ब्लॉगसेतु

 मेरी खिड़की से उतरती हैंमेरे फर्श पर छा जाती हैंएक किरण रोज़मेरे अँधेरे खा जाती हैं....आसमान जब बाहे फैलता हैंघना बादल जब आँखे दिखता हैंदेखती हैं ओटो के बीच सेकोई बच्चा देखे जो आँखे मीच के,कभी अलसाये तो लाल हो,चाँदनी गालो पे जब गुलाल हो,ख़ामोश हो तो नीली हैं,शाम...
ऐसे ना थे नसीब की ज़िंदगी सवर जाती,यू न उजड़ती तो किसी और तरह उजड़ जाती..ख़ून के से खूट पी ता रहा उम्र भर,तू जो मुझे ज़ी लेती थोड़ा,तो मर जाती,बादल,पँछी,फूल,फ़िज़ाये और मुस्कान तेरी,बहार मेरे गाँव ना आती तो किधर जाती,भूख़ से बिलखते रहे बच्चे रात भर,दो दाने मिल जाते तो मज़बूर...
दुश्मन अभी रात के भुलावे में है,ये सूरज अभी बादलों के साये में हैं,ग्रहण की रोशनी तुम्हे अन्धा बना देगी,ज़िन्दगी का जोड़ अभी घटाये में हैं,ये तहज़ीब हैं जिसे कमज़ोरी समझते हो,मेरा ज़मीर मेरे सब्र के संभाले में हैं,मंत्री जी और साहब जोड़ तोड़ करते रहे,कितनी देर और सुबह के...
बस के ये एक दर्द दिलपे दुशवार सा हैं कोईमेरे ही हालात ए हाल से बेज़ार  सा हैं कोईअपना सा लगता हैं कोई  जब चोट खाता हैपोसीदा सी वजहों में मेरा किरदार सा हैं कोई,रोज रोज की तकरारो में रब्त रिस जायेंगे,सर्द रातों में खाँसता हुआ बीमार सा है कोईसारे दर्द सारे श...
घिर गए बद्रा और फुहार रिमझिमायी हैं,यार परदेश ने हवाओं संग चिट्ठी भेजवायीं हैं,बटोही ख़ुद मय सफ़र दम तोड़ दियेसौ बरस की दूरी तूने क्यो खिंचवाई हैंटोहत जिया,अखियां छलक दरिया भईबैरन असुयो रंग काजल उतार लायी हैंदेर भई सँध्या शर्म को लाल हुई,साझ ढले जालिम ने कुंडी दी लगाई...
तुम्हारे  सितम से डर जाऊ तो बता देना, जिंदा रहो तुम और मैं ही मर जाऊ तो बता देनाचुप हूँ मगर कभी फट भी सकता हूँतुम्हारे पाप का घड़ा हूँ भर जाऊ तो बता देनालब हिले इबादत को और तेरा नाम आये,इश्क़ में इस कदर निखर जाऊ तो बता देना,मैं ईमानदारी और भाईचारे का बुखार...
तुम दूर हो या पास होमेरे दिल में एक ख़ुशनुमा एहसास हो...सवाल हो ख़्याल हो,मेरी खामोशी हो मेरा राज हो,मैं तुम्हारा गीत हूँ तुम मेरी आवाज हो,हर सुबह का रंग हो,मेरी सब शाम की उमंग होहर वक़्त तुम मेरे संग होमेरे दुःख में,मेरे दर्द में,ज़िन्दगी की हर गर्त मैं हौसला हो...
माना उदास शाम हैं मगर घबराओ नही,फिर सूरज निकलेगा,अंधेरो को गले लगाओ नही,ये बुजदिलो और अंधो की भीड़ हैं जो हावी हैं,तुम्हें ही बोलेंगे,इनको आईना दिखाओ नही,दिन जब ध्याड़ी हो,लॉकडाउन आनंद विहार हैंटीवी में बैठकर हालात का अंदाज़ा लगाओ नही,शहर की समझदारी,मासूमियत छीन लेगी,...
एहसास की पूजा जज्बात की माला हो,मन मंदिर में स्थापित,साधना का शिवाला हो,..प्रेम लगन में पागल मैं बेसुध गोपी सी,तुम निष्ठर चंचल नटखट नंदलाला हो,सर्द गहरी रातो का तन्हा मुसाफ़िर सा,अलाव तपते हाथो का तुम सहारा हो,राह मेरी काली,जीवन घनघोर अंधेरा हैं,सीने मैं छुपा रखा एक...
दर्द ने किस कदर इंतेहा की हैं,हमने तुमसे कोई शिकायत कहां की हैं,जिस तरह हमने हज़ार मिन्नते कीतुमने वैसे अभी इल्तेज़ा कहा की हैंबैठ कर वही घण्टो खुदको ढूंढा हैंतेरे बाद भी इश्क़ की हर रेशम अदा की हैंजब भी एक कतरा नमी तेरी आंखों में देखी हमने अपने दिल की हर आरज़ू दबा दी...