ब्लॉगसेतु

फोटो साभार-इंटरनेट विगत चार-पाँच महीनों से पूरे विश्व के लिए जी का जंजाल बनी कोविड -19 महामारी से आज हर व्यक्ति  आतंकित है। चीन के वुहान शहर से प्रसारित इस महामारी ने समूचे विश्व को अपने पंजे में जकड़ लिया है। विश्व के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएँ ध्वस्त होन...
 पोस्ट लेवल : articls
(विनोद गौड़ सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं। श्री गौड़ एक अच्छे विचारक, प्रेरक तथा समाजसेवी हैं। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपनी कलम का जादू बिखेरते हैं। शब्दमंच के अनुरोध पर  चंद्रयान पर लिखी गई इनकी कविता 'अतिथि पन्ने' पर प्रस्तुत है-)'चन्दा मामा दूर के'...
 पोस्ट लेवल : अतिथि पन्ना (Guest Column)
भारत की राष्ट्रीय एकता का बीज वपन करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 143 वीं  जयंती पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की विशालकाय प्रतिमा का लोकार्पण किया।राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2018 पर लोकार्पित की गई यह  प्रतिमा सरदार पटेल...
 पोस्ट लेवल : articls
पुस्तक समीक्षापुस्तक का नाम:  शिक्षा का अधिकार               स्थिति और प्रभाव लेखक : डॉ.सुनील कुमार गौड़ मूल्य: रु.120   पृष्ठ : 106 प्रकाशक : समय साक्ष्य,   &n...
 पोस्ट लेवल : Pustak Samiksha
किसी बुरी शै का असर देखता हूं ।जिधर देखता हूं जहर देखता हूं ।।रोशनी तो हो गई अंधेरों में जाकर।अंधेरा ही शामो सहर देखता हूं ।।किसी को किसी की खबर ही नहीं है।जिसे देखता हूं बेखबर देखता हूं ।।ये मुर्दा से जिस्म जिंदगी ढो रहे हैं।हर तरफ ही ऐसा मंजर देखता हूं ।।लापता है...
बसाकर दिल में मस्ती का, घराना हम भी रखते हैं।जो दिल में सबके गूँजे वो, तराना हम भी रखते हैं। हम अपने पास में केवल गम ही गम नहीं रखते,लौटाने को तो खुशियों का, खजाना हम भी रखते हैं॥                     &nbsp...
वर्ष नूतन आ गया है, प्यार और उल्लास लेकर।आ गया लेकर उमंगें, एक नया अहसास लेकर॥वर्ष नूतन..क्या खो दिया क्या पा लिया , तुम जरा ये सोच लो।वर्ष  आगत  के लिए नव, लक्ष्य  बिन्दु  खोज लो।।बढ़ चलो प्रगति के पाठ पर, जीत का विश्वास लेकर।वर्ष नूतन...खिल उठे...
 पोस्ट लेवल : Geet
न मैं हिन्दू होता ,न तू मुसलमाँ होता ।दरम्यां न फिर हमारे,फिर फासला होता।।न कहीं मंदिर गिरता,न मस्जिद कोई ढहती।न कहीं दंगे ही  होते,  न जलजला होता॥न होती नफरत दिलों में,मेरे और तुम्हारे।दोस्ती और अमन का बस सिलसिला होता॥बंधी होती एक जिल्द में,गीता औ’कुरान...
 पोस्ट लेवल : कविता
नव निशा की बेला लेकर,साँझ सलोनी जब घर आयी।पूछा मैंने उससे क्यों तू ,यह अँधियारा संग है लायी॥सुंदर प्रकाश था धरा पर,आलोकित थे सब दिग-दिगंत।है प्रकाश विकास का वाहक,क्यों करती तू इसका अंत॥जीवन का नियम यही है,उसने हँसकर मुझे बताया।यदि प्रकाश के बाद न आए,गहन तम की काली...
 पोस्ट लेवल : कविता
“भारत गांवों का देश है, भारत गाँव में बसता है। - आज से सात दशक पूर्व देश की आजादी के समय यह बात अक्षरश: सत्य थी। इसी आधार पर महात्मा गांधी, बिनोबा भावे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरुषों ने ग्राम स्वराज की कल्पना की थी। आत्मनिर्भर व समृद्ध गाँव भारत की पहचान ह...
 पोस्ट लेवल : articls