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Pankaj Chaturvedi26-01-2021 26 जनवरी जब दल्ली पुलिस कहती है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, इतने लोग लाल किला तक पहुंचे कैसे?चूंकि किसानों की कई सौ किलोमीटर लंबी रैली बाकायदा निकल ही रही थी सो आखिर कौन ऐसा सत्ता का दलाल है जिसकी दम पर इतनी भीड़ लाल किले तक आ...
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 पोस्ट लेवल : पदार्थ विज्ञान
भरत झुनझुनवाला साहब ने आर्थिक आधार पर यू एस ए का साथ देने को भारत के लिए घाटे का सौदा बताया है इसके अतिरिक्त राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐसा करना अदूरदर्शिता ही है। यू एस ए ने रासायनिक हथियारों का झूठा आरोप लगा कर ईराक को नेस्तनाबूद कर दिया अर्थात प्रा...
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कुमुद सिंह · 30-06-2020मनमोहन की गद्दारी देश 100 साल बाद समझेगानेहरू ने जैसे जमींनदारी हस्तानांतरण कर रैयतों को मूर्ख बनाया, वैसे ही मनमोहन ने उपभोक्ता को गदहा बनाया है। नेहरू की बात छोडिये, वो मरे उनकी नीति मरी और वो समाज भी मर चुका है। बात करते हैं मनमो...
  China cash that BJP cannot see(IMRANAHMED SIDDIQUI)(The Telegraph-28 Jun 2020)_____________________________________________New Delhi: Time was when accepting donations from Chinese institutions was as proper and acceptable as sharing space on a swing Ye...
 पोस्ट लेवल : BJP China cash ORF Reliance Industries
Kumud SinghAugust 4, 2015 जातिवाद बिहार की समस्‍या नहीं...समस्‍या तो सहाय जैसे नेता हैं..............................................................................................................बिहार को जातिवाद से मुक्‍त करने की जरुरत नहीं है, क्‍योंकि जाति...
  मंजुल भारद्वाज की कविताओं ने मोड़ा राजनैतिक बहस का रुख !आपदा मनुष्य को एक नयी पहचान देती है। आज की विकट स्थिति ने समाज, मानव प्रकृति और व्यवस्था के असली चेहरे को उजागर किया है, ऐसी स्थिति आमतौर पर हमारे सामने नहीं आती और यह दुनिया के इतिहास में पहली बार...
  Pradeep Sharma03-06-2020 पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर #अमेरिका में चल रहे आन्दोलन और उसके संदर्भ में भारत में #मज़दूरों और मेहनतकश आवाम द्वारा इतना क्रूर हमला होने पर कोई छटपटाहट न होने की #पोस्ट खूब दिख रही है ।यह पोस्ट जायज़ सवाल उठाती हैं लेक...
******लॉकडाउन में हर मदद से दूर छोटे व्यापारी ------ गोपाल अग्रवाललॉकडाउन से पहले खरीदे गए माल के भुगतान के वादे बिक्री ना होने के कारण पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते बैंकों में चेक बाउंस हो रहे हैंअचानक लगे लॉकडाउन में श्रमिकों के ऊपर ही नहीं, देश के कोन...