ब्लॉगसेतु

महात्मा गांधी के आदर्शों एवं विचारधारा से प्रेरणा प्राप्त स्व. के. वासुदेवन पिल्लै ने 1934 में केरल हिन्दी प्रचार सभा की स्थापना की। वर्तमान में इसके मंत्री हैं अधिवक्ता मधु बी.। इस समय यह सभा मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्थापित अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ,...
 पोस्ट लेवल : विशेष
धर्मशाला (हि प्र)। 'अनहद कृति' ई-पत्रिका के 21 से 23 फरवरी तक धर्मशाला में हुए में हुए वार्षिकोत्सव 'सहित्याश्रय-2020 'में  देश के विभिन्न राज्यों, विदेश तथा हिमाचल के कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर, मण्डी, शाहपुर, पदरा, ज्वालाजमुखी, नेरटी, रक्कड़,सिद्धवाड़ी के सा...
चित्र गूगल सर्च इंजन से साभार(एक)आत्मा आहत हुई तो शब्द बाग़ी हो गयेकहते कहते हम ग़ज़ल दुष्यंत त्यागी हो गये है सियासत कोठरी काजल की, रखना एहतियातअच्छे-अच्छे लोग इसमें जा के दाग़ी हो गयेगेह-त्यागन और ये सन्यास धारण सब फ़रेबज़िन्दगी से हारने वाले विरागी हो गयेगालियाँ...
 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल
                        यूँ तो इन्द्रधनुष सात रंगों का होता है, पर किसी भी ज़िंदगी में सिर्फ इतने ही रंग नहीं होते…। जीवन के अलग अलग रंगों को अपनी तेरह कहानियों में पिरो कर श्री हरभजन सिंह मेहरोत्...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा
चित्र गूगल सर्च इंजन से साभारमेरी कविता के बारे मेंमेरे पास सवारी करने के लिएचाँदी की काठी वाला अश्व न थारहने के लिए कोई पैतृक निवास न थान धन दौलत थी और न ही अचल सम्पत्तिएक प्याला शहद ही था जो मेरा अपना थाएक प्याला शहदजो आग की तरह सुर्ख़ था !मेरा शहद ही मेरे लिए सब...
 पोस्ट लेवल : कविता
मेरे हसीन बचपन में कोई नयापन नहीं आता..‘कंगाल होता जनतंत्र’ अनिल कुमार शर्मा का पहला काव्य संग्रह है. यह संग्रह पिछले दो दशकों के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र का एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसने न सिर्फ लेखक की चेतना का ही निर्माण किया बल्कि आम जनमानस की...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा
चित्र गूगल सर्च इंजन से साभारज़िन्दा रहे तो हमको..ज़िन्दा रहे तो हमको क़लन्दर कहा गयासूली पे चढ़ गये तो पयम्बर कहा गयाऐसा हमारे दौर में अक्सर कहा गयापत्थर को मोम, मोम को पत्थर कहा गयाखुद अपनी पीठ ठोंक ली कुछ मिल गया अगरजब कुछ नहीं मिला तो मुक़द्दर कहा गयावैसे तो ये भी आ...
 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल
                     बहुज्ञ, बहुपठ, बहुश्रुत और निरंतर अध्यवसायपूर्वक शोधदृष्टि से काम करनेवाले अवधेश कुमार सिन्हा (9 सितंबर, 1950) की पुस्तक “प्राचीन भारत में खेल-कूद (स्वरूप एवं महत्व)” (2018, हैदराबाद : मिलि...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक चर्चा
चित्र गूगल सर्च इंजन से साभारजोड़-तोड़ है मुई सियासत (नवगीत)मेरा गलतसही है मानो।अपना सहीगलत अनुमानो।सत्ता पाकर, कर लफ्फाजी-काम न हो तोमत पहचानो।मैं शत गुना खर्च कर पाऊँइसीलिए तुमकरो किफायतमैं दो दूनीतीन कहूँ तोतुम दो दूनीपाँच बताना।मैं तुमकोझूठा बोलूँगातु...
 पोस्ट लेवल : नवगीत
‘संपादकीयम्’ पुस्तक में संकलित  और ‘डेली हिंदी मिलाप’ में पूर्व प्रकाशित विभिन्न  सामयिक विषयों पर  डॉ. ऋषभदेव शर्मा द्वारा लिखे गए ‘संपादकीय’  हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में पदार्पण करने के इच्छुक और अनुभवी दोनों प्रकार के पत्रकारों के लिए सम...
 पोस्ट लेवल : पुस्तक समीक्षा