ब्लॉगसेतु

आज पता नहीं क्यों मुझे लगा की इस ब्लॉग पर शायरी के अलावा कुछ और भी लिखू सो आपके एक साथ मै एक घटना बात रहा हू कुछ समय पहले मै और मेरे दोस्त चाय पीने चाय वाले के यहाँ गए चुकी वो एक अलग कमरा लेकर रहता है सो चाय पीने  बाहर जाना ही पड़ता है और वैसे भी हम घूमते घूमत...
 पोस्ट लेवल : articles-blog Devendra-dev diary
हसरत है ये दिल कि, हम भी तन्हाई से मिले !देखे, तमाशा क्या है पूछेंगे,फिर किसी तमाशाई से मिले !वफाए हमने भी कि है,हसरत है अब बेवफाई से मिले !लोग कहते है बेसबब नहीं ये,अब किसी कि जुदाई से मिले !यकी मुझे नहीं, लोग उससे फ़रियाद करते है,हम  भी उस खुदा कि खुदाई...
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वो आज भी टूटी खाट पे सोता होगावो सबसे छुपकर के कही पर रोता होगाकभी मुझे याद करता होगाकभी किसी चेहरे में मुझे खोजता होगाकभी मिलने के लिए मुझसे तडपता होगाकभी खुद पे हँसता होगाकभी जागकर करवटे बदलता होगावो मेरा महबूब नहीं मेरा दिल है मैखान जो मेरे नकाब को देखकर डर...
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वक़्त रहा तो फिर मिलेंगे मैखानफ़िलहाल तो खुद से वक़्त न होने कि शिकायत करते हैवक़्त लगता है किसी जख्म को भर जाने मेंपर जब वक़्त ही उसकी वजह हो तो कोई क्या करेवक़्त ने जला दिया मुझको तिनका-तिनका करकेहम भी दीवाने थे शमा के, जल जाते यु भी उसके पास जाकरPurchase Shayari...
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ये भी जमाना है किवो पूछते है दिले हाल मेरेहो गया है नाम मेरा अब इस जहा मेंअब तो कह भी नहीं सकते कि अच्छे नहीं हालात फ़िलहाल मेरेPurchase Shayari Books
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वो दिल ही क्या जो दर्द को समेट न सकेऔर वो दर्द ही क्या जो दिल में समां न सकेहम और क्या कहे यारोवो इश्क-ऐ-रूमानी एहसास ही क्या जिसके बारे में बता न सकेPurchase Shayari Books
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वो भी सूरज है अपने घर कापर आज खुद ही घर को जला चूकाकुछ यु बदली है तासीर उसने अपनीकई बेगानों में वो अपनों का मजाक बना चुकान जाने कौन सा पर्दा आन पड़ा उसकी आँखों परखुद कि तरह वो औरो को अपना शिकार बना चुकाPurchase Shayari Books
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वायदे वो किया करते है जो निभाते नहींमंजिल कि और बढने को सब कहते है पर साथ आते नहींकुछ बेगुनाह होते है मगर गुनाहगार कहलाते हैअसल में वो दुनिया को अपनी नेकिया दिखाते नहींगम हर दिल में है, गमजदा हर इंसा है यहाँवो बताते है सबको और हम इन्हें तमगो कि तरह सजाते नहींनिगाहो...
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ऐ शहर तेरे बारे में सोचकर के हैरान हु में !क्या करू इन दिनों बहुत परेशां हु में !!की अब तू कुछ बदल सा गया है !आज इन ऊँची इमारतो के बीच में एक छोटा सा मकान हु में !!वो आज कही लुट गए तो कही क़त्ल किये जाते है !की अब और देखा सुना नहीं जाता, आखिर इन्सान हु में !!Purchas...
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वो एक पागल सी लड़की !कितने सवाल किये जाती है !!में सिर्फ जवाब देता हु !और वो बवाल किये जाती है !!हर छोटी बात में राय लेती है मेरी !बाते करते-करते मुझे बेहाल किये जाती है !!अब एक मुक्कमल जिन्दगी की तलाश है "मैखान" !वो जिन्दगी में आकर ऐसी जिन्दगी फ़िलहाल किये जाती है !...
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