ब्लॉगसेतु

बाबुल की दुआएँ लेता जा, जा तुझको सुखी संसार मिलेभारत की फिर न याद आए, तुझको सटीक उपचार मिलेछूने से तुम जिस्मों से आते, कोरोना तुम कहलाते।विश्व है बहुत परेशान, महामारी तुम पुकारे जाते।बहुत हुआ आतंक तुम्हारा, तुझे डॉक्टर का सफल प्यार मिले।बाबुल की दुआएँ लेता...
मेरी प्रिय हंता,            ढेर सारा प्यार, मुझे मालूम है तुम नाराज होगी , पर मैं क्या करता? मजबूरी थी बहुत दिनों से कई देशों में एक साथ सुर्खियों में होने के वजह से टाइम का बहुत अभाव रहा। लेकिन पता आज टीवी से लेकर सोशल मीडिया के साथ स...
 पोस्ट लेवल : letter
Dear Success ,                  जंहा तुम होती वँहा जिंदगी खुशियों के अनेकानेक रंगों से रँगी होती है इसलिए देर सवेर ही सही रंगों के पर्व होली की सहृदय शुभकामनाएं....            वैसे तो तुम हर...
शौक ही जब लक्ष्य पर बन जाए और वाणी की देवी सरस्वती की विशेष कृपा हो जाए तो सफलता की मुक्कमल मंजिल खुद वा खुद कदम चूम लेती है। ऐसी ही कुछ कहानी है नवाबों के शहर लखनऊ में रहने वाली नबाबी गर्ल शिवानी सिंह चौहान का...खूबसूरत तन के साथ खबसूरत मन की मधुर आवाज रखने वाली उ...
 पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज  दुनिया को अलविदा कह गई भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 में अंबाला में हुआ था राजनीति में आने से पहले सुषमा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के पद पर काम करते हैं साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी के द्व...
जब नए शिक्षण संस्थान में दाखिला लेने के बाद नए माहौल में नए टीचर के साथ-साथ नए सीनियर भी मिलते है तो सीनियर कैसे होगें? ये सवाल जहन में ठीक उसी प्रकार कौंधता है जिस प्रकार आसमान में बिजली। और मैं तो जब शिक्षा के लिए पलायन कर शहर की हवाओं से रूबरू हुआ तब तक तो जूनिय...
स्वाभाविक सी बात है कि सीनियर का नाम सुन मन में रैगिंग का डर अपना ख्याल ला देता है लेकिन ये जरूरी नहीं कि हर सीनियर रैगिंग ही लेता हो, कुछ सीनियर ऐसे भी होते जो सोचने पर मजबूर कर देते। यूजी तक तो जूनियर सीनियर की परिभाषा से एकदम अनजान था बस रैगिंग के बारे में दीवार...
घड़ी की सुई से कदमताल मिलकर निरन्तर चलने वाला वक्त अपने साथ बदलाव को भी सृजित करता चला जाता है जो वर्तमान पर आधुनिकता की पोशाक लिपेट कर भाविष्य को संभावनाओं में लपेट कर अतीत को इतिहास में समेट जाता है। इस बदलाव की चपेट में कुछ ऐसी भी चीजें आ जाती है जिन पर हमें गर्व...
जी हम बात कर रहे है उस समाज की जिस समाज के हिस्सा आप भी है, उस समाज की जहॉ स्त्री को तो खुलकर रोने की आजादी है लेकिन पुरूषों को नहीं, हम बात कर रहे उस सामज की जिसके मुॅह में तो सामानता के बड़े-बड़े भाषण है मगर बगल में वही पुरानी सोच। सब छोड़िये हम बात कर रहे पुरूष प्र...