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।। दोहा ।।श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल।।।। चौपाई ।।जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी, दुष्ट दलन लीला अवतारी।जो कोई तुम्हरी लीला गावै, बिन श्रम सकल पदारथ पावै।श्री वसुदेव देवकी माता, प्रकट भये संग हलधर भ्राता।मथुरा सों प्रभु गोकुल आये...
। । दोहा । । विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय । । ॥ चौपाई ॥ नमो विष्णु भगवान् खरारी , कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी , त्रिभुवन फैल रही उजियारी । सुन्दर रूप मनोहर सूरत , सरल...
। । दोहा । । बंशी शोभित कर मधुर , नील जलद तन श्याम । अरुण अधर जनु बिम्ब फल , नयन कमल अभिराम । । पूर्ण इन्द्र अरविन्द मुख , पीताम्बर शुभ साज । जय मनमोहन मदन छवि , कृष्ण चन्द्र महाराज । । ॥ चौपाई ॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन , जय वसुदेव देवक...
॥ दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन , मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम , देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥जय गिरजापति दीनदयाला , सदा करत सन्तन प्रतिपाला । भाल चन्द्रमा सोहत नीके , कानन कुण्डल नागफनी के ।।अंग गौर शिर गंग बहाये , मुण्डमाल तन छार लगाये ।वस्त्र खाल ब...
। । दोहा । । श्री गुरू चरन सरोज रज , निज मनु मुकुर सुधारि । बरनउँ रघुवर विमल जसु , जो दायकु फल चारि । ।बुद्धिहीन तनु जानिके , सुमिरों पवन कुमार । बल बुद्धि विद्या देऊ मोहि , हरहु क्लेश विकार । ।॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुनसागर , जय कपीस तिहुँ ल...
Shree Ram Chalisa | श्री राम चालीसा | श्री रघुवीर भक्त हितकारी , सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ।निशि दिन ध्यान धेरै जो कोई , ता सम भक्त और नहिं होई ।। ध्यान धरे शिवजी मन माहीं , ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं ।जय जय जय रघुनाथ कृपाला , सदा करो सन्तन प्रतिपाला ।...
 Shree Ganesh Chalisa | श्री गणेश चालीसाजय गणपति सदगुण सदन , करि वर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण , जय जय गिरिजालाल । । || चौपाई || जय जय जय गणपति गणराजू , मंगल भरण करण शुभ काजू । जय गजबदन सदन सुखदाता , विश्वविनायक बुद्धि विधाता ।।वक्...
 दिल्ली मेट्रो एक ऐसा माध्यम है यातायात का जो बीते कुछ वर्षो से काफी मददगार साबित हुआ है दिल्ली और उसके निकटवर्ती क्षेत्रो के लिये ! नौकरी पेशा लोगो को कम दाम में समय पर सुरक्षित पहुँचाने वाली ये रेल काफी लोगो के लिये वरदान साबित हुई है ! जिस जिस क्षेत्रो...
निशब्द की ये स्थिति किसने पैदा की ? ये सवाल अब जरूरी इसीलिए हो गया है कि क्योंकि समय के साथ तकनीक के विकास में काफी बल दिया गया लेकिन जिस देश में उसकी भाषा और स्त्री जाति का अपमान हो वहां विकास सिर्फ ढकोसला बनके ही रह जाता है ! जब जब स्त्री जाति का अपमान...
भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक है हिंदी !भारत माता की आन-बान और शान है हिंदीक्रांतिकारियों के क्रांति का कारण है हिंदीस्वाभिमान है हिंदी,पहचान है हिंदीकौआ लाख बार भी मोर के पंख पहन ले पर वो मोर नही बन सकता ! उसी प्रकार अपने आप को दूसरे से अलग,मॉडर्न(आधुनिक) दिखने...