ब्लॉगसेतु

Inside story of united coffee houseआधुनिक फैशन व ट्रेंड के मामले में कनॉट प्‍लेस का कोई जोड़ नहीं है पर यहां मौजूद इंडियन कॉफी हाउस इंडियन कॉफी हाउसमें जैसे ही आप कदम रखते हैं यहां का माहौल आपको करीब 75 पीछे ले जाता है। साल 1940 में बनाए गए इस कॉफी हाउस की बास...
 पोस्ट लेवल : Inside story of united coffee house
delhi metro heritage lineजहां दीवारें शाहजहांनाबाद की तारीफ में कसीदे पढ़ती है। कहीं लाल किला तो कहीं जामा मस्जिद के चित्र पर्यटकों का कौतुहल तो बढ़ाते ही है इतिहास पर गाहे बगाहे चर्चा का विषय बन जाते हैं। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन की रंग बिरंगी दीवारों से होक...
 पोस्ट लेवल : olddelhi delhimetro SHAHJAHANABAD
जहां दीवारें शाहजहांनाबाद की तारीफ में कसीदे पढ़ती है। कहीं लाल किला तो कहीं जामा मस्जिद के चित्र पर्यटकों का कौतुहल तो बढ़ाते ही है इतिहास पर गाहे बगाहे चर्चा का विषय बन जाते हैं। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन की रंग बिरंगी दीवारों से होकर गेट से बाहर निकलते ही पुरानी...
 पोस्ट लेवल : olddelhi delhihistory delhimetro heritageline
धौलाकुआं के नाम के पीछे की कहानी बहुत दिलचस्प है। इतिहासकार बताते हैं कि सन 1857 यह कुआं पहले स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बना था। इसी कुएं पर देश को आजाद कराने के लिए वीर सेनानियों ने शपथ ली थी। कहा जाता है कि हरियाणा, यूपी और दिल्ली से आए हजारों सेनानियों ने इस कुए...
दिल्ली.शहर जो कंक्रीटों के साये में पल रहा है। हर कदम इमारतों के मकडज़ाल ने दिल्ली को इस कदर अपने कब्जे में लिया है कि हवा भी टकराकर यहां दम तोड़ देती है। लेकिन ये हालत पहले नहीं थे। बाग बगीचों की चाहत दिल्ली के दिल में बरसों से रही है। तभी तो मुगलों ने शहर के विकास...
दिल्ली स्थित जेएनयू कन्वेंशन सेंटर..चारो तरफ पसरा था..प्रतिभागी व दर्शक बड़ी बेसब्री से तीजन बाई का इंतजार कर रहे थे। दो लोगों के सहयोग से वो स्टेज पर चढ़ी तो दर्शकों के सामने उम्र व पैरों में तकलीफ की बात कहते हुए सामथ्र्य अनुसार प्रस्तुति नहीं दे पाने पर क्षमा मा...
 पोस्ट लेवल : artandculture teejanbai spicmacay
फिल्म की पटकथा यदि अच्छी नहीं है तो बड़े स्टॉरकास्ट की फिल्में भी बाक्स आफिस पर धड़ाम बोल जाती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी स्टारर न्याय योजना के साथ। चुनावी मौसम में इसे जितनी जोर शोर से रिलीज किया गया था उतनी ही जल्दी ये औंधे मुंह गिरी। कारण, न...
आगरा, दिल्ली की सौतन है। वैसे तो दिल्ली की कई सौतन हुई मगर दो सौतन बहुत भारी पड़ी। एक देवगीर दूसरी आगरा। मगर देवगीर के साथ तो ये हुआ कि नई नौ दिन पुरानी सौ दिन। बड़ी जल्दी सुल्तान मुहम्मद तुगलक का मन भर गया। सारे शौक सारे अरमान पूरे हो गए। तुगलक ने पहले दिल्ली को ब...
लाडो सराय, कालू सराय, शेख सराय, बेर सराय, सराय रोहिल्ला, नेब सराय, कटवरिया सराय..दिल्ली में एक दो नहीं बल्कि कई सराय मिलेंगे। ये सराय जो कभी ठिकाना होते थे यात्रियों के सुरक्षित प्रवास के। जहां यात्री, कारोबारी, तीर्थयात्री विश्राम करते थे, वो भी निश्चिंत होकर। इन...
महमूद असोला में रहते हैं, कैब चलाते हैं। चुनाव संबंधी चर्चा में शामिल होते ही बोल पड़ते हैं- ‘आप’ तो गई सर। इस बार विधानसभा में कांग्रेस की वापसी के चांस ज्यादा हैं।और भाजपा...कहते हैं--लोकसभा में लोगों ने वोट दे दिया है, अब ये तो विधानसभा है। आम आदमी पार्टी ने कुछ...