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देवेन्द्र सिंह जी - लेखक पशन्ना आदि शिवराम तातिया के इतने सैनिकों का मुकाबला नही कर सकते थे। शिवराम तातिया ने इन अंग्रेजों से कहा वे बिठूर के नाना पेशवा धुधु पन्त के प्रति वफादार है और उनको पेशवा का आदेश है कि अंग्रेजों को कैद करके कानपुर लाया जाय। ग्रिफिथ, पस...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक 17 जून 1857 को जालौन से भागने पर जालौन-ग्वालियर रोड पर पशन्ना और ग्रिफिथ को 53वीं नेटिव इन्फेंट्री की वह टुकड़ी मिली जो जालौन से खजाना लेकर ग्वालियर भेजी गई थी। यह टुकड़ी लौट रही थी मगर अब यह अंग्रेजों से बहुत नाराज थी। इसका कारण यह था क...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक 16 जून को दिन में झाँसी के क्रांतिकारी सैनिकों का मुख्य दस्ता, 14वीं इररेगुलर घुड़सवार दस्ता कानपुर जाने के लिए रिसालेदार काले खां के साथ उरई पहुंचा। पहले ही लिखा जा चुका है कि इस दल का अग्रिम दस्ता तो 15 को उरई आ गया था परन्तु लूटखसोट...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक केशवराव ने ब्राउन के पत्र को कोई महत्व नहीं दिया और जिले का प्रशासन संभाल कर अपने आदमियों को नियुक्त करना शुरू कर दिया। केशवराव तो शुरू से ही जालौन का राज प्राप्त करना चाहता था। जब जालौन राज की गोद का मामला 1840में आया मगर अंग्रेजों ने...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक झाँसी में सब अंग्रेजों के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद अब वहाँ सहायता भेजने का कोई औचित्य नहीं रह गया था अत: ब्रॉउन ने कोसर्ट को उरई लौटने का संदेश भेजा क्योंकि उरई में भी विद्रोह के लक्षण दिखने लगे थे। सैनिक, कस्टम कर्मचारी और पुलि...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक वर्ष 1857 में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध जो विस्फोट हुआ उसकी तपन को जालौन में भी महसूस किया गया। मंगल पांडे की शहादत और उसके बाद मेरठ में 10 मई को जो कुछ हुआ उसके बाद भी तुरन्त जालौन से लगे जिलों कानपुर और झाँसी में इ...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक जालौन में १८५७ की क्रांति के कारण मेजनी ने कहा है कि स्वतन्त्रता प्रत्येक का निसर्गदत्त अधिकार है अत: इस निसर्गदत्त अधिकार का अपहरण करने वाले प्रत्येक अत्याचारी का उच्छेदन करना भी निसर्गदत्त कर्तव्य है। 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम के प...
1853 तक यहाँ पर अंग्रेजों ने अपने पैर मजबूती से जमा कर जब जिले का गठन कर लिया तब उनके सामने यह प्रश्न आया कि जालौन की देशी रियासतों के साथ किस प्रकार का संबंध रखा जाय। जिले का बन्दोबस्त करने में इन राज्यों के गांवों को भी लिया जाय या छोड़ दिया जाय। कानून इनके यहाँ प...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक पिछली पोस्ट में मैंने कहा था कि जालौन के डिप्टी कमिश्नर ह्वाइट साहब ने भी जालौन के मेमोयर्स लिखे थे और उनको अपनी बन्दोबस्त रिपोर्ट में शामिल किया था। उसको मैं पोस्ट कर रहा हूँ लेकिन दो शब्द इनके बारे में भी सुन लीजिए। जिले के लोगों ने...
देवेन्द्र सिंह जी - लेखक इर्श्किन के कार्यकाल में जालौन में बहुत से ऐसे कार्य हुए जो यहाँ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। संक्षेप में उनका विवरण देखें। अभी तक सरकारी खजाने में जो टैक्स जमा होता था वह देशी सिक्कों में होता था। इर्श्किन ने आदेश किये कि...