ब्लॉगसेतु

मेरा अक्स आज मुझसे , नजरें चुरा रहा है कल तक जो जान था वो , अब दूर जा रहा है किस बात से खफा है , जो आज यूँ जुदा है आँखों को ख्वाब देकर , खुद ही मिटा रहा है माना ये दिल नही था , तेरी आरजू में शामिल दिले बेरुखी से अपनी , उसे क्यों जला रहा है&...
मै ग़ज़ल हूँ तेरी गुनगुनाया करो अपने अधरों पे हमको सजाया करो तेरे खामोश दिल की मै आवाज हूँ गीत में सिसकियाँ ना मिलाया करो धड़कनें जब हमें तुम सुनाया करोपास आकर न  तुम दूर जाया करो तेरी चाहत हूँ मै आजमाते हो क्यों तुम मेरे हो तो हक़ भी...
 पोस्ट लेवल : मै ग़ज़ल हूँ तेरी
मेरे लिबास से मेरी औकात का अंदाजा न लगा इस फटी कमीज़ में करोड़ों के बिल रखता हूँ उधार की ज़िंदगी और मिट्टी के तन में मोहब्बत भरा कोहिनूर सा दिल रखता हूँ लोग लगे हैं मेरी हस्ती मिटाने में मै तो बस निगाहों में मंजिल रखता हूँ सुना है टूटा हु...
रेशमी जुल्फ में बिखरे सुनहरे ओस के मोतीहमें बेचैन ना करते अगर चाहत नही होतीतेरी खामोश नजरों ने बहुत कुछ कह दिया हमसेतुम्हारी मुस्कुराहट ने निकाला है हमें गम सेतेरा ख़्वाबों में ख्यालों में बसर देखा हैजब से नजरों नें तुझे एक नजर देखा हैकोई तो बात है तुझमें कोई दानाई...
 पोस्ट लेवल : तुझे एक नजर देखा है
जुदा है जिंदगी अपनीजुदा अपनी कहानी हैभुला देना की दुनिया मेंतुम्हारी एक दीवानी हैये बिखरे रंग जीवन केसमेटे फिर न जायेंगेतुम्हें बेचैन कर देंगेकभी जब याद आएंगे तेरी रंगीन है दुनिया मेरे दिल में वीरानी है मेरी बेनूर आँखों में तो बस ठहरा सा पा...
मेघ मल्हार सुनाने आये हिय की व्यथा दिखाने आये बरस रहे अंबर के आँसू धरती तक पहुँचाने आये जाने कब से धरा है प्यासी प्रतिपल छायी रहती उदासी बन उपहार विकल प्रेमी का प्रेम सुधा बरसाने आये मेघ मल्हार सुनाने आये  .... प्रे...
जरा तहज़ीब सिखलाये , कोई बेखौफ लहरों को जो अक्सर तोड आती हैं , कड़े सागर के पहरों को सुनाती हो भला क्यों यूँ , प्रलय का गीत बहरों को तुम्हारे खेल में मिटते हुए , देखा है शहरों कोमिटाकर क्या मिला तुमको , नही कुछ साथ ले जाती भयानक याद बनती...
हे मितवा मनमीत मेरेहर गीत तुम्हारे नाम लिखूंगीशब्दों में जो बंध ना पायेऐसे कुछ अरमान लिखूंगीप्रीत के पथ के हम दो राही तेरा नेह बनाकर स्याही अपने अनुरागी जीवन में तुझको अपनी जान लिखूंगी खुद को खोकर तुझको पायाईश मेरे मै तेरी छायाअपना सबकुछ अर...
जाने क्यों तेरी याद तेरे बाद भी रही हर शाम तेरे नाम तेरे बाद भी रही नाकाम कोशिशें की भुलाने की आप को ये जान तेरे नाम तेरे बाद भी रही कब तक तलाशते हम ख्यालों में आप को चाहत ये बेजुबान तेरे बाद भी रही आँखों में अश्क़ भरकर रूखसत वो हो गए&n...
सरहद पे चली जब गोलीतब माँ धरती से बोलीमेरा लाल है तेरे हवालेकहीं लग ना जाये गोलीरस्ता देख रहें हैं उसकाव्याकुल से दो नैनापिछले बरस ही लाई थीमै नई दुल्हन का गौनासूनी ना होने देनादुल्हन की मेरे कलाईजीते जी मर जाऊँगीअगर बेवा नजर वो आईसरहद पे चली जब गोली  .....नन्...