ब्लॉगसेतु

मज़दूरों के हथौड़ी ठोंकने की आवाज़,सब्जीवाले की दाम चीख़ती आवाज़,विश्वविद्यालयों कीगूँजती बेक़रार आवाज़,सुबह-सुबह अज़ान और मुकद्दस भजनों की आवाज़,बस्तियों में ढील हेरती युवतियों की आवाज़,सड़कों पर कोलतार बिछाते रोडरोलर की आवाज़,पोखरों में नंगे नहाते बच्चों की आवाज़,खेत को मथते ...
 पोस्ट लेवल : Independence day कविता Hindi Kavita Tarpan Patrika
आज मैं, वो नहीजो पहले थामैं बदल चुका हूं..........पहले था सीधा साधा, नेकदिल, विश्वासी, संजिदगी भरापर आज कितना बदल चुका हूँ ।माया के जंजीरों से जकड़ चुका हुँ ।देखता मौका हूँ,जब मिलता,मार लेता हूँ ।आजछिप गया है पाप मुझमे,मानसिक विकार मुझमे,पैसे का प्यार मुझें,ठगने का...
 पोस्ट लेवल : कविता Hindi Kavita Shayari
तुम कहते हो महिला की कोई जाति नहीं होती। फिर शोषण की कैसे अपनी जाति हो सकती है।तुम कहते हो आज के दौर में कहाँ है जातिवाद फिर क्यों हमें पायल तडवी की तरह मौत दे देते हो तुम ना जानो दर्द हमारा, आकर देखो फिर बोलोतुम्हे बस आता है हम पर व्यंग्य करनातुम क्या जानो समस्या...
 पोस्ट लेवल : कविता Hindi Kavita Teena karmveer Priyanka reddy
चुनावाँ की टेम मै भोत मजा आवीं हीं ।ओ मजो बै दूर बैठ्या ई उठावीं हैं ।---------जद बेरो पड़ै कैबसुन्दरा आरी है ।तो,भक्तां कै पाँख लाग्यावीं हीं ।पूरो जोर सोर, खुमारी बै,रेली मै उतारी हीं ।-------अयाँ'ईजद बेरो पड़ै कैगैलोत की रेली है ।तोलोग उफणना चालू हो ज्यावैं हीं ।च...
 पोस्ट लेवल : Chunav 2019 कविता Delhi chunav Chunav ayog
चंपक वन की शान निरालीदेखो आई है दीवालीभालू  ने की है खूब सफाईखरगोश भी लाए आज मिठाईबंदर  ने जलाए दीपकोयल सुनाए मीठे गीतहाथी बोला सब आ जाओनाचो-गाओ मौज मनाओवनराज ने भी सबको गले लगायाजंगल में मंगल छाया ,सबका मन हरषाया  कवियत्री निभा कुमारी       राजनगर , मधुबनी , बिहार...
    जीवन भर नर्तन किया, फिर ली आंखें मूँद ।   गर्म तवे पर नाचती, ज्यों छन-छन-छन बूँद ।।  ****'अंकुर'! मन के कुम्भ में, डाल प्रेम का इत्र । पीकर  महके मित्र बन, सारे शत्रु विचित्र ।।   ****रंच नहीं कटुता कहीं ,ऐसा हो संसार  । तब भव - सागर पार हो, तेरा-मेरा प्यार  ।।...
 पोस्ट लेवल : Bihari dohe दोहे Dohe Hindi Kavita
तबाही दूर नहीं, सोने की चिड़िया कीअभी तो कुतरे गए हैं पंख,आने वाले वक्त में,खत्म हो जाएंगे जंगल,दूषित हो जाएंगी नदियां,फटने लगेंगे कान के पर्दे,पर आधुनिक मानव,अभी सुविधाएं चाहता है।भारत, अब भी विकासशील हैसम्भवतः पचास साल बाद भी रहेगाविकास की 'रेस' में,दौड़ रहा निरन्त...
बिटिया सयानी हो गई,मां के बराबर हो गई है।खोज कर अच्छा सा रिश्ता,हाथ पीले कर दो इसके।हो गया अब क्या होगा पढ़ के,जाए अब वो घर बसाए।देखे अपना घर बार अब वो,समझे थोड़ी दुनिया दारी।अब बात ऐसी हो रही है,रिश्तेदारों की मीटिंग में।बिटिया बेचारी शांत होकर,पर्दे के पीछे से सु...
कपड़े मैले कुचले पाँव नंगे चेहरा धूल से सना और आग-सी चिलचिलाती धूप, हाथ में प्लास्टिक के तिरंगों का गुच्छा लिए शहर की सबसे तंग रेड लाइट पर,सस्ती-महंगी सभी गाड़ियों की शीशें पीटतीं वो गूंगी लड़की। नज़र तक न फेरते कारों वाले,कभी इन्तजार कर तो कभी दुत्कारने पर आगे बढ़ जाते...
क्या होगा भयानक दृश्य वहांवीरों ने गवाये प्राण जहांकतरा कतरा था खून गिराथम गया समय ही पल में वहांचल रहे लोग चलतीं गाड़ीहुआ रक्त तेज रुक गयीं नाड़ीझकझोर दिया इस हमले नेदेखें रस्ता घर माँ ठाढ़ीथी उम्र अभी बचपने कीकुरबानी दे दी सपनों कीवो गया देश रक्षा हित मेंआ बाहों में...