ब्लॉगसेतु

तुम चुप क्यों हो कारण क्या है गुमसुम क्यों हो  कारण क्या है ?जलते देख रहे हो तुम भी प्रश्नव्यवस्था के परवत परक्यों कर तापस वेश बना के, जा बैठै बरगद के तट पर   हां मंथन का अवसर है ये  स्थिर क्यों हो कारण क्या है ?अस्ताचल ने भोर प्रसू...
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस  पर विशेष आलेख आज भी दिव्यांगों के लिए केवल संवेदन शीलता का भाव तो देखता हूँ परन्तु जब कभी प्रथम पंक्ति में खड़े होने की बात होती है अधिकांश नाक भौं सिकोड़ते  नजर आते हैं इसके मैंने कई उदाहरण देखें हैं भुक्तभोगी भी रहा ह...
 जब एक आंदोलन कर्ता के मुंह से ये सुना कि-"हमने इंदिरा ठोंकी मोदी को भी ठोकेंगे..!" सुनकर शॉक्ड हूँ । सोच रहा हूँ ये सब क्यों है..? ये सब इसलिए क्योंकि आंदोलन का आधार किसान तो बिलकुल नहीं है । इधर हमारे शहर के श्री देवेन्द्र जी सुरजन एक अलग रुख दे रहे हैं...
जबलपुर में बनी फ़िल्म #प्रिया अवश्य देखिये । यह फ़िल्म रिया सुशांत मामले की क्षण-कथा है । कथा अभी जारी है... कथानक में और गुंजाइश है । निर्माताओं  को चाहिए कि इसे सीरीज़ में पेश किया जाए । अभिनय के संदर्भ में कहूँ तो शॉर्ट फिल्म के अभिनेत्रियों अभिनेताओं की योग्य...
बाइडन के कारण  भारत के संदर्भ में अमेरिकी नहीं बदलेंगी !   जो बाइडन डेमोक्रेट उम्मीदवार हैं और लगभग राष्ट्रपति बन ही गए हैं । भारत के विद्यार्थियों एवम विचारकों में बहुत से सवाल हैं जैसे कि- जो के आने के बाद अमेरिकी विदेश नीति में कौन...
( ये है मासूम सा नज़र आने वाला पोलपॉट जो ईदी अमीन, हिटलर, मुसोलिनी,  के बाद 1975 से 1979 तक का सबसे क्रूर शासक रहा । जिसने क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर दीं थी । विश्व के वामपंथी इतिहास का काला अध्याय इसी राक्षस ने लिखा था । )बख्तावर खिलजी से लेकर तालिब...
*शब्द भाव एवम उनका संयोजन अगर चेतना में सरपट हो कर स्थापित हो जाए उसे कविता और कवि की सफलता कहने में कोई गुरेज़ नहीं । ताला विवेक भाई की ऐसी ही कविता है ।*लिंक पर एक चटका लगाइए और चैनल को सब्सक्राइब भी कीजिए आभार *गिरीश बिल्लोरे मुकुल*https://youtu.be/QM7q...
राम धई.. बिस्वास न करहौ हमें ₹ 872,871.3 को घाट या लग  गओ बड्डे2009 में इसके बिटक्वाइन के विज्ञापनों को सिर्फ इस लिए ब्लॉक कर दिया कि वे एक क्वाइन के बदले ₹100  मांग रहे थे । जान न पहचान विज्ञापन के ज़रिए मेलबॉक्स में खड़े मेहमान ... एक दिन स्पैमर रिपोर्ट क...
 पोस्ट लेवल : बिटक्वाइन
लाॅक डाउन - भाग - ९आज लाॅक डाउन को काफी दिन हो गए है निश्चित तौर पर हमारी उम्र के लोगों ने ऐसी परिस्थितियां और ऐसे हालात जीवन में पहली बार देखें हैं तो जाहिर है कि हम इस तरह की परिस्थितियों और हालात का सामना करने के लिए ना तैयार है और ना ही आदि है!शुरुआती दिनों में...