ब्लॉगसेतु

अवध में गांवों के उजड़ने व बसने का सिलसिला करीब-करीब उसके इतिहास जितना ही लंबा है। इस लिहाज से वहां आज भी गांवों का मोटे तौर पर दो श्रेणियों में विभाजन किया जाता है। इनमें पहली श्रेणी चिरागी गांवों की है और दूसरी गैरचिरागी गांवों की। चिरागी श्रेणी में ऐसे गांव आते ह...
 पोस्ट लेवल : अवध महुआडाबर 10 जून 1857
  बटुकेश्वर दत्त: एक क्रांतिकारी की दर्दनाक कहानी, जिन्हें आजाद भारत में न नौकरी मिली न ईलाज!NOVEMBER 18, 2019, 11:42 AM ISTBatukeshwar Dutt Birth Anniversary: देश की आजादी के लिए कालापानी सहित करीब 15 साल तक जेल की सजा काटने वाले क्रांतिकारी बटुकेश्...
Manish SinghSeptember 26 at 5:20 PM दो ध्रुवीय विश्व हमारी पीढ़ी ने देखा है। हमारी सरकारों को कभी रूस और कभी अमरीका की कृपा के लिए जतन करते देखा है। पर एक वक्त था, जब इनके बीच गुटनिरपेक्ष देश तीसरा ध्रुव थे, भारत इनका अगुआ था, और नेहरू इसका चेहरा।उस जमाने मे हम...
    ~विजय राजबली माथुर ©
वसुंधरा फाउंडेशन के तत्वाधान में गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर दिनांक 01 अक्तूबर 2019 की साँय राष्ट्रीय पुस्तक मेला सभागार, मोतीमहल, लखनऊ   में   एक विचार गोष्ठी "सुराज,स्वदेशी और महात्मा गांधी'' विषय पर राम किशोर जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हु...
 http://epaper.navbharattimes.com/details/63237-77176-1.htmlअजेय कुमारकश्मीर समस्या के लिए क्या नेहरू जिम्मेदार ? शेख अब्दुल्ला पर जब महाराजा ने राजद्रोह का मुकदमा चलाया तो उनकी ओर से लड़ने के लिए बतौर वकील जवाहरलाल नेहरू कश्मीर गएअगर महाराजा हरि सिंह ने ढ...
Santosh Kumar Jha28-09-2019 Manish singhहर सितारे का एक वक्त होता है। उसके बनने का, चमकने का और धूमिल हो जाने का भी..। नेपोलियन के लिए वाटरलू, हिटलर के लिए ईस्टर्न फ्रंट और नेहरू के लिए चीन..15 अगस्त 1947 में आजाद भारत की सीमाएं, ब्रिटिश भारत से विरासत में मिल...
Hemant Kumar Jha24-09-2019 डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार को नाओम चोम्स्की ने "अमेरिका के लोकतांत्रिक इतिहास की सर्वाधिक मानव द्रोही सरकार" की संज्ञा दी है। जीवित किंवदन्ती बन चुके, अमेरिका में रह रहे वयोवृद्ध विचारक चोम्स्की जब कुछ बोलते हैं तो दुनिया गम्भीरता से उन...
http://epaper.navbharattimes.com/details/60713-77281-2.htmlफैसले के 40 मिनट के अंदर खुल गया था तालाविशुद्ध राजनीतिदास्तानहेमंत शर्मा, वरिष्ठ पत्रकारक्या आपने कभी सुना है कि आजाद भारत में किसी अदालत के फैसले का पालन महज 40 मिनट के अंदर हो गया हो।  अयोध्या में 1...
नई दिल्ली: हिंदी पत्रकारिता के लिए गौरव का दिन है. आज फिलीपीन्स की राजधानी मनीला में एनडीटीवी इंडिया के रवीश कुमार को रेमॉन मैगसेसे सम्मान प्रदान किया गया है. उनको सम्मान देने वालों ने माना है कि रवीश कुमार उन लोगों की आवाज़ बनते हैं जिनकी आवाज़ कोई और नहीं सुनता. पि...