ब्लॉगसेतु

सराफा बाजार का नाम सुनते ही मन में जो तस्वीर आती है उसमें आंखो में अजब सी चमक लिये महिलाओं की भारी भीड़ जो ज्वैलर्स की दुकानों में हिरनी की तरह कस्तूरी तलाशती रहती हैं, ये अलग विषय है कि जिस तरह हिरनी कस्तूरी के लिये भटकती रहती है वैसे ही ये भी हर खरीदारी के कुछ दि...
भले ही स्वंतत्र भारत में संविधान लागू 26 जनवरी 1950 को हुआ हो पर आज की ही तारीख में 26 नंवबर 1949 को संविधान स्वीकार किया गया था। वैसे तो संविधान का निर्माण मुख्य रूप से सात सदस्यों वाली ड्राफ्टिंग कमेटी ने किया था जिसमें अलादी कृष्णस्वामी, एन गोपाला स्वामी, भीमराव...
साल 2001 में शाहरुख खान और करीना कपूर की एक फिल्म आयी थी, अशोका। भारत के सबसे सफल राजाओं में शुमार अशोक पर फिल्म कर शाहरुख अपने आप को अच्छे अभिनेता की श्रेणी में लाना चाहते थे। बाकी अपने दौर के सबसे सफल स्टार तो वो थे ही। खैर अच्छी खासी फिल्म बनने के बावजूद अशोका ब...
विन्ध्यवासिनी मतलब जो विन्ध्य में रहती हो अर्थात जिसका निवास विन्ध्य में हो। लोकोक्ति के अनुसार सती के मृत शरीर को लेकर जब भगवान शंकर उद्वेलित भाव में विचरण कर रहे थे तो जहाँ जहाँ सती के अंग गिरे वो इक्यावन स्थान देवी के शक्तिपीठ के रूप में पूजित हुये। फिर सवाल उठत...
विन्ध्यवासिनी मतलब जो विन्ध्य में रहती हो अर्थात जिसका निवास विन्ध्य में हो। लोकोक्ति के अनुसार सती के मृत शरीर को लेकर जब भगवान शंकर उद्वेलित भाव में विचरण कर रहे थे तो जहाँ जहाँ सती के अंग गिरे वो इक्यावन स्थान देवी के शक्तिपीठ के रूप में पूजित हुये। फिर सवाल उठत...
पता नहीं आजकल स्कूलों में बंद कमरों में ही पड़ाई क्यों कराई जाती है?? शायद अपनी मंहगी फीस को सही ठहराने के लिये प्राइवेट स्कूलों को ये करना जरूरी जान पड़ता हो, पर सरकारी स्कूलों के साथ ऐसी कौन सी बाध्यता है। अधिक बारिश वाले दिनों में वैसे भी स्कूलों में रेनी डे के...
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और सांस न ले सकने वाली हवा की चर्चा लगभग हर दो चार महीने में देशभर में टीवी पेपर से लेकर आम जनता के बीच हो ही जाती है, विशेष रूप से सर्दियों के समय हरियाणा के किसानों द्धारा खेतों में पुवाल जलाने के चलते दिल्ली हरियाणा सरकार में वार्षि...
बात 1920 की है मारवाड़ राज्य में लगातार तीन साल इंद्र देव ने अपनी वक्र दृष्टि बनाये रखी, वैसे भी मारवाड़ राज्य का बड़ा हिस्सा रेगिस्तान था, सो लगातार तीन साल के सूखे की वजह से क्षेत्र में भंयकर अकाल फैल गया। अकाल के काल से त्राहि त्राहि कर रही जनता ने इससे उबरने के...
को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ। कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ।अस तीरथपति देखि सुहावा।सुख सागर रघुबर सुखु पावा।कहि सिय लखनहि सखहि सुनाई।श्री मुख तीरथराज बड़ाई।करि प्रनामु देखत बन बागा।कहत महातम अति अनुरागा।यह सुधि पाइ प्रयाग निवासी।बटु तापस मुनि सिद्ध उदासी।भरद्वाज आश्रम सब...
 कोरबा की सतरंगा झील जैसी खूबसूरत जगह देखने के बाद मैं और विनय वहाँ से अगली खूबसूरत जगह देखने निकल गये। सतरंगा झील से करीब पंद्रह किलोमीटर के बाद पहाड़ी शुरू हो गयी। पहाड़ी की घुमावदार सड़क और दोनों तरफ दूर तक फैली हरियाली। धूप होने के बावजूद पहाड़ी और हरियाली...