ब्लॉगसेतु

" एक बात "बैठा था जब मैं खिड़की के पास,सोच रहा था बैठ एक बात | जब आया वह खेल याद,खेल रहा था मैं दिन - रात | हार गया तो क्या हुआ,लेकिन जीतूँगा मैं भी एक बार | चोट लगी तो क्या हुआ,मेहनत करना है एक साथ | चला गया मैं पृथ्वी से पार, बैठा था जब मैं खिड़की के...
" हँसी तो सभी को आती है " हँसी तो सभी को आती है,लेकिन वह हँस नहीं पाता है | दर्द तो सभी को होता है,लेकिन वह सह नहीं पाता है | जिंदगी जीना है सभी को,लेकिन जी नहीं  पाता | पढ़ना उसे पड़ता है जो रह नहीं पाता,दर्द उसे होता है जो सह नहीं पाता | हँसी तो सभी को आती...
" चिड़िया "छोटी सी चिड़िया उड़ रही है,आसमान में बादल के नीचे | उड़ रही है वह छोटी सी चिड़िया, फुदक फुदक कर उड़ रही है चिड़िया | आकाश में उड़ रही है चिड़िया,लोंगो से कुछ कह रही है चिड़िया | मन ही मन में मचल रही है चिड़िया, फिर भी गीत गति है चिड़िया |  नाम : शिवा कुमार , कक...
" आज मैंने ये जाना है "आज मैंने ये जाना है,ये तो सिर्फ एक बहाना है | सबको पैसा ही बस खाना है,मुझे बताओ कहाँ अब जाना है | ये पैसा ही सिर्फ बहाना है,बस सबको बड़ा ही बनना है | मुझे तुमसे बस इतना ही कहना है,ये जवाना ही बस बहाना है |बस पैसा ही इनको खाना है | | &nbsp...
" माँ " माँ तू कितनी प्यारी है,दुनियाँ में सबसे न्यारी है | तेरे बिना सारा जीवन अधूरा है,माँ तू कितनी प्यारी है | रोते को हँसना सिखाती है,गिरते को चलना बताती है | नई नई बात बताती,अपनी अंचल में सुलाती | दुःख से लड़ना सिखाती,उँगली पकड़ राह दिखती | माँ तू कितनी प्य...
" मैं चाहकर भी न रोक सका "मैं चाहकर भी न रोक सका,उस मधुर से गीत को | वह क्या सुर और ताल था,जिसमें सुरीली आवाज़ थी | मन मस्त मगन हो जाता है,जो उस गाना को सुनता है | उस संगीतकार का क्या तारीफ करूँ,जिसने उसे रचाया है | नींद मुझे आ जाती है, उस संगीत की झंकार से | मैं चा...
" जनता की बारी "आई अब जनता की बारी,सही नेता चुनने की तयारी | वोट जनता का हथियार है, संभलना नेता बहुत होशियार है |  करेंगे चिकनी चुपड़ी बातें,इनके चक्कर जनता है आतें | पाँच सालों में कुछ किया नहीं,जनता सही से जिया ही नहीं |किसी का हल्का किसी का पलड़ा भारी,...
"आम का महीना आया "आम का महीना आया, बच्चों के मुँह में पानी आया |मुँह से लार टपकता टप टप कर,आमों में रस भरा रहता है ठस ठस कर |धूप से गिरता टप टप,बच्चे खाए खूब चूसकर | रंग रसीला आम लाया,बच्चों के मन में खुशियाँ लाया | आम का महीना आया, बच्चों के मुँह में पान...
" माँ "तेरा कसूर कुछ नहीं,जो तेरा कर्म तूने किया, मुझे पता है तूने ही मुझे जन्म दिया | सहा है बहुत सी मुसीबतों को,बिना किए अपनी परवाह | तेरी ममता मेरी जान से प्यारी, तू ही है दुनियाँ की सबसे न्यारी |अब यह क्या तेरे चेहरे पर झुर्रियॉ, आँखों में आँसू | मुँह में आह की...
" पीड़ा "जब मैं बैठा था एक खाली रोड पर,पीड़ा होने लगी कसके मेरे दिमाग पर | मैं सोच रहा था अपने इतिहास पर,जो नहीं दिखा कुछ खास | मैंने सोचा अपने आने वाले कल पर,मैं बदल सकता था अगले साल पर |अब मैं जीना चाहता हूँ एक नई जिंदगी,जिसमें मिले मुझे ढेर ख़ुशी | मैं बदल...