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सारांश सागर द्वारा प्रकाशित किया गया अनुभव को सारांश में बताकर स्वयं प्रेरित होकर सबको प्रेरित करना चाहता हूँ !             
पुराने समय की बात है। एक राज्य में एक राजा था। किसी कारण से वह अन्य गाँव में जाना चाहता था। एक दिन वह धनुष-बाण सहित पैदल ही चल पड़ा। चलते-चलते राजा थक गया। अत: वह बीच रास्ते में ही एक विशाल पेड़ के नीचे बैठ गया। राजा अपने धनुष-बाण बगल में रखकर, चद्दर ओढ़कर सो गया।...
गाँव के बीच शिव मन्दिर में एक संन्यासी रहा करते थे। मंदिर के ठीक सामने ही एक वैश्या का मकान था।वैश्या के यहाँ रात−दिन लोग आते−जाते रहते थे। यह देखकर संन्यासी मन ही मन कुड़−कुड़ाया करता। एक दिन वह अपने को नहीं रोक सका और उस वैश्या को बुला भेजा। उसके आते ही फटकारते ह...
एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ पकड़ लिया, यह देखकर...
ये कविता उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने मेरे जीवन में एक शिक्षक,गुरु की भांति मेरा मार्ग दर्शन किया है !! उनमे मेरे माता-पिता,मेरे अध्यापक व् अध्यापिका ,मेरे सगे-सम्बंधी व मेरे मित्र शामिल है !!आकर जीवन में आपने मुझेजीने का अर्थ बतलाया है,धन्य हुई जो आपके मैं...
ये ऐसी बात है जो सूक्ष्म है जल्दी समझ नही आने वाली पर भूत, वर्तमान पर गौर करेंगे तो पाएंगे ये उस शरीर के दो हाथ की तरह है जब एक आगे जाता है तो दूसरा पीछे ! और इसको समझने के बाद व्यक्ति सुख दुख से परे एक ऐसे संतोष को अनुभव करता है जो स्थाई होता है,वो समझ जाता है जीव...
ये वास्तव में वो नियम है य ये भी कह सकते है एक अलार्म जिससे हम आध्यत्म से जुड़े रहे ! धर्म कर्म से जुड़े रहे , परमात्मा से जुड़े रहे जैसे भोजन के लिये थाली प्लेट की आवश्यकता होती है वैसे ही पूजा के लिये इन नियम-सामग्री की आवश्यकता है ! भोजन तो जानवर भी करते है पर मनुष...
विवाह उपरांत राकेश और रीता बहुत खुश थे क्योंकि दोनों को अपना मनपसन्द जीवनसाथी जो मिल गया था !! हंसी-ख़ुशी सब सही चल रहा था पर बेटी को विदा करने का गम रीता की माँ को ज्यादा सहा नही गया और महज चार हफ्ते बाद ही रीता-राकेश को मिलने के लिए रीता के माता-पिता ने उन्हें फ़ोन...
एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी ! वैसे तो घडी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था !उसने खुद भी घडी खोजने का बहुत प्रयास किया, कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े तो कभी अनाज के ढेर में ….पर तामाम कोशिशों क...
 एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था । बाल भी सफ़ेद होने लगे थे । एक दिन उसने अपने दरबार में एक उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया । उत्सव को रोचक बनाने के लिए राज्य की सुप्रसिद्ध नर्तकी को भी बुलाया गया ।राजा न...