ब्लॉगसेतु

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता कामरेड इन्द्रजीत गुप्त सिर्फ 1977-80 को छोड़कर 1960 से जीवनपर्यंत सांसद रहे। सबसे वरिष्ठ सांसद रहने के नाते वह तीन बार (1996, 1998, 1999) प्रोटेम स्पीकर बने और उन्होंने नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलायी। वह सीपीआई के राष्ट्...
Piyush Ranjan Jha16 hrs (20-07-2019 )सीपीआई के नवनिर्वाचित महासचिव कॉमरेड डी.राजा को अग्रिम बधाई। हालाँकि अभी औपचारिक घोषणा सीपीआई की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक की समाप्ति के बाद आज से २ दिन बाद होगी। यह कम्युनिस्ट पार्टी के लिए भी ऎतिहासिक क्षण होगा जब पार्टी प...
Arvind Raj Swarup Cpi13 hrs · लखनऊ,9 जुलाई 2019जानें मानें पत्रकार और नेता कॉम शमीम फ़ैज़ी को लखनऊ नें श्रधांजलि दी।जानें मानें पत्रकार और सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य कॉम शमीम फ़ैज़ी को कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय पर श्रधांजलि दी गई।उनका नि...
Hemant Kumar Jha3 hrs (04-07-2019 )ऐसा नहीं है कि ब्लादिमीर पुतिन के साथ रूस की जनता का व्यापक समर्थन है या शी जिनपिंग चीन की मेहनत कश जनता के ह्रदय सम्राट हैं। लेकिन, पुतिन दो दशकों से रूस के एकछत्र सम्राट बने हुए हैं और शी ने लंबे अरसे तक सत्ता में बने रहने...
अध्यापन का पेशा और मेरे तीन अपराध!हमने एम0एड के उपरांत नई नई एम0फिल0 एजुकेशन कम्पलीट की थी। अपने शहर मेरठ के विभिन्न प्राइवेट बी0एड0, एम0एड0 कॉलेज में टीचर एडुकेटर के रूप में शिक्षण करने के उद्देश्य से एक अच्छा सा रिज्यूम बनाया और मेरठ यूनिवर्सिटी के विभिन्न प्राइव...
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )वीरेंद्र यादव जी प्रगतिशील चिंतक हैं अतः उनकी तो बात साम्यवादी दलों को ग्रहण कर ही लेनी चाहिए। उनके द्वारा रामचन्द्र गुहा साहब के प्रस्ताव को स्वीकार कर...
अनिल सिन्हालखनऊ का लोहिया पार्क : मूर्तियों और प्रतीकों तक सिमट गई है विचारधारादेश के अधिकतर राजनीतिक दलों ने अपने आदर्श छोड़कर पूंजीवाद के आगे घुटने टेक दिए हैंविचारधाराओं की वापसी से ही बचेगा लोकतंत्र : जातियों के कई राजनीतिक समूह अब बड़ी संख्या में उस बीजेपी...
जब 1986 में मैं भाकपा में शामिल हुआ था तब कामरेड राम स्वरूप दीक्षित AICP ,  आगरा के जिलामंत्री थे। लेकिन भाकपा के कई कार्यक्रमों में उनसे मुलाक़ात होती रहती थी। जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के समर्थन में निकाले गए मशाल जुलूस में भी वह शामिल हुये थे और भाकपा नेताओं...
वाम को जनता व मजदूर वर्ग से उनकी भाषा में संपर्क करना होगा  ------ आकृति भाटिया   : पहले से निश्चित था कि , भाजपा की मोदी सरकार 2019 के चुनावों में छल - छद्यम से पुनः सत्तारूढ़ होने की जुगत में है जिसमें उसे सफलता इसीलिए मिल गई क्योंकि वामपंथी द...
*लखनऊ की सड़कों पर पेंशन के लिये लड़ते सरकारी कर्मचारियों का समूह हो या पटना की सड़कों पर अपने हक और सम्मान के लिये लड़ते नियोजित शिक्षकों की जमात हो, आउटसोर्सिंग के अमानुषिक शोषण का शिकार होते कर्मी हों या कर्ज से दबे किसान हों, सरकारी वैकेंसी के इंतजार में उम्र गंवात...