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9-11जी हाँऐतिहासिक दिन आज ही का दिन9 तारीख 11वां महीना, ये महज तारीख नहीं है बल्कि एक ऐसा दिन है जिसमें हुई घटनाएँ इतिहास का रूप ले चुकी है, पाँच सदियों से चला आ रहा है अयोध्याभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुना देगा..और तो और ....आज ही भारत के नागरिकों के लि...
 पोस्ट लेवल : 170
सादर अभिवादन..आज-कल ये देखा जा रहा हैलोग आलोचक और समीक्षकबनने की होड़ पर लगे हैंलेखक लिखता हैं..वहअपने मन में उपजे भावों कोअपनी कलम की सियाही कोरे कागजों पर और..उसेसंतुष्टि होती है..खैर लिखता कोई है..औरपढ़ता कोई और है....हमारा काम है कि उन रचनाओं कोआपके स...
 पोस्ट लेवल : 169
सादर नमस्कार..आज हम आ गए..हमारी सोच कुछ अलग नहीं है..पर सोच से जरूर ज़रा अलग ही है..सर्व प्रथम शुभकामनाएँ पुरुषोत्तम जी कोउनकी 1101 वीं रचना के लिए...पढ़िएस्पंदन (1101 वीं रचना)अन्तर्मन हुई थी, हलकी सी चुभन! कटते भी कैसे, विछोह के हजार क्षण?हर क्षण, मन की पर्वत...
 पोस्ट लेवल : 168.
सादर नमस्कारआज बुध की शामहिन्दी माह की दसवीं तारीखकल तुलसी-विवाह होगाफिर.....बैण्ड-बाजा और बारातले जाएँगे ले जाएँगे..पर..किसे..जब बेटी होगी तब नगूढ़ प्रश्न..ढूंढते रहिए जवाबऔर लिंक की ओर चलिए...खकिया-कलुआ भाई-भाईबाप रे!सहनशीलता चरम सीमा पर है,सभी सह रहे हैं, एक दूज...
 पोस्ट लेवल : 167
सादर नमन..सांध्य मुखरित मौन..आजकल सोशियल परकई किस्से अखबारों पर पढ़ा जाता हैऔर पढ़ने के बाद भी दर-किनार भी कर दिया जाता है..अनजान नम्बरों से कॉलओटीपी, कार्ड ब्लॉक , पुरुस्कार की सूचनाये आम बात है..लालचियों की कमी नही न हैआज की शुरुआत एक ऐसा ही वाकया सेकितने घा...
 पोस्ट लेवल : 166
सादर अभिवादन..आप बोर तो नहीं हो रहे हैंलगातार हम ही हम हैंअगर हो भी गए तो क्यानहीं हुए तो वाह-वाह...रचनाएँ कुछ यूँ है...पराई साँस ...मन-मर्जी ये साँस की, वो चले या रुके! हूँ सफर में, साँसों के शहर में! इक, पराए से घर में! पराई साँस है, जिन्दगी के दो-...
 पोस्ट लेवल : 165
सादर अभिनन्दनव्रती महिलाओँ काउनकी सारी मनोकामना पूर्ण होइसी प्रत्याशा के साथ देखिए आज की रचनाएँप्यास ... पुरुषोत्तम कुमार सिन्हाहुई है, प्यास कैसी ये सजग? है जो, पानी से अलग! घूँट, कितनी ही पी गया मैं! प्यासा! फिर भी, कितना रह गया मैं! तृप्त, क्...
 पोस्ट लेवल : 164
सादर नमस्कार...देवी जी घाट की ओरप्रस्थान की तैय्यारियाँ कर रही हैआज हम हैं अपनी पसंदीदा रचनाएँ लेकर...पर्व, प्रगतिशीलता और हमजब मैं कॉलेज के दिनों में थी तब पहली बार नाम सुना था छठ पूजा का. एक दोस्त के घर से आया प्रसाद खाते हुए इसके बारे में थोड़ा बहुत जाना था. नदी...
 पोस्ट लेवल : 163
सादर अभिवादनमाह नवम्बर का पहला दिनक्या कुछ यादगार कर लियाअक्टूबर ने...हाँ दो नए राज्य दिए हैंशुभकामनाएँ..अब नवम्बर से भी बहुत उम्मीदें है..चलें आज की रचनाओं की ओर...मुक्ति ...विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता' यूँ तो भाईदूज के दिन बिहार के मिथिला में भी रंगोली ब...
 पोस्ट लेवल : 162
सादर अभिनन्दनभारत के भू राजनीतिक एकीकरण के सूत्रधार ‘लौहपुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 144 वीं जयंती है। सादर नमनआज से भारत के नक्शे मे एक बड़ा बदलाव आया हैआज से भीरत में दो केन्द्रशासित प्रदेश बढ़ गए हैंजम्मू-काश्मीर और लद्दाख...और तो और आज हीभारत...
 पोस्ट लेवल : 161