ब्लॉगसेतु

1 अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवससादर अभिवादनवैसे तो वरिष्ठजनों का सम्मान हर दिन, हर पल हमारे मन में होना चाहिए, लेकिन उनके प्रति मन में छुपे इस सम्मान को व्यक्‍त करने के लिए एवं बुजुर्गों के प्रति चिंतन की आवश्यकता के लिए औपचारिक तौर पर भी ए...
 पोस्ट लेवल : 131
स्नेहाभिवादन !'सांध्य दैनिक मुखरित मौन" में  सभी रचनाकारों और पाठकों का हार्दिक स्वागत एवं नवरात्र पर्व की शुभ कामनाएँ…माँ भगवती से अरदास कि बिहार व उत्तर प्रदेश की अतिवृष्टि से रक्षा करें पटना का जनजीवन सामान्य हो । आज की प्रस्तुति में पेश हैं कुछ चयनित...
 पोस्ट लेवल : 130
सर्व प्रथम नमनमाँ शैलपुत्री कोआज महाराजा अग्रसेन की जयन्ती हैशत शत नमनचलिए चलते हैं आज की रचनाओँ की ओर...कमी न तुममें थी न मुझमें थी ....कमी न तुममें थीन मुझमें थी,और शायद कमी तुझमें भी थी,मुझमें भी थी ...कटु शब्द तुमने भी कहे,हमने भी कहे,मेरी नज़रों से तुम गलत थे,त...
 पोस्ट लेवल : 129
कल का अंक वास्तव में सदा दीदी कोगुजरा पल याद दिला दिया होगासोच रही होंगी क्यों रेगुलर ब्लॉगिग से हटी..बहरहाल आज की रचनाओं पर एक नज़र...तो जाओ, तुम पर छोड़ा ....जब जाना ही है तोविदा न लो , सीधे जाओहम रोये या गायेपत्थर- सा हो जाओचुप रहो , कुछ नहीं सुननालो ,...
 पोस्ट लेवल : 128
सीमा सिघल 'सदा'विरला ही होगाजो अपरिचित होइस नाम से....सादर नमन उनको..हमारे आग्रह पर उन्होनें प्रेषित की हैये पाँच रचनाएँ...दीदी के ही ब्लॉग से..एक बार और आएँगी दीदीअपनी पसंदीदा रचनाएँ लेकरपर वे रचनाएँ उनके ब्लॉग की न होकरअन्य ब्लॉग से होंगी..दोस्त एक हो पर सच्चा हो...
 पोस्ट लेवल : 127
स्नेहाभिवादन !'सांध्य दैनिक मुखरित मौन" में  सभी रचनाकारों और पाठकों का हार्दिक स्वागत !सुरमई सांझ  के अभिनन्दन के साथ आपके अवलोनार्थ पेश हैं कुछ चयनित सूत्र ---हुंकार - आ.पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा जीगूंज उठी थी ह्यूस्टन, थी अद्भुत सी गर्जन!चुप-चुप सा, हतप्...
 पोस्ट लेवल : 126
स्नेहिल अभिवादनअझेल नहीं न हैं हमकहीं तो पाप अधिक हुआ हैतभी तो शेषनाग नें मस्तक अपना हिलायाधरती फट गई कहींसमा गई इमारतेंनहीं समाया तो गुरूरपापियों का..अब बस आगे नहीं लिख सकतीआइए रचनाएँ देखें...मौन अर्ध्य .....सोचती हू्ँ...अच्छा हो किमैं अपनी स्नेहसिक्तअनछुई कल...
 पोस्ट लेवल : 125
सादर अभिवादनहिन्दी महीने की 10 तारीखयानी पितृ-पक्ष के पाँच दिन औरक्या पितर आते हैं भोजन करनेपौराणिक मान्यताएं हैंनिभा लेते हैं कुछ साल औरफिर नई पीढ़ी क्या करेगीये ढकोसले..बहरहाल चलें रचनाओं की ओर...वर्ण पिरामिड ...अभिलाषा चौहानहैजंगजिंदगीदुखदायीस्वार्थों से बंधीविव...
 पोस्ट लेवल : 124
स्नेहाभिवादन !'सांध्य दैनिक मुखरित मौन" में  आप सभी रचनाकारों और पाठकों का हार्दिक स्वागत !कल का दिन ब्लॉग जगत और फेसबुक पर बेटियों को समर्पित था । अच्छा लगा बेटियों तक संदेश पहुँच रहा है कि असीम स्नेह और सम्मान पर उनका मौलिक हक है ।आज स्मृति शेष श्री रामधारी...
 पोस्ट लेवल : 123
सादर अभिवादनकुछ विचार जो हमकभी नहीं विचार करते..लेकिन विचार करना चाहिए“आत्मविश्वास“ रावण का-सा नहीं होना चाहिए जो समझता था कि मेरी बराबरी का कोई है ही नहीं। “आत्मविश्वास“ होना चाहिए विभीषण-जैसा, प्रह्लाद-जैसा।”ल्लो करलो बातमै...
 पोस्ट लेवल : 122