ब्लॉगसेतु

कह मुकरीनीतू ठाकुर 'विदुषी'चिकना तन और पतली कायासारे जग का मन भरमायानूतन रोज दिखाता स्टाइलहे सखि साजन? ना मोबाइलसबके मन में खौफ बनाताअच्छे खासों को जो समझातापीट पीट कर करता ठंडाहे सखि साजन? ना सखि डंडाजो भूकंपी दाड़ बजातागुस्सा जिसको ऐसा आताकितनो को तो मार पछाड़ाहे स...
माहिया टप्पे नीतू ठाकुर 'विदुषी'तू छत पे कल आनागन्ना चूसेंगे बेशक जल्दी जानागन्ने जब टूटेंगेतूने बहकायाघरवाले कूटेंगे सावन में गायेगीकोयल काली तोमेढ़क को पाएगी काली कोयल गाएडाली पर बैठीजो तेरे मन भाये महकेगी बगिया जबरजनीगंधा सीआऊंगी मिलने तब...
नवगीत नीतू ठाकुर 'विदुषी'मुखड़ा/पूरक पंक्ति~14/14अंतरा~14/14श्वास है अवरुद्ध मन सेबह रही है अश्रु धारामिट रहा आँखों का काजलछोड़ पलकों का किनाराप्रीत की यह रीत कैसीजो ह्रदय को पीर देतीचैन छीने जो नयन के स्वप्न भी सब छीन लेतीकुछ व्यथित जब सिंधु देखा फिर नदी द...
नव गीत 14/14अधर को मौन रहने दोनयन हर भेद खोलेंगेहृदय भी मौन ही समझे समझ के भाव बोलेंगे धरा का मौन बादल हीसमझता जानता है सबचकोरी चाँद की बातें सुनाई दे रही हैं अब मयूरा मेघ से कहता बता हिय बात ही वो कबमगर कुछ देख बेचैनी बरस के प्री...
नवगीत खेल रही है किस्मत चौसर फेक रही है कैसे पासेभ्रमित हो रहा मानव ऐसेमानवता मिट रही धरा से1जीवन का उद्देश्य भुलाकरदास बने धन को अपनाकरतिमिर व्याप्त है सारे जग मेंअंतर्मन की चीख मिटाकरकठपुतली बन जीवन जीते, कौन ज्ञान के दीपक चासेभ्रमित हो रहा मानव ऐस...
मेरा अक्स आज मुझसे , नजरें चुरा रहा है कल तक जो जान था वो , अब दूर जा रहा है किस बात से खफा है , जो आज यूँ जुदा है आँखों को ख्वाब देकर , खुद ही मिटा रहा है माना ये दिल नही था , तेरी आरजू में शामिल दिले बेरुखी से अपनी , उसे क्यों जला रहा है&...
मै ग़ज़ल हूँ तेरी गुनगुनाया करो अपने अधरों पे हमको सजाया करो तेरे खामोश दिल की मै आवाज हूँ गीत में सिसकियाँ ना मिलाया करो धड़कनें जब हमें तुम सुनाया करोपास आकर न  तुम दूर जाया करो तेरी चाहत हूँ मै आजमाते हो क्यों तुम मेरे हो तो हक़ भी...
 पोस्ट लेवल : मै ग़ज़ल हूँ तेरी
मेरे लिबास से मेरी औकात का अंदाजा न लगा इस फटी कमीज़ में करोड़ों के बिल रखता हूँ उधार की ज़िंदगी और मिट्टी के तन में मोहब्बत भरा कोहिनूर सा दिल रखता हूँ लोग लगे हैं मेरी हस्ती मिटाने में मै तो बस निगाहों में मंजिल रखता हूँ सुना है टूटा हु...
रेशमी जुल्फ में बिखरे सुनहरे ओस के मोतीहमें बेचैन ना करते अगर चाहत नही होतीतेरी खामोश नजरों ने बहुत कुछ कह दिया हमसेतुम्हारी मुस्कुराहट ने निकाला है हमें गम सेतेरा ख़्वाबों में ख्यालों में बसर देखा हैजब से नजरों नें तुझे एक नजर देखा हैकोई तो बात है तुझमें कोई दानाई...
 पोस्ट लेवल : तुझे एक नजर देखा है
जुदा है जिंदगी अपनीजुदा अपनी कहानी हैभुला देना की दुनिया मेंतुम्हारी एक दीवानी हैये बिखरे रंग जीवन केसमेटे फिर न जायेंगेतुम्हें बेचैन कर देंगेकभी जब याद आएंगे तेरी रंगीन है दुनिया मेरे दिल में वीरानी है मेरी बेनूर आँखों में तो बस ठहरा सा पा...