जाने से हर शख्स परेशान था। किसी न किसी को अपनी कहानी को सुनने वाले की तलाश थी । आठ महीने बाद...
सूरज की तपिश से तन तापने वाले। घर का चूल्हा धीरे-धीरे बुझा रहा। मन के भीतर क्यों कोई विचार नहीं आता ?सर से छत,रोटी और पढाई सब उठ गए। तेरे लब पर कोई सवाल क्यों नहीं आता ? शहर की सड़क नाप डाला गांव तक। जो साथ चले थे नहीं पहुँचे घर आज तक। कुछ सड़क पर ढ़ेर हुए, कुछ प...
 अज़ान के आखिर में एक दुआ हमेशा सुनाई देती है।  " या अल्लाह ! कोरोना के कहर से बचा अल्लाह, सब पर अपना करम बरसा अल्लाह "  नमाज़ अदा  करने के  बाद मौलवी  मोहल्ले की गालियो में निकल जाता और बिना मास्क पहने हर किसी को मास्क पहनने को कहता।&nb...
 “Laungi Bhuiyan” a man who has dug out the canal single-handedly in Bihar, India. He carved out a three-kilometre long canal to take rainwater coming down from nearby hills to fields of his village, Kothilawa in Lahthua area of Gaya in Bihar.    "Fo...
 पोस्ट लेवल : A man who has dug out the canal single-handedly