ब्लॉगसेतु

चट्टाने टूट जाती हैं समुन्दर डूब जाते हैंकभी-कभी वो भी हमसे तबियत पूछ जाते हैं,बहुत दिनों बाद गाँव आया तो एहसास हुआ,झुर्रियों में सब शिक़वे शिकायत छुप जाते हैंबिजलियों की सजिश या बादलो की शरारत हैं,मेरे पुश्तें  भरी बारिशो में ही टूट जाते हैं,मैं सदियों ख़्वाहिश...
मेरी इस प्यास की कही तो ताब होगीं,एक चिंगारी की कही आग होगीं,मेरी हर बूँद में,इश्क़ का समुन्दर हैं,प्यासा रख कर,तू भी कहाँ आबाद होगीं,मत करो फ़ोन बारहां नंबर बदल-बदल के,हमको-तुमको तकलीफें बेहिसाब होगीं,खामोश देखता हूँ मैं तेरी बदगुमानिया,कभी तो हद से पार मेरी बर्दास्...
दर्द में डूब के भी ख़िलाफ़त ना हुयी,ना हुयीं हमें तुमसे शिकायत ना हुयीं..रब्त उसके ने हज़ार बंदिशो पे मज़बूर कियाइतनी शर्तों पे हमसे मोहब्बत ना हुयीं,हज़ार फ़ोन करो,लाख़ इल्तेज़ा, कऱोड नख़रे,गोया कभी इतनी मेरी जान को आफ़त ना हुयीं,देश परदेश में,तेरी उम्मीद पर मैं टिका रहा,एक...
वक़्त बे वक़्त हर बात पें निकल आये आँसू,तेरे जाने के बाद कितना काम आए आसूँएक हम थे जो ख़ामोश ज़हर पी  गयें,तुमने जा-जा के लोगो को दिखायें आँसू,सारी दुनियादारी जो शाम के अंधेरे में भूल गयें,उन गुस्ताखियों ने कितने आँख रुलाये आँसू,आँखे सुख़ गयी,रोशनी भी जाती रही,तुम...
ठंडी-ठंडी जब हवा चली ,तेज़ धुप में छा गयी बदली ,तो लगा तुम आ गये ........जब बादल हमे भिगाने लगे ,रंग बिरंगी तितलिया उड़ी ,भवरे गुनगुनाने लगे ,तो लगा तुम आ गये ........शामे जब जवान होने लगी,धड़कने बे एख्तेयार ,ऑंखे परेशान होने लगी ,खुशनुमा सहर ने जब रौशनी बिखराई ,मुं...
कागज़ के उन टुकडो को दिल से लगा रखा हैं ,तेरे हरेक लब्ज़ को जिंदगी बना रखा हैं ,वो ख़त जो तुमने मेरे नाम किये .....दौरे तन्हाई में वो साथ चलते हैं ,मेरी थकानो में छाँव धरते  हैं ,सारे जहां में चाहे खिज़ा छाये वो फूल मेरे सिराहने महकते हैं .उस एक आग को ख़ुदमे मे...
फ़िज़ूल की बातों में सर अपना खपाते क्यो हो,उलझने किसको नही इतना जताते क्यो हो,गुमनामी के अंधेरो में खो जायूँगा कभी राख़ बनकर,इतनी शिद्दत से मेरा नाम अपने साथ लिखवाते क्यो हो,मुश्किल हैं मेरे साथ रहना मग़रूर बेकार हूँ मैं,फिर नंम्बर बदल फोन की घण्टियाँ बजाते क्यो हो,यहा...
मुझ पर जाने कौन सी बेक़रारी रही,खुदकी खुद से एक जंग सी जारी रही,तुमने कई बार मुझकों ठुकरा दिया,एक उम्मीद तेरे इंतज़ार में क्यो ठाड़ी रही,मेरे घर मे रौनको का बसेरा रहा,बेटियां मेरी आँगन की दुलारी रही,सिर्फ औरो की चोरियो पे आवाज़ उठाते हैं,बस इतनी बाकी हममें वफ़ादारी रही,...
देर रात तक नुमाईश में प्रोग्राम जारी रहा,जनता मफ़लर,पंखी में सिमटती रही,नेताजी को सिगड़ी का पुख्ता इंतेज़ाम जारी रहा,लोग स्टार नाईट को तरसते रहे देर तक,उनका चुनावी पैगाम जारी रहा,मौत का कुँआ हो या नटनी का बैलेंस,भूख़ के वास्ते ज़िन्दगी का डांस जारी रहा,कौनसी गली में किस...
हम मोहब्बत करे वो दिल्लगी किया करे ,किसी के साथ ऐसा भी ना खुदा करे .....हर बार के जवाब में दिल तोड़ रहे हो ,मर ही ना जायें तो अब, क्या ख़त में लिखा करे....पास आकर जाना हम कितने दूर हो गये ,गोया इश्क में जरा-जरा फासले रखा  करे ...आज की रात सितारे मेरे कदमो में ह...