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आपको पता ही होगा दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी। वह 1911 का साल था। जब ब्रिटिश शासन ने राजधानी को कोलकाता से दिल्ली लाने की योजना बनाई। इस मौके पर भव्य दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया। पर यह दिल्ली दरबार कहां हुआ था। इसका जवाब है कोरोनेशन पार्क। यह कोरोनेशन पार्क कहा...
 पोस्ट लेवल : DELHI
देश के कई हिस्सों में मंदिर के नाम पर झगड़े होते हैं। दो धर्मों के लोग लड़ते हैं। राम जन्मभूमि और बाबरी मसजिद का विवाद तो सैकड़ों सालों से चलता आ रहा है। पर बरेली की पहचान एक ऐसे मंदिर से है जो सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। शहर में एक ऐसा मंदिर है जिसे एक मुस्ल...
 पोस्ट लेवल : TEMPLE UTTAR PRADESH
हेलियोडोरस स्तंभ देखने के बाद विदिशा शहर में पहुंच गया हूं। आटोरिक्शा ने हमें विदिशा शहर के उत्तरी छोर पर उतार दिया है। यहां पर मेला लगा हुआ है। मैं पैदल चलता हुआ शहर को देखता हुआ आगे बढ़ रहा हूं।कुशवाहा धर्मशाला से थोड़ा आगे चलने पर मैंने एक दुकानदार से पूछा कि मु...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
उदयगिरी से हमलोग विदिशा की राह पर हैं। पर हमारी उत्सुकता पहले हेलियोडोरस स्तंभ देखने की है। खास तौर पर विदिशा का रहा हमने इसी स्तंभ को देखने के लिए पकड़ी है। तो हमारा आटो रिक्शा विदिशा शहर में नहीं प्रवेश करता है। दरअसल यह स्तंभ विदिशा शहर से चार किलोमीटर बाहर स्थि...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
सांची से अब उदयगिरी की गुफाओं की ओर। एक उदयगिरी ओडिशा में है तो दूसरा मध्य प्रदेश में विदिशा के पास। इस बार उदयगिरी की गुफाओं को देखना हमारी सूची में है। उदयगिरी सांची से नौ किलोमीटर की दूरी पर है। यह विदिशा शहर से पांच किलोमीटर की दूरी पर है। सांची से उदयगिरी जाने...
 पोस्ट लेवल : TEMPLE MADHYA PRADESH
भोपाल में दूसरी बार सांची के लिए चल पड़ा हूं। सन 1995 में सांची यात्रा की यादें धुंधली हो गई हैं। तो सांची जाने का मतलब उन यादों को एक बार फिर ताजा करना है। सांची यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शुमार है। एक ऐसा बौद्ध स्थल है जहां बार बार आने की इच्छा होती है।...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA MADHYA PRADESH WORLD HERITAGE SITE
भोपाल में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के सत्र में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जब आवासीय व्यवस्था की बात आई तो हमारी पर्ची पर लिखा था सीएपीटी भोपाल। ये सीएपीटी कहां है। जवाब मिला- आपको बस लेकर जाएगी। थोड़ी देर बाद आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के गेट से एक बस लेकर हमलोगों को चल...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
फरवरी 2019 में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का आयोजन स्थल बना है भोपाल का आरसीवीपी नरोन्हा एकेडमी। यह मध्य प्रदेश सरकार की प्रशासनिक अकादमी है। यहां पर एमपी पीसीएस के लोग प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। फरवरी 2019 में तीन का आयोजन इसी अकादमी के शानदार परिसर में है। पहले दि...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
जनवरी के बाद फरवरी में एक बार फिर भोपाल जाना हुआ। इस बार इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का सम्मेलन भोपाल में हो रहा है। एक बार फिर शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस। सुबह सुबह हमलोग हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर हैं। दिल्ली से कई इतिहासकार हमारे साथ इस ट्रेन से उतरे हैं। इसमें दिल्ली विश्...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH
इस्लामनगर से निकलने के बाद मैं भोपाल के ज्योति सिनेमा के पास पहुंच गया हूं। यह भोपाल शहर का प्रमुख मार्केटिंग क्षेत्र है। इसके आसपास कई प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तर हैं। साथ ही आसपास में अच्छा खासा बाजार है। मुझे यहां अपने पुराने साथी और भोपाल समाचार के संचालक उपद...
 पोस्ट लेवल : MADHYA PRADESH