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हमारे पास योजना है|कांग्रेस ने पिछले 60 सालों के राज में किया क्या? गर्मी भी ठीक से नहीं पड़ने दी| हम अभी कांग्रेस के पाप धो रहे हैं| 2022 तक रुकिए, हमारे पास योजना है कि इससे भी भीषण गर्मी लाकर दिखाएँगे|अरुण कान्त शुक्ला 29/5/2018
पांच मूर्खों की तलाश बनाम अफलातून को सबक सिखाओ   एक आधुनिक व्यंग्य बोध कथा रोज की तरह शाम होते ही बच्चे दद्दू को कहानी सुनने के लिए घेर कर बैठ गये| दद्दू गला साफ़ करने के बाद कहानी शुरू करते, उसके पहले ही अनी बोली, दद्दू हम रोज रोज वही अकबर-बीरबल, राजा कृष...
कहीं पढ़ा था कि स्वतंत्रता पश्चात 15 अगस्त की सुबह जब एक पत्रकार ने गांधी से पूछा कि आप दुनिया से कुछ कहना चाहेंगे तो गांधी ने कहा कि जाओ और दुनिया से कह दो को गांधी अंगरेजी भूल गया|उस पत्रकार ने यह बात पूरी दुनिया को बताई,पर, वह गांधी का यह सन्देश भारत में बताना भू...
जी हाँ, अभी जिस दौर से हम गुजर रहे हैं उसमें चाय उपनिषद से लेकर उपग्रह, मेडिसन स्क्वायर से लेकर भोपाल के हिन्दी सम्मलेन तक के बीच के हर दौर में मौजूद रहेगी| भारत में 32 साल के बाद हो रहे हिन्दी सम्मेलन में भी चाय मौजूद थी| यह बात अलग है कि भारत सरकार के विदेश विभाग...
मुझे नहीं लगता कि राजनीति में जनता के किसी भी तबके से संवाद स्थापित करते समय कुछ भी अतिशयोक्तिपूर्ण कथन करने की कोई आवश्यकता पड़ती है| धोने में आलस्य आने या कठनाई होने पर कोई कुर्ते की बाँह काट दे और फिर कहे कि वह केवल 4 घंटे सोता है और दिन रात काम में भिड़...
आईपीएस हो तो सरकार का काम करो... ठाकुर दम्पति को लग रहा था कि मुलायम सिंह अमूल चीज का टुकड़ा हैं जिसे वो मजे से खा जायेंगे| भईये जिस नेता जी ने ममता बहन को लखनऊ बुलाकर प्रेस कांफ्रेंस में साथ में खड़े होकर बेरंग कोलकाता भिजवा दिया, वो नेताजी अमूल चीज का टुकड़ा नहीं,...
पहले नाक के नीचे तो झाँक लीजिये..!ऐसा कहा जाता है की जिसकी नाक लम्बी होती है, उसे उसकी नाक के नीचे क्या हो रहा है पता नहीं चलता| केंद्र सरकार में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी लगता है कुछ ऐसा ही हो रहा है| आज जब वे लोकसभा में खड़े होकर लोकसभा के सदस्यों को यह कह...
अच्छा हुआ, अरुणा शानबाग, तुम मर गईं...अच्छा हुआ अरुणा शानबाग तुम मर गईं! तुम 42 साल तक कोमा में रहीं| शरीर के हिसाब से यह एक दर्दनाक स्थिति है| जंजीरों से बांधकर किये गए क्रूर बलात्कार के बाद 42 साल तक ज़िंदा मृत के सामान पड़े रहना, यह वह जिन्दगी है जो बुद्ध, विवेका...
बोले तो अब पहली बार पता चला है कि चड्डी पहनकर ये फूल पंजाब में खिला है. भैय्ये एक नेक काम कर दो और एक बार में बता दो कि आप पैदा कहाँ हुए थे, मगर के साथ कहाँ खेलते थे. चाय कहाँ बेची थी, टीचर कब बने थे. सेना से आपका लगाव कब और कैसे हुआ था. वगैरह..वगैरह..वैसे जब आपको...
जब मैं तिवारी पान पेलेस पर पहुंचा तो उम्मीद के विपरीत वे बिलकुल खाली थे| पर, उनके चेहरे की शिकन बता रही थी कि कोई उधेड़बुन तो है, जिसने उन्हें बेचैन कर रखा है| हमने बड़े एहितायत के साथ उनसे पूछा, कैसे तिवारी जी सब कुशल मंगल तो है न! तिवारी जी ने बड़ी उम्मीद भरी नज़रों...