ब्लॉगसेतु

छोड़ आई हूं,सीलन से भरीधुटती वो रातें,जहां हर &#2...
When some one does not understand me...then i feel very angry...I want to tell everyone..that I am not wrong .nor ever..I want to shout.but my scream s smolder inside this house..!!I want to break the chainsmokers of this slavery..!!Want to fly in the open sky..!!W...
रश्क होती है।तुम्हें बेखबर सोता देखकर..!!कुछ न&#2...
 पोस्ट लेवल : रश्क होती है।
बस्तियां- दर- बस्तियां       हुईं  ख़ामोश ,ये फ़ज़ाओं  में कोन-सा      ज़हर घुल गया..!!जहां तक जाती हैं      नज़रें मेरी..!वहां तक लाशों का   शहर बस गया..!!इन सांसों में कैसी,    &...
आज फिर वो एकभ्रम को पाले उठेगाउठा के गमछा,कुद&#23...
मैं एक अदना सा लेखक हुं,लिखता वहीं हुं जोमन को बींध जाता है,स्पष्ट, अस्पष्ट की संज्ञासे परेमन के विस्मृत भावोंको संवेदनाओं सेउकेरता चला जाता हुंमन के कोरे कागज मेंजब दर्द की चीखनिकलती हैऔर धुटन से जिह्वाबाहर आती हैंतब आत्मा शोर मचाती हैऔर मैं एक अदना सा लेखकलिख डाल...
हर शाख़ पर उल्लू बैठा हैहर शख़्स  यहां कीचड़ से मैला हैक्या रंग क्या गुलाल खेलूंहर चमन में शातिर शागिर्द बैठा हैतुम बात करते हो मकानों कीयहां हर घर बेज़ुबानों से दहला हैपंख लगाकर क्या उड़े चिड़ियाहर सैय्यद  पंख कतरने   बैठा हैजिस्म में थरथराहट...
प्रश्न तो बस प्रश्न होते हैंतीखे-से, मीठे-से, कुछ उलझे-सेकुछ  जज़्बाती-सेकुछ हमेशा की तरह अनुत्तरित-से।यहां कुछ प्रश्नमैंने भी पूछेमाँ  से अपनी...क्यों  लड़के की चाह मेंमुझे अजन्मा ही मारने चली..?क्यों छठे माह तकबिना किसी भय केसींचती रही रक्त से अपने....